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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और किसान के बेटों ने लहराया परचम
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झांसी। यूपी बोर्ड की परीक्षा में जिला टॉप करने वाले कई परीक्षार्थियों ने बहुत सीमित संसाधनों में पढ़ाई की और सफलता हासिल कर ली। इसमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के बेटे मनीष जाटव ने 12वीं में 90.60 फीसदी अंक लाकर जनपद में दूसरा स्थान पाया है। जबकि, किसान के बेटे हरिदित्य राजपूत ने हाईस्कूल में 92 फीसदी अंकों के साथ जिला टॉप किया है।
जालौन निवासी मनीष के पिता ओमप्रकाश जाटव पैरामेडिकल कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। वो सेवा प्रदाता एजेंसी के जरिए कार्यरत हैं। मनीष ने बताया कि स्कूल में जो भी पढ़ाया जाता था, घर आकर उसका रिवीजन जरूर करता था। कोई भी टॉपिक समझ नहीं आता तो बेझिझक शिक्षकों से पूछता था। हाईस्कूल में भी 87 फीसदी अंक हासिल कर स्कूल टॉपर किया था। ऐसे में तय कर लिया था कि इंटरमीडिएट में इससे अच्छे अंक हासिल करने हैं। हालांकि, ये नहीं पता था कि जिले में दूसरा स्थान आएगा। अब आईआईटी से इंजीनियरिंग करना चाहता हूं। वहीं, पिता ओमप्रकाश ने बताया कि बेटा उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरा इसकी बहुत खुशी है।
वहीं, जालौन के बसोब गांव निवासी हाईस्कूल के जिला टॉपर हरिदित्य राजपूत झांसी में अपने भाई-बहनों के साथ किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रहा है। हरिदित्य ने कहा कि पढ़ने में उसके भाई-बहन भी मदद करते थे। वह स्कूल के साथ घर पर भी सात-आठ घंटे पढ़ाई करता था। महत्वपूर्ण टॉपिक के खुद ही नोट्स तैयार किए। इन्हीं नोट्स को परीक्षा से पहले रिवीजन किया। कहा कि लगातार कोई भी घंटों बैठकर नहीं पढ़ सकता। इसलिए हर डेढ़-दो घंटे में कुछ देर के लिए ब्रेक ले लेता है। कहा कि पिता किसान हैं, वो भी देश की सेवा कर रहे हैं। ऐसे में वो एयरफोर्स में अफसर बनकर देश की सेवा करना चाहता है।
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बिना कोचिंग के लव ने पाई सफलता
झांसी। गुमनावारा के लव यादव ने बिना कोचिंग किए हाईस्कूल में 91.83 प्रतिशत अंक लाकर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया। लव के पिता बलवीर सिंह किसान हैं। लव ने बताया कि स्कूल की ऑनलाइन कक्षाआें से ही अपनी पढ़ाई पूरी की। इतना तो यकीन था कि अच्छे अंक से पास हो जाऊंगा लेकिन जिले में दूसरा स्थान हासिल करने की उम्मीद नहीं थी। जिन विषयों में ज्यादा कमजोर था, उनकी परीक्षा से ठीक पहले आखिरी समय जमकर पढ़ाई की। इसी वजह से सफलता हासिल हुई है।
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जालौन निवासी मनीष के पिता ओमप्रकाश जाटव पैरामेडिकल कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। वो सेवा प्रदाता एजेंसी के जरिए कार्यरत हैं। मनीष ने बताया कि स्कूल में जो भी पढ़ाया जाता था, घर आकर उसका रिवीजन जरूर करता था। कोई भी टॉपिक समझ नहीं आता तो बेझिझक शिक्षकों से पूछता था। हाईस्कूल में भी 87 फीसदी अंक हासिल कर स्कूल टॉपर किया था। ऐसे में तय कर लिया था कि इंटरमीडिएट में इससे अच्छे अंक हासिल करने हैं। हालांकि, ये नहीं पता था कि जिले में दूसरा स्थान आएगा। अब आईआईटी से इंजीनियरिंग करना चाहता हूं। वहीं, पिता ओमप्रकाश ने बताया कि बेटा उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरा इसकी बहुत खुशी है।
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वहीं, जालौन के बसोब गांव निवासी हाईस्कूल के जिला टॉपर हरिदित्य राजपूत झांसी में अपने भाई-बहनों के साथ किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रहा है। हरिदित्य ने कहा कि पढ़ने में उसके भाई-बहन भी मदद करते थे। वह स्कूल के साथ घर पर भी सात-आठ घंटे पढ़ाई करता था। महत्वपूर्ण टॉपिक के खुद ही नोट्स तैयार किए। इन्हीं नोट्स को परीक्षा से पहले रिवीजन किया। कहा कि लगातार कोई भी घंटों बैठकर नहीं पढ़ सकता। इसलिए हर डेढ़-दो घंटे में कुछ देर के लिए ब्रेक ले लेता है। कहा कि पिता किसान हैं, वो भी देश की सेवा कर रहे हैं। ऐसे में वो एयरफोर्स में अफसर बनकर देश की सेवा करना चाहता है।
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झांसी। गुमनावारा के लव यादव ने बिना कोचिंग किए हाईस्कूल में 91.83 प्रतिशत अंक लाकर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया। लव के पिता बलवीर सिंह किसान हैं। लव ने बताया कि स्कूल की ऑनलाइन कक्षाआें से ही अपनी पढ़ाई पूरी की। इतना तो यकीन था कि अच्छे अंक से पास हो जाऊंगा लेकिन जिले में दूसरा स्थान हासिल करने की उम्मीद नहीं थी। जिन विषयों में ज्यादा कमजोर था, उनकी परीक्षा से ठीक पहले आखिरी समय जमकर पढ़ाई की। इसी वजह से सफलता हासिल हुई है।