{"_id":"60d0f20a8ebc3ef20c03c5a4","slug":"commissioner-incpecton-12-employee-absent-jhansi-news-jhs197667292","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार ने कहा कि सभी आफिस जाएं, लेकिन सरकारी दफ्तरों में तमाम गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार ने कहा कि सभी आफिस जाएं, लेकिन सरकारी दफ्तरों में तमाम गायब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार ने कहा कि सभी आफिस जाएं, लेकिन सरकारी दफ्तरों में तमाम गायब
झांसी। कोरोना की दूसरी लहर मंद होने के बाद सोमवार को कार्यालयों में सभी कर्मचारियों की उपस्थिति के शासन के निर्देश के बाद भी कई कार्यालयों में कर्मचारी गायब रहे। कहीं 21 में से 11 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए तो कहीं 15 में से 12 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। स्थिति यह रही कि सात मंडलीय कार्यालयों में जांच के दौरान 90 कर्मचारियों में से 41 गैरहाजिर पाए गए। इसमें अधिकारी भी शामिल हैं। मंडलायुक्त ने अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोक दिया और स्पष्टीकरण मांगा है।
सोमवार को शासन ने कार्यालयों में सभी कर्मचारियों की उपस्थिति के निर्देश दिए थे। कर्मचारियों की जांच के लिए मंडलायुक्त डा. अजय शंकर पांडेय ने अलग- अलग टीमें गठित कीं। अपर आयुक्त प्रशासन आरपी मिश्रा ने सुबह 10.10 बजे संयुक्त कृषि निदेशक कार्यालय का निरीक्षण किया। संयुक्त कृषि निदेशक देरी से उपस्थित हुए। कार्यालय में 21 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से 11 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। कार्यालय में कोविड हेल्प डेस्क बनी हुई थी। इसके बाद 10.25 बजे लोक निर्माण विभाग के मंडलीय कार्यालय के निरीक्षण में अधिशासी अभियंता सुनील कुमार अनुपस्थित मिले। 18 कर्मचारियों में से 10 कर्मचारी अनुपस्थित थे। कोविड हेल्प डेस्क पर कोई कर्मचारी नही था। 10.35 बजे अपर निदेशक पशुपालन विभाग के मंडलीय कार्यालय में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा वाईएस तोमर, जिनके ऊपर अपर निदेशक का अतिरिक्त प्रभार है, वह अवकाश पर थे। 15 कर्मचारियों में से 12 कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
इसी तरह अपर आयुक्त न्यायिक प्रमिल कुमार सिंह ने सुबह 10.12 बजे महाप्रबंधक झांसी डिवीजन जल संस्थान कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां तृतीय श्रेणी के 13 कर्मचारी कार्यरत हैं, इनमें तीन उपस्थित मिले। चतुर्थ श्रेणी के छह कर्मचारियों में से दो अनुपस्थित मिले। 10.31 बजे क्षेत्रीय भूमि परीक्षण प्रयोगशाला कार्यालय में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 12 कर्मचारियों में से तीन कर्मचारी उपस्थित मिले। आठ कर्मचारी गैरहाजिर व एक कर्मचारी चिकित्सा अवकाश पर पाया गया।
विज्ञापन
संयुक्त विकास आयुक्त मिथलेश सचान ने सुबह 10.10 बजे उपायुक्त खाद्य कार्यालय का निरीक्षण किया। उपायुक्त नीरज कनौजिया अनुपस्थित मिले। कार्यालय में चार कर्मचारी तैनात हैं, जिसमें से एक लिपिक अनुपस्थित और एक अवकाश पर मिला। एक चपरासी अनुपस्थित मिला। 11 बजे संयुक्त आयुक्त उद्योग कार्यालय में उपायुक्त उद्योग जिलाधिकारी की मीटिंग में गए थे। सहायक प्रबंधक क्षेत्रीय भ्रमण पर थे। यहां 11 कर्मचारियों में से पांच अनुपस्थित मिले। कोविड हेल्प डेस्क पर बचाव हेतु सैनिटाइजर व तापमान मापने वाली मशीन पाई गई।
आगे भी होंगे निरीक्षण, अधिकारी आदत बदल लें: मंडलायुक्त
मंडलायुक्त डा. अजय शंकर पांडेय ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार के आकस्मिक निरीक्षण कराए जाते रहेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी व कर्मचारी अवकाश प्रार्थना पत्र स्वीकृत कराए बिना अनुपस्थित हैं तो उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। सामान्यतया मंडलीय अधिकारी सार्वजनिक अवकाश के पूर्व अवकाश प्रार्थना पत्र छोड़कर मुख्यालय से बाहर चले जाते हैं और अगले कार्य दिवस में देर से पहुंचते है। यह प्रवृत्ति आपत्तिजनक है। मंडलीय अधिकारी अवकाश प्रार्थना पत्र अपर आयुक्त प्रशासन को उपलब्ध कराएंगे। स्वीकृत होने के बाद ही मुख्यालय छोडे़ंगे और अगले दिन निर्धारित समय पर उपस्थित होंगे। अवकाश पर आवश्यकता होने पर ही मुख्यालय छोड़ने का आवेदन करें। सामान्य आदत के अनुसार अवकाश पर बिना आवश्यकता के मुख्यालय से बाहर रहने की प्रवृत्ति बदल लें।
विज्ञापन
झांसी। कोरोना की दूसरी लहर मंद होने के बाद सोमवार को कार्यालयों में सभी कर्मचारियों की उपस्थिति के शासन के निर्देश के बाद भी कई कार्यालयों में कर्मचारी गायब रहे। कहीं 21 में से 11 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए तो कहीं 15 में से 12 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। स्थिति यह रही कि सात मंडलीय कार्यालयों में जांच के दौरान 90 कर्मचारियों में से 41 गैरहाजिर पाए गए। इसमें अधिकारी भी शामिल हैं। मंडलायुक्त ने अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोक दिया और स्पष्टीकरण मांगा है।
सोमवार को शासन ने कार्यालयों में सभी कर्मचारियों की उपस्थिति के निर्देश दिए थे। कर्मचारियों की जांच के लिए मंडलायुक्त डा. अजय शंकर पांडेय ने अलग- अलग टीमें गठित कीं। अपर आयुक्त प्रशासन आरपी मिश्रा ने सुबह 10.10 बजे संयुक्त कृषि निदेशक कार्यालय का निरीक्षण किया। संयुक्त कृषि निदेशक देरी से उपस्थित हुए। कार्यालय में 21 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से 11 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। कार्यालय में कोविड हेल्प डेस्क बनी हुई थी। इसके बाद 10.25 बजे लोक निर्माण विभाग के मंडलीय कार्यालय के निरीक्षण में अधिशासी अभियंता सुनील कुमार अनुपस्थित मिले। 18 कर्मचारियों में से 10 कर्मचारी अनुपस्थित थे। कोविड हेल्प डेस्क पर कोई कर्मचारी नही था। 10.35 बजे अपर निदेशक पशुपालन विभाग के मंडलीय कार्यालय में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा वाईएस तोमर, जिनके ऊपर अपर निदेशक का अतिरिक्त प्रभार है, वह अवकाश पर थे। 15 कर्मचारियों में से 12 कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
विज्ञापन
इसी तरह अपर आयुक्त न्यायिक प्रमिल कुमार सिंह ने सुबह 10.12 बजे महाप्रबंधक झांसी डिवीजन जल संस्थान कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां तृतीय श्रेणी के 13 कर्मचारी कार्यरत हैं, इनमें तीन उपस्थित मिले। चतुर्थ श्रेणी के छह कर्मचारियों में से दो अनुपस्थित मिले। 10.31 बजे क्षेत्रीय भूमि परीक्षण प्रयोगशाला कार्यालय में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 12 कर्मचारियों में से तीन कर्मचारी उपस्थित मिले। आठ कर्मचारी गैरहाजिर व एक कर्मचारी चिकित्सा अवकाश पर पाया गया।
विज्ञापन
संयुक्त विकास आयुक्त मिथलेश सचान ने सुबह 10.10 बजे उपायुक्त खाद्य कार्यालय का निरीक्षण किया। उपायुक्त नीरज कनौजिया अनुपस्थित मिले। कार्यालय में चार कर्मचारी तैनात हैं, जिसमें से एक लिपिक अनुपस्थित और एक अवकाश पर मिला। एक चपरासी अनुपस्थित मिला। 11 बजे संयुक्त आयुक्त उद्योग कार्यालय में उपायुक्त उद्योग जिलाधिकारी की मीटिंग में गए थे। सहायक प्रबंधक क्षेत्रीय भ्रमण पर थे। यहां 11 कर्मचारियों में से पांच अनुपस्थित मिले। कोविड हेल्प डेस्क पर बचाव हेतु सैनिटाइजर व तापमान मापने वाली मशीन पाई गई।
आगे भी होंगे निरीक्षण, अधिकारी आदत बदल लें: मंडलायुक्त
मंडलायुक्त डा. अजय शंकर पांडेय ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार के आकस्मिक निरीक्षण कराए जाते रहेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी व कर्मचारी अवकाश प्रार्थना पत्र स्वीकृत कराए बिना अनुपस्थित हैं तो उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। सामान्यतया मंडलीय अधिकारी सार्वजनिक अवकाश के पूर्व अवकाश प्रार्थना पत्र छोड़कर मुख्यालय से बाहर चले जाते हैं और अगले कार्य दिवस में देर से पहुंचते है। यह प्रवृत्ति आपत्तिजनक है। मंडलीय अधिकारी अवकाश प्रार्थना पत्र अपर आयुक्त प्रशासन को उपलब्ध कराएंगे। स्वीकृत होने के बाद ही मुख्यालय छोडे़ंगे और अगले दिन निर्धारित समय पर उपस्थित होंगे। अवकाश पर आवश्यकता होने पर ही मुख्यालय छोड़ने का आवेदन करें। सामान्य आदत के अनुसार अवकाश पर बिना आवश्यकता के मुख्यालय से बाहर रहने की प्रवृत्ति बदल लें।