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‘जिज्जी खौं फिर आओ बुंदेलखंड को खयाल’
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Nov 2016 12:32 AM IST
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parivartan yatra jhansi
- फोटो : amar ujala
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लोकसभा चुनाव में उन्होंने बुंदेलखंड राज्य बनाने का वादा किया था। अब रविवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए हुई परिवर्तन यात्रा की रैली में उन्होंने इस मुद्दे को फिर से हवा दी। हालांकि, पृथक राज्य की राह में आ रही अड़चनों को बताकर भी उन्होंने अपना बचाव किया।
लोकसभा चुनाव के पूर्व क्राफ्ट मेला मैदान में आयोजित जनसभा में पीएम मोदी की मौजूदगी में उमा भारती ने जनता को तीन साल के अंदर बुंदेलखंड राज्य बनाने का आश्वासन दिया था। चुनाव जीतकर उमा के केंद्र में मंत्री बनते ही इस उम्मीद को पंख लग गए थे। अलग राज्य के समर्थकों को आशा थी कि केंद्र सरकार में ताकतवर हैसियत रखने वाली उमा बुंदेलखंड राज्य बनवाकर नई इबारत लिखेंगी। मगर, वे बुंदेलखंड राज्य बनाने का आश्वासन भूल गई। जब भी बुंदेलखंड राज्य पर उनसे सवाल किया गया गोलमोल जवाब देकर बात टाल दी। खुद कभी किसी भाषण के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा भी नहीं की। उनके इस रवैये से खफा कई संगठनों ने उनके खिलाफ आंदोलन भी शुरू कर दिया है। अब विधानसभा चुनाव नजदीक है लोग उनके आश्वासन के बारे में जरूर पूछेंगे।
रविवार को परिवर्तन सभा में खुद की यह मुद्दा उठाकर बुंदेलखंड राज्य निर्माण पर अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि इसके लिए मध्य प्रदेश अपना हिस्सा नहीं देगा। आंदोलनकारियों को यूपी के हिस्से से ही बुंदेलखंड का नक्शा तैयार करना चाहिए। नये स्वरूप को वह राज्य सरकार के समक्ष रखेंगी, जिससे बुंदेलखंड राज्य बनने का रास्ता साफ होगा। वर्तमान स्थिति में अगर केंद्र सरकार राज्य पुनर्गठन आयोग बना भी दे तो बुंदेलखंड राज्य नहीं बन सकेगा।
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लोकसभा चुनाव के पूर्व क्राफ्ट मेला मैदान में आयोजित जनसभा में पीएम मोदी की मौजूदगी में उमा भारती ने जनता को तीन साल के अंदर बुंदेलखंड राज्य बनाने का आश्वासन दिया था। चुनाव जीतकर उमा के केंद्र में मंत्री बनते ही इस उम्मीद को पंख लग गए थे। अलग राज्य के समर्थकों को आशा थी कि केंद्र सरकार में ताकतवर हैसियत रखने वाली उमा बुंदेलखंड राज्य बनवाकर नई इबारत लिखेंगी। मगर, वे बुंदेलखंड राज्य बनाने का आश्वासन भूल गई। जब भी बुंदेलखंड राज्य पर उनसे सवाल किया गया गोलमोल जवाब देकर बात टाल दी। खुद कभी किसी भाषण के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा भी नहीं की। उनके इस रवैये से खफा कई संगठनों ने उनके खिलाफ आंदोलन भी शुरू कर दिया है। अब विधानसभा चुनाव नजदीक है लोग उनके आश्वासन के बारे में जरूर पूछेंगे।
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रविवार को परिवर्तन सभा में खुद की यह मुद्दा उठाकर बुंदेलखंड राज्य निर्माण पर अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि इसके लिए मध्य प्रदेश अपना हिस्सा नहीं देगा। आंदोलनकारियों को यूपी के हिस्से से ही बुंदेलखंड का नक्शा तैयार करना चाहिए। नये स्वरूप को वह राज्य सरकार के समक्ष रखेंगी, जिससे बुंदेलखंड राज्य बनने का रास्ता साफ होगा। वर्तमान स्थिति में अगर केंद्र सरकार राज्य पुनर्गठन आयोग बना भी दे तो बुंदेलखंड राज्य नहीं बन सकेगा।
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