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Jhansi News: कैंट बोर्ड ने किले के आसपास की पूरी जमीन पर ठोका दावा
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- सीईओ बोले-दीनदयाल सभागार और क्राफ्ट मेला मैदान भी जेडीए को लीज पर दिया
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। 40 एकड़ जमीन को लेकर शुरू हुआ जेडीए और कैंट बोर्ड के बीच का विवाद अब और बढ़ गया है। अब कैंट बोर्ड ने किले के आसपास की पूरी जमीन पर ही दावा ठोक दिया है। बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने दीनदयाल सभागार से लेकर क्राफ्ट मेला मैदान तक झांसी विकास प्राधिकरण को लीज पर दिया हुआ है।
झोकनबाग में बांस-बल्ली मार्केट के पीछे सरकारी जमीन है। बीते 17 अगस्त को झांसी विकास प्राधिकरण की टीम ने यहां पर अस्थायी दुकानें हटवाकर 40 एकड़ जमीन पर कब्जा ले लिया था। इसके अगले ही दिन कैंट बोर्ड की टीम जेडीए पहुंची। टीम ने जेडीए द्वारा जमीन पर कब्जा लेने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए ये जमीन कैंट बोर्ड की होने का दावा कर दिया। इसके बाद जेडीए और कैंट बोर्ड की टीम ने राजस्व विभाग की टीम के साथ मिलकर सर्वे किया। अब कैंट बोर्ड ने किले की आसपास की पूरी जमीन पर दावा ठोक दिया है। कैंट बोर्ड के सीईओ दीपक मोहन का कहना है कि दीनदयाल सभागार और क्राफ्ट मेला मैदान भी कैंट बोर्ड की जमीन पर है। कई दशक पहले ये जमीन झांसी विकास प्राधिकरण को लीज पर दी गई थी। इसके दस्तावेज भी उपलब्ध हैं। वहीं, जेडीए सचिव उपमा पांडेय का कहना है कि जल्द ही कैंट बोर्ड के अधिकारियों के साथ दोबारा बैठक होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। 40 एकड़ जमीन को लेकर शुरू हुआ जेडीए और कैंट बोर्ड के बीच का विवाद अब और बढ़ गया है। अब कैंट बोर्ड ने किले के आसपास की पूरी जमीन पर ही दावा ठोक दिया है। बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने दीनदयाल सभागार से लेकर क्राफ्ट मेला मैदान तक झांसी विकास प्राधिकरण को लीज पर दिया हुआ है।
झोकनबाग में बांस-बल्ली मार्केट के पीछे सरकारी जमीन है। बीते 17 अगस्त को झांसी विकास प्राधिकरण की टीम ने यहां पर अस्थायी दुकानें हटवाकर 40 एकड़ जमीन पर कब्जा ले लिया था। इसके अगले ही दिन कैंट बोर्ड की टीम जेडीए पहुंची। टीम ने जेडीए द्वारा जमीन पर कब्जा लेने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए ये जमीन कैंट बोर्ड की होने का दावा कर दिया। इसके बाद जेडीए और कैंट बोर्ड की टीम ने राजस्व विभाग की टीम के साथ मिलकर सर्वे किया। अब कैंट बोर्ड ने किले की आसपास की पूरी जमीन पर दावा ठोक दिया है। कैंट बोर्ड के सीईओ दीपक मोहन का कहना है कि दीनदयाल सभागार और क्राफ्ट मेला मैदान भी कैंट बोर्ड की जमीन पर है। कई दशक पहले ये जमीन झांसी विकास प्राधिकरण को लीज पर दी गई थी। इसके दस्तावेज भी उपलब्ध हैं। वहीं, जेडीए सचिव उपमा पांडेय का कहना है कि जल्द ही कैंट बोर्ड के अधिकारियों के साथ दोबारा बैठक होगी।
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