{"_id":"599f21e24f1c1b43728b45bf","slug":"come-on-the-witch-decorated-pandal-echo","type":"story","status":"publish","title_hn":"आ गए विघ्नहर्ता, सज गए पंडाल, गूंजें जयकारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आ गए विघ्नहर्ता, सज गए पंडाल, गूंजें जयकारे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Aug 2017 12:28 AM IST
विज्ञापन
ganesji, jhansi news
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी।
आज से महानगर गणपति बप्पा मोरिया के जयकारों से गूंजेगा। कई इलाकों में शानदार पंडालों में विघ्नहर्ता गणेश जी विराजेंगे। पूजा-अर्चना होगी। इस दौरान गणेश की कई स्वरूपों के दर्शन होंगे। 5 सितंबर अनंत चतुर्दशी तक उत्सव होगा। बृहस्पतिवार की रात ढोल-नगाड़ों के बीच गणेश प्रतिमाएं पंडालों तक लाई गईं। इस दौरान जयकारे गूंजते रहे।
भगवान गणेश के जोरदार स्वागत और उनको विराजमान करने के लिए सीपरी, सदर, शहर, आवास विकास, प्रेमनगर नगरा सहित कई प्रमुख बाजारों में गणेश कमेटियों के सदस्यों ने बडे़ और भव्य पंडाल तैयार कराए, जिन्हें आकर्षक और मंदिर क ा रूप बनाने के लिए पूरे दिन और रात में युवा और बच्चे जुटे रहे। चमन गंज में श्री गणेश महोत्सव सेवादल के संयोजक दिनेश प्रताप सिंह बंटी के मुताबिक लगभग 450 मीटर के दायरे में बन रहे पंडाल को मुंबई, इंदौर के बडे़ पंडालों की तरह तैयार किया जा रहा है। आयोजन में 5 लाख रुपये का खर्च होता है।
बाहुबलि और साफा बांधे गणेश
बाहुबलि रूप में शिव प्रतिमा कंधे पर लिए गणेश के अलावा, साफा बांधे, नंदी बैल, मूषक मोर, बगुला, सर्प शैय्या पर बैठे भगवान गणेश की लघु प्रतिमाओं ने बच्चों को खासा आकर्षित किया, जिन्हें वे अपने घर में विराजमान व पूजा करने के लिए ले गए। 30 से 500 रुपये तक में प्रतिमाएं उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
घरों में भी उत्साह, झांकियां
भगवान गणेश पांच सितंबर तक श्रद्धालुओं को अपने आशीष से निहाल करेंगे। श्रद्धालुओं ने भी गौरी पुत्र की सेवा पूजा के लिए पूर्ण तैयारी कर ली है। भक्तों का कहना है कि घर में झांकी सजाएंगे और पूरे उत्साह गजानन की पूजा करेंगे। गणेश उत्सव और झांकी सजाने को लेकर बच्चों में विशेष उत्साह है।
संस्कृति से जोड़ता है गणेश उत्सव
बच्चे खुद सुबह और शाम की भगवान गणेश का श्रृंगार और आरती करते हैं। यह पर्व बच्चों को अपनी धर्म संस्कृति से जोड़ता हैं।
डा. अचल सिंह चिरार शिक्षक
माता-पिता की सेवा का संदेश
भगवान गणेश माता पिता की सेवा करने का संदेश देते हैं। इसी के कारण वह देवताओं में प्रथम पूज्यनीय हैं। बच्चे और पूरा परिवार नियमित हवन, श्रृंगार और आरती करता है।
पं. शांतनु पांडेय ज्योतिषविद्व
महाराष्ट्र समाज में गणेश उत्सव आज से
सीपरी बाजार स्थित छत्रपति शिवाजी सभागार में महाराष्ट्र समाज की ओर से गणेशोत्सव 90 वें वर्ष में प्रवेश करेगा। शुक्रवार की सुबह 9 बजे भगवान की वैदिक मंत्रों के साथ प्रतिमा स्थापित की जाएगी। रात नौ बजे से महिला समाज सीपरी की ओर से भजन कार्यक्रम होगा। इधर महाराष्ट्रीय समिति शहर की ओर से महाराष्ट्र गणेश मंदिर में सुबह 11 बजे भगवान की प्रतिमा वैदिक मंत्रों के बीच स्थापित की जाएगी। रात 8 बजे कीर्तन होगा। श्री गणेश महोत्सव महासमिति के तत्वावधान में किला स्थित प्राचीन गणेश मंदिर में दोपहर 12 बजे से पूजा अर्चना और महाआरती होगी। युवा ब्राह्मण महासंघ की ओर से पत्रकार भवन में रंगोली प्रतियोगिता होगी।
हरितालिका तीज पर रात भर हुए भजन कीर्तन
बृहस्पतिवार को हरितालिका तीज पर्व मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अपने पतियों की लंबी आयु और कुंवारी लड़कियों ने अच्छे पति की कामना के लिए 24 घंटे का निर्जल व्रत रखा। रात में भजन कीर्तन कर मां गौरी और भगवान शिव की पूजा की। धार्मिक मान्यता है कि हरितालिका तीज पर मां गौरी ने कठोर तपस्या का भगवान शिव को पति के रूप में पाने का वरदान पाया था।
दिन भर रहेगा शुभ मुर्हूत
गणेश पूजन का अति शुभ मुहूर्त शुक्रवार को सुबह 7:30 बजे से 9 बजे तक रहेगा। रात 9 बजे तक भी पूजा, प्रतिमा स्थापना और पाठ अनुष्ठान के लिए शुभ समय रहेगा। मान्यता है कि भगवान गणेश का जन्म दोपहर में हुआ था। ऐसे में दोपहर में गौरी पुत्र की पूजा व पाठ का विशेष महत्व है। महंत विष्णु दत्त स्वामी के मुताबिक मेष राशि के जातक भगवान गणेश को दुर्वा, पान, सुपाड़ी व गुलाबी फूल, वृष के जातक चांदी का वर्क लगा पान, मिथुन राशि के जातक लड्डू, कर्क के मेवा, सिंह के लाल फूूल, कन्या वाले नारियल, तुला राशि के जातक खोवा के लड्डू, वृश्चिक राशि वाले पान, धनु वाले बूंदी के लड्डू, मकर वाले खोवा के लड्डू, कुंभ वाले मिट्टी के कलश में लड्डू रखकर और मीन राशि वाले हल्दी व मेवा गणेश जी को चढ़ाएं।
विज्ञापन
आज से महानगर गणपति बप्पा मोरिया के जयकारों से गूंजेगा। कई इलाकों में शानदार पंडालों में विघ्नहर्ता गणेश जी विराजेंगे। पूजा-अर्चना होगी। इस दौरान गणेश की कई स्वरूपों के दर्शन होंगे। 5 सितंबर अनंत चतुर्दशी तक उत्सव होगा। बृहस्पतिवार की रात ढोल-नगाड़ों के बीच गणेश प्रतिमाएं पंडालों तक लाई गईं। इस दौरान जयकारे गूंजते रहे।
भगवान गणेश के जोरदार स्वागत और उनको विराजमान करने के लिए सीपरी, सदर, शहर, आवास विकास, प्रेमनगर नगरा सहित कई प्रमुख बाजारों में गणेश कमेटियों के सदस्यों ने बडे़ और भव्य पंडाल तैयार कराए, जिन्हें आकर्षक और मंदिर क ा रूप बनाने के लिए पूरे दिन और रात में युवा और बच्चे जुटे रहे। चमन गंज में श्री गणेश महोत्सव सेवादल के संयोजक दिनेश प्रताप सिंह बंटी के मुताबिक लगभग 450 मीटर के दायरे में बन रहे पंडाल को मुंबई, इंदौर के बडे़ पंडालों की तरह तैयार किया जा रहा है। आयोजन में 5 लाख रुपये का खर्च होता है।
विज्ञापन
बाहुबलि और साफा बांधे गणेश
बाहुबलि रूप में शिव प्रतिमा कंधे पर लिए गणेश के अलावा, साफा बांधे, नंदी बैल, मूषक मोर, बगुला, सर्प शैय्या पर बैठे भगवान गणेश की लघु प्रतिमाओं ने बच्चों को खासा आकर्षित किया, जिन्हें वे अपने घर में विराजमान व पूजा करने के लिए ले गए। 30 से 500 रुपये तक में प्रतिमाएं उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
घरों में भी उत्साह, झांकियां
भगवान गणेश पांच सितंबर तक श्रद्धालुओं को अपने आशीष से निहाल करेंगे। श्रद्धालुओं ने भी गौरी पुत्र की सेवा पूजा के लिए पूर्ण तैयारी कर ली है। भक्तों का कहना है कि घर में झांकी सजाएंगे और पूरे उत्साह गजानन की पूजा करेंगे। गणेश उत्सव और झांकी सजाने को लेकर बच्चों में विशेष उत्साह है।
संस्कृति से जोड़ता है गणेश उत्सव
बच्चे खुद सुबह और शाम की भगवान गणेश का श्रृंगार और आरती करते हैं। यह पर्व बच्चों को अपनी धर्म संस्कृति से जोड़ता हैं।
डा. अचल सिंह चिरार शिक्षक
माता-पिता की सेवा का संदेश
भगवान गणेश माता पिता की सेवा करने का संदेश देते हैं। इसी के कारण वह देवताओं में प्रथम पूज्यनीय हैं। बच्चे और पूरा परिवार नियमित हवन, श्रृंगार और आरती करता है।
पं. शांतनु पांडेय ज्योतिषविद्व
महाराष्ट्र समाज में गणेश उत्सव आज से
सीपरी बाजार स्थित छत्रपति शिवाजी सभागार में महाराष्ट्र समाज की ओर से गणेशोत्सव 90 वें वर्ष में प्रवेश करेगा। शुक्रवार की सुबह 9 बजे भगवान की वैदिक मंत्रों के साथ प्रतिमा स्थापित की जाएगी। रात नौ बजे से महिला समाज सीपरी की ओर से भजन कार्यक्रम होगा। इधर महाराष्ट्रीय समिति शहर की ओर से महाराष्ट्र गणेश मंदिर में सुबह 11 बजे भगवान की प्रतिमा वैदिक मंत्रों के बीच स्थापित की जाएगी। रात 8 बजे कीर्तन होगा। श्री गणेश महोत्सव महासमिति के तत्वावधान में किला स्थित प्राचीन गणेश मंदिर में दोपहर 12 बजे से पूजा अर्चना और महाआरती होगी। युवा ब्राह्मण महासंघ की ओर से पत्रकार भवन में रंगोली प्रतियोगिता होगी।
हरितालिका तीज पर रात भर हुए भजन कीर्तन
बृहस्पतिवार को हरितालिका तीज पर्व मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अपने पतियों की लंबी आयु और कुंवारी लड़कियों ने अच्छे पति की कामना के लिए 24 घंटे का निर्जल व्रत रखा। रात में भजन कीर्तन कर मां गौरी और भगवान शिव की पूजा की। धार्मिक मान्यता है कि हरितालिका तीज पर मां गौरी ने कठोर तपस्या का भगवान शिव को पति के रूप में पाने का वरदान पाया था।
दिन भर रहेगा शुभ मुर्हूत
गणेश पूजन का अति शुभ मुहूर्त शुक्रवार को सुबह 7:30 बजे से 9 बजे तक रहेगा। रात 9 बजे तक भी पूजा, प्रतिमा स्थापना और पाठ अनुष्ठान के लिए शुभ समय रहेगा। मान्यता है कि भगवान गणेश का जन्म दोपहर में हुआ था। ऐसे में दोपहर में गौरी पुत्र की पूजा व पाठ का विशेष महत्व है। महंत विष्णु दत्त स्वामी के मुताबिक मेष राशि के जातक भगवान गणेश को दुर्वा, पान, सुपाड़ी व गुलाबी फूल, वृष के जातक चांदी का वर्क लगा पान, मिथुन राशि के जातक लड्डू, कर्क के मेवा, सिंह के लाल फूूल, कन्या वाले नारियल, तुला राशि के जातक खोवा के लड्डू, वृश्चिक राशि वाले पान, धनु वाले बूंदी के लड्डू, मकर वाले खोवा के लड्डू, कुंभ वाले मिट्टी के कलश में लड्डू रखकर और मीन राशि वाले हल्दी व मेवा गणेश जी को चढ़ाएं।