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त्रिलोक में छाया हर्ष, अहंकारी रावण का श्रीराम ने किया वध
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झांसी। त्रिलोक में हर्ष छा जाता है। अहंकारी लंकापति रावण का श्रीराम वध कर देते है। देवता, मनुष्य सभी जय श्रीराम के जयकारें लगाते है और पुष्प वर्षा करते है। शुक्रवार को सदर बाजार एवं बड़ा बाजार की रामलीलाओं में रावण वध का मंचन हुआ।
सदर बाजार की रामलीला में रावण की आज्ञा पर कुंभकर्ण युद्ध के लिए जाता है। लेकिन वह श्रीराम के हाथों वीरगति को प्राप्त होता है। मेघनाद युद्ध में विजयी होने के लिए यज्ञ करता है। लेकिन लक्ष्मण यज्ञ को पूरा नहीं होने देते है और मेघनाद का वध कर देते है। अहिरावण रावण के निर्देश पर छल से राम और लक्ष्मण का हरण कर पाताल लोक ले जाता है। लेकिन हनुमान जी अहिरावण का वध कर देते है। इसके बाद युद्ध भूमि में रावण व श्रीराम के मध्य घनघोर युद्ध होता है। इस युद्ध से तीनों लोक में हलचल मच जाती है। विभीषण की सलाह पर श्रीराम रावण की नाभि में बाण मारकर उसका वध कर देते है। रावण के मरने पर तीनों लोक में हर्ष छा जाता है। देवता आकाश से पुष्प वर्षा करते है। भगवान श्रीराम के निर्देश पर लक्ष्मण लंका में विभीषण का राज्यभिषेक करते है। इसके बाद भगवान राम के निर्देश पर हनुमान जी अयोध्या में भरत जी को प्रभु के लौटने की सूचना देते है। संपूर्ण अयोध्या को प्रभु के स्वागत के लिए सजाया जाता है। पुष्पक विमान से श्रीराम सीता जी व लक्ष्मण के साथ अयोध्या आते है। भगवान श्रीराम का राज्यभिषेक होता है। प्रथम तिलक गुरु वशिष्ठ करते है। इसके बाद सभी लोग तिलक करते है। मंचन अवसर पर विकास खत्री, शांतनु पांडेय, नरेंद्र कौशिक राघवेंद्र राय, विजय पटैरिया, एनडी सेन, रोहित गुप्ता, राजीव चौरसिया, राकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
इधर बड़ा बाजार की रामलीला में मेघनाद की वीरगति पाने व अहिरावण वध के बाद रावण व श्रीराम के मध्य भयंकर युद्ध होता है। भगवान श्रीराम रावण का वध कर देते है। इससे संपूर्ण त्रिलोक में श्रीराम की जय जयकार होती है। मंचन अवसर पर भरत राय, अरुण द्विवेदी, संजय दोसाज, ओम तिवारी, रवि तिवारी आदि मौजूद रहे।
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सदर बाजार की रामलीला में रावण की आज्ञा पर कुंभकर्ण युद्ध के लिए जाता है। लेकिन वह श्रीराम के हाथों वीरगति को प्राप्त होता है। मेघनाद युद्ध में विजयी होने के लिए यज्ञ करता है। लेकिन लक्ष्मण यज्ञ को पूरा नहीं होने देते है और मेघनाद का वध कर देते है। अहिरावण रावण के निर्देश पर छल से राम और लक्ष्मण का हरण कर पाताल लोक ले जाता है। लेकिन हनुमान जी अहिरावण का वध कर देते है। इसके बाद युद्ध भूमि में रावण व श्रीराम के मध्य घनघोर युद्ध होता है। इस युद्ध से तीनों लोक में हलचल मच जाती है। विभीषण की सलाह पर श्रीराम रावण की नाभि में बाण मारकर उसका वध कर देते है। रावण के मरने पर तीनों लोक में हर्ष छा जाता है। देवता आकाश से पुष्प वर्षा करते है। भगवान श्रीराम के निर्देश पर लक्ष्मण लंका में विभीषण का राज्यभिषेक करते है। इसके बाद भगवान राम के निर्देश पर हनुमान जी अयोध्या में भरत जी को प्रभु के लौटने की सूचना देते है। संपूर्ण अयोध्या को प्रभु के स्वागत के लिए सजाया जाता है। पुष्पक विमान से श्रीराम सीता जी व लक्ष्मण के साथ अयोध्या आते है। भगवान श्रीराम का राज्यभिषेक होता है। प्रथम तिलक गुरु वशिष्ठ करते है। इसके बाद सभी लोग तिलक करते है। मंचन अवसर पर विकास खत्री, शांतनु पांडेय, नरेंद्र कौशिक राघवेंद्र राय, विजय पटैरिया, एनडी सेन, रोहित गुप्ता, राजीव चौरसिया, राकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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इधर बड़ा बाजार की रामलीला में मेघनाद की वीरगति पाने व अहिरावण वध के बाद रावण व श्रीराम के मध्य भयंकर युद्ध होता है। भगवान श्रीराम रावण का वध कर देते है। इससे संपूर्ण त्रिलोक में श्रीराम की जय जयकार होती है। मंचन अवसर पर भरत राय, अरुण द्विवेदी, संजय दोसाज, ओम तिवारी, रवि तिवारी आदि मौजूद रहे।
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