लौट आओ, दिवाली संग मनाएंगे ...मजदूरों को एसी कोच का टिकट भेजकर बुला रहे उद्योगपति
- महाराष्ट्र, गुजरात, केरल से सबसे ज्यादा पहुंच रहे मजदूरों के पास संदेश, दिए जा रहे ऑफर
- रहने और खाने की अच्छी व्यवस्था करने का किया जा रहा दावा, कई जगह से बसें भी आईं
- झांसी रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में पहुंच रहे मजदूर, अमर उजाला ने की इनसे बातचीत
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इनमें कोई जून में घर लौटा था कोई जुलाई में। एक लंबा समय अपने गांव और कस्बे में मजदूरी करके बिता दिया। लेकिन अब इन मजदूरों को वापस बुलाया जा रहा है। बुलाने के लिए भी खास ऑफर दिए जा रहे हैं। ट्रेन के एसी कोच का टिकट भेजा जा रहा है। रहने और खाने की अच्छी व्यवस्था के दावे हो रहे हैं। इन सभी से कहा गया है कि अगर दिवाली से पहले आएंगे तो त्योहार साथ मनाएंगे। त्योहारों का गिफ्ट भी मिलेगा। रविवार को झांसी रेलवे स्टेशन पर मिले प्रवासी मजदूरों से जब अमर उजाला ने बातचीत की तो महाराष्ट्र और गुजरात के उद्योगपतियों के बड़े बड़े सुनहरे त्योहारी ऑफर जानने को मिले।
कोराना संकट में लॉकडाउन के चलते जब सभी फैक्टरी और कारखाने बंद हो गए तो मजदूर अपने गांव को लौट आए। उत्तर प्रदेश की अगर बात करें तो झांसी, ललितपुर, महोबा, गोंडा, बहराइच, कुशीनगर, बस्ती, गोरखपुर, संतकबीरनगर और बलिया में सबसे ज्यादा मजदूरों की वापसी हुई थी। आहिस्ता आहिस्ता जब कारोबार पटरी पर आने लगा तो मजदूरों ने भी वापसी शुरू कर दी। लेकिन एक बड़ी संख्या ऐसे प्रवासी मजदूरों की भी है जो फिलहाल जा नहीं रहे हैं। लिहाजा इन लोगों को बुलाने के लिए कारोबारी पूरी ताकत लगा रहे हैं। इन लोगों को बेहतर सुविधा देने की बात की जा रही है।
झांसी रेलवे स्टेशन पर मिले कुशीनगर के मंजूर आलम ने बताया कि वह केरल में एक फैक्टरी में काम करता था। काफी समय से गांव में था लेकिन अब ठेकेदार ने एसी कोच का टिकट भेजा और रहने की व्यवस्था करने की बात की है तो आज वापस जा रहा है। संतकबीरनगर के धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि वह 20 लोग वापस आए थे। अब सभी से कहा जा रहा है कि दीपावली से पहले आएंगे तो बोनस भी मिलेगा। कपड़े भी मिलेंगे। बच्चों को गिफ्ट दिए जाएंगे। लिहाजा परिवार के साथ वापसी कर रहे हैं।
गोरखपुर के अमन कुमार का कहना है कि अब कारोबारियों को भी पता चल गया है कि मजदूर के बिना कुछ हो नहीं सकता। कपड़ा मिल में वह 20 साल से काम कर रहा है। एक्सपर्ट मजदूर मिलने आसान नहीं हैं लिहाजा मालिक बार-बार फोन कर रहे हैं। बहराइच के लालचरन ने बताया कि पहले उसने सोचा था कि अब लौटेगा नहीं। लेकिन काम तो करना ही है। वेतन बढ़ाने की बात ठेकेदार कर रहा है तो जाकर देख लेते हैं। बस्ती के अजय ने बताया कि वह गुजरात में सोने की पॉलिश का काम कर रहा था। जुलाई में आ गया था लेकिन अब बार बार फोन आ रहे हैं तो वापसी की जा रही है।
ये दिए जा रहे हैं ऑफर...
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रहने की अच्छी व्यवस्था
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वेतन में की जा रही बढ़ोत्तरी
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बोनस की भी व्यवस्था कर रहे
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च्चों की पढ़ाई की व्यवस्था
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दीपावली पर परिवार को गिफ्ट
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बसें भी भेजी जा रही हैं मजदूरों के लिएकेवल ट्रेन से ही नहीं बल्कि बसों से भी मजदूरों को बुलाया जा रहा है। झांसी, ललितपुर, दतिया, टीकमगढ़ में भी मजदूरों को लाने के लिए बसें पहुंच रही हैं। सभी की कोशिश है कि दीपावली से पहले ही मजदूर आ जाएं तो बेहतर है। ताकि से उद्योग रफ्तार पकड़ सकें।
यात्री शेड में उमड़ रही भीड़
झांसी रेलवे स्टेशन के यात्री शेड में इन दिनों भीड़ उमड़ रही है। इसमें सबसे ज्यादा तादाद प्रवासी मजदूरों की है। अपने जिले से सुबह मजदूर ट्रेन पकड़ने के लिए झांसी स्टेशन पहुंचते हैं। वहीं पहली बार एसी कोच में सफर करने को लेकर मजदूरों में उत्साह नजर आता है।