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पहाड़ों की हवाओं से बढ़ गई ठंडक, छाया कोहरा, धीमे पड़े ट्रेनों और वाहनों के पहिए
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झांसी। पहाड़ों की ओर से आई हवाओं ने शहर में ठंडक बढ़ा दी। बृहस्पतिवार को कोहरा छाए रहने से सुबह सूरज नहीं दिख सका। दोपहर में धूप नहीं निकली और ठंडी हवाएं चलतीं रहीं। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक मिला जुला मौसम रहने की संभावना जताई है। वहीं, कोहरे से ट्रेनों और हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थमी रही। न्यूनतम पारा 13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्र्ड किया गया।
जम्मू कश्मीर में बने पश्चिमी विक्षोभ का असर धीरे-धीरे मैदानी क्षेत्रों में बढ़ा है। विक्षोभ के असर से जम्मू के साथ-साथ हिमाचल और उत्तराखंड की पहाड़ियों पर जमकर बर्फबारी हो रही है। ऐसे में उत्तरी दिशा से आने वाली हवाओं के साथ बर्फीली ठंड भी मैदान पर पहुंचने लगी है। इससे जिले व आसपास के जनपदों के मौसम में अचानक तेजी से बदलाव आया है। बृहस्पतिवार को जिले में दिन की शुरूआत कोहरे के साथ हुई।
दोपहर में भी धूप नहीं निकली। हवाओं की गति भी पिछले दिनों की तुलना में तीन से चार किलोमीटर प्रतिघंटा अधिक गति से चली। इससे दिन में भी सर्दी बढ़ गई और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहा। सदी के चलते लोग घरों में ही दुबके रहे। तीन दिन बाद तापमान में गिरावट की संभावना है। इधर, रेल मंडल के अलग- अलग सेक्शनों में बुधवार रात एक बजे से सुबह ग्यारह बजे तक कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण सात ट्रेनों व दस मालगाड़ियां लेट हो गईं। यात्रियों को रेलवे परिसर व सामान्य वेटिंग हॉल में समय गुजारना पड़ा। सर्दी सेे यात्री परेशान रहे। यही हाल बस अड्डे का बना रहा।
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ये ट्रेनें रहीं लेट
कोहरे से अर्नाकुलम से निजामुद्दीन जाने वाली 02617 मंगला स्पेशल एक्सप्रेस तीन घंटे, त्रिवेंद्रम से नई दिल्ली जाने वाली 02625 केरला स्पेशल एक्सप्रेस 50 मिनट, 02107 लोकमान्य तिलक लखनऊ स्पेशल एक्सप्रेस 50 मिनट, 01016 कुशीनगर स्पेशल एक्सप्रेस एक घंटा दस मिनट, 02032 गोरखपुर पुणे स्पेशल एक्सप्रेस पंद्रह मिनट, 01408 लखनऊ पुणे स्पेशल एक्सप्रेस 25 मिनट और 09166 साबरमती स्पेशल एक्सप्रेस 50 मिनट देरी से आई।
इंजनों पर लगी अधिकारियों की ड्यूटी
रेल मंडल में कोहरे की सबसे अधिक मार झांसी-दिल्ली, कानपुर- झांसी व मानिकपुर- झांसी सेक्शन में पड़ती है। आम दिनों में रनिंग स्टाफ को झांसी से नई दिल्ली सवारी गाड़ी ले जाने में छह से आठ घंटे का समय लगता है, जबकि कोहरे में यही दूरी तय करने में पंद्रह से अठारह घंटे लग जाते हैं। बढ़ते कोहरे के साथ चालक दल को एक-एक मिनट गुजारना भारी पड़ता है। ऐसे में वह सेक्शन खाली देख ट्रेन को दौड़ाना शुरू कर देते हैं। यही गलती अक्सर रेल दुर्घटना का कारण बन जाती है। इस बार रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि ड्राइवर कोहरे में दस घंटे से अधिक ट्रेन नहीं चलाएंगे। ट्रेन चालक और स्टेशन मास्टर की सजगता जांचने और संचालन पर नजर रखने के लिए मंडल के सभी अफसरों व निरीक्षकों की रात एक बजे से सुबह चार बजे तक ड्यूटी इंजन पर लगा दी गई है। तीस जनवरी तक के लिए ड्यूटी लगा दी गई है।
- फसलों को होगा फायदा
कोहरे के कारण नमी बढ़ी है। इससे फसलों को फायदा होगा। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि शुक्रवार को 90 प्रतिशत से ज्यादा आर्द्रता पहुंच गई। जितनी ठंड पड़ेगी, गेहूं की फसल उतनी अच्छी होगी। अन्य फसलों को भी फायदा होगा।
- पशुओं को ठंड से बचाएं
सर्दी बढ़ जाने से अब दुधारू पशुओं का ध्यान भी पालकों को रखना होगा। रात में खुले के बजाए पशुओं को बंद कमरों में रखना चाहिए। जिस कपड़े में पशु बैठते हों, उसे सूखा होना चाहिए।
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जम्मू कश्मीर में बने पश्चिमी विक्षोभ का असर धीरे-धीरे मैदानी क्षेत्रों में बढ़ा है। विक्षोभ के असर से जम्मू के साथ-साथ हिमाचल और उत्तराखंड की पहाड़ियों पर जमकर बर्फबारी हो रही है। ऐसे में उत्तरी दिशा से आने वाली हवाओं के साथ बर्फीली ठंड भी मैदान पर पहुंचने लगी है। इससे जिले व आसपास के जनपदों के मौसम में अचानक तेजी से बदलाव आया है। बृहस्पतिवार को जिले में दिन की शुरूआत कोहरे के साथ हुई।
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दोपहर में भी धूप नहीं निकली। हवाओं की गति भी पिछले दिनों की तुलना में तीन से चार किलोमीटर प्रतिघंटा अधिक गति से चली। इससे दिन में भी सर्दी बढ़ गई और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहा। सदी के चलते लोग घरों में ही दुबके रहे। तीन दिन बाद तापमान में गिरावट की संभावना है। इधर, रेल मंडल के अलग- अलग सेक्शनों में बुधवार रात एक बजे से सुबह ग्यारह बजे तक कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण सात ट्रेनों व दस मालगाड़ियां लेट हो गईं। यात्रियों को रेलवे परिसर व सामान्य वेटिंग हॉल में समय गुजारना पड़ा। सर्दी सेे यात्री परेशान रहे। यही हाल बस अड्डे का बना रहा।
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ये ट्रेनें रहीं लेट
कोहरे से अर्नाकुलम से निजामुद्दीन जाने वाली 02617 मंगला स्पेशल एक्सप्रेस तीन घंटे, त्रिवेंद्रम से नई दिल्ली जाने वाली 02625 केरला स्पेशल एक्सप्रेस 50 मिनट, 02107 लोकमान्य तिलक लखनऊ स्पेशल एक्सप्रेस 50 मिनट, 01016 कुशीनगर स्पेशल एक्सप्रेस एक घंटा दस मिनट, 02032 गोरखपुर पुणे स्पेशल एक्सप्रेस पंद्रह मिनट, 01408 लखनऊ पुणे स्पेशल एक्सप्रेस 25 मिनट और 09166 साबरमती स्पेशल एक्सप्रेस 50 मिनट देरी से आई।
इंजनों पर लगी अधिकारियों की ड्यूटी
रेल मंडल में कोहरे की सबसे अधिक मार झांसी-दिल्ली, कानपुर- झांसी व मानिकपुर- झांसी सेक्शन में पड़ती है। आम दिनों में रनिंग स्टाफ को झांसी से नई दिल्ली सवारी गाड़ी ले जाने में छह से आठ घंटे का समय लगता है, जबकि कोहरे में यही दूरी तय करने में पंद्रह से अठारह घंटे लग जाते हैं। बढ़ते कोहरे के साथ चालक दल को एक-एक मिनट गुजारना भारी पड़ता है। ऐसे में वह सेक्शन खाली देख ट्रेन को दौड़ाना शुरू कर देते हैं। यही गलती अक्सर रेल दुर्घटना का कारण बन जाती है। इस बार रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि ड्राइवर कोहरे में दस घंटे से अधिक ट्रेन नहीं चलाएंगे। ट्रेन चालक और स्टेशन मास्टर की सजगता जांचने और संचालन पर नजर रखने के लिए मंडल के सभी अफसरों व निरीक्षकों की रात एक बजे से सुबह चार बजे तक ड्यूटी इंजन पर लगा दी गई है। तीस जनवरी तक के लिए ड्यूटी लगा दी गई है।
- फसलों को होगा फायदा
कोहरे के कारण नमी बढ़ी है। इससे फसलों को फायदा होगा। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि शुक्रवार को 90 प्रतिशत से ज्यादा आर्द्रता पहुंच गई। जितनी ठंड पड़ेगी, गेहूं की फसल उतनी अच्छी होगी। अन्य फसलों को भी फायदा होगा।
- पशुओं को ठंड से बचाएं
सर्दी बढ़ जाने से अब दुधारू पशुओं का ध्यान भी पालकों को रखना होगा। रात में खुले के बजाए पशुओं को बंद कमरों में रखना चाहिए। जिस कपड़े में पशु बैठते हों, उसे सूखा होना चाहिए।