{"_id":"58c990c24f1c1b4f7d32a6f7","slug":"call-the-house-many-important-things-are-hanging-out","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुलाइये सदन, कई जरूरी काम लटके हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुलाइये सदन, कई जरूरी काम लटके हैं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Mar 2017 12:36 AM IST
विज्ञापन
बुलाइये सदन, कई जरूरी काम लटके हैं
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करीब साढ़े आठ महीने से नगर निगम सदन की बैठक नहीं होने के कारण विकास कार्य ठप पड़े हैं। 16 गांवों को महानगर में शामिल करने के प्रस्ताव को कार्यकारिणी की बैठक में स्वीकृति मिल गई थी, लेकिन सदन की बैठक न होने के कारण मामला लटक गया है। अब तो चुनाव आचार संहिता भी खत्म हो गई है। सदन की बैठक बुलाने की मांग जोर पकड़ रही है।
सदन की बैठक 21 जून को हुई थी। इसके बाद बैठक नहीं हुई। मार्च चल रहा है। यह वित्त वर्ष पूरा होने वाला है। ऐसे में नगर निगम के बजट को सदन की बैठक से पारित कराना अनिवार्य है। लेकिन अभी तक सदन की बैठक को लेकर कोई मसौदा तैयार नहीं हो सका है। 23 मार्च को पार्षद पंचकुला जा रहे हैं, इसलिए अब सदन की बैठक उनके वापस आने के बाद ही संभव है।
ये समस्याएं
- इलाहाबाद बैंक चौराहा से स्टेशन रोड जाने वाली सड़क उखड़ी पड़ी है। सड़क का दोहरीकरण होना है। लेकिन, इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
- शहर अतिक्रमण की चपेट में है। तहसील दिवस में शिकायतें होने पर अतिक्रमण हटाने की तिथियां तय की जाती हैं, लेकिन बाद में कुछ नहीं होता है।
- शहर में कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हैं। डस्टबिन भी लगी हुई हैं। न तो लोगों में डस्टबिन मेें कचरा डालने के प्रति जागरूकता है और न ही कचरा कंटेनर में कचरा डाला जाता है। इस कारण गंदगी की समस्या हल नहीं हो रही है।
विज्ञापन
- प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट का कार्य शुरू हो गया है, लेकिन अब तक पूरे शहर में इसका नेटवर्क नहीं बन पाया है। इस कारण प्लास्टिक कचरा खरीदने के लिए कबाड़ियों की दुकानें बंद पड़ी हैं।
-नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में 16 गांवों को शहर की सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया था। प्रस्ताव को सदन की सहमति के बाद शासन को भेजा जाना था, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका।
-यदि सदन की बैठक बुलाई जाती तो मल एवं गाद प्रबंधन परियोजना को स्वीकृति मिल जाती और फिर मुफ्त में शौचालय टैंक साफ होने लगते तथा शौचालयों का पानी सिंचाई के लिए काम में आ जाता।
जल्द बुलाएंगे बैठक
सदन की बैठक जल्द बुलाई जाएगी। अभी पार्षदों को पंचकुला जाना है। सरकार गठन का इंतजार भी किया जा रहा है।
- किरण वर्मा
महापौर
महापौर को है अधिकार
सदन अथवा कार्यकारिणी की बैठक बुलाना महापौर का अधिकार है। वह जब चाहेंगी, बैठक बुलाई जाएगी। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं की जाएगी।
- अरुण प्रकाश
नगर आयुक्त
विज्ञापन
सदन की बैठक 21 जून को हुई थी। इसके बाद बैठक नहीं हुई। मार्च चल रहा है। यह वित्त वर्ष पूरा होने वाला है। ऐसे में नगर निगम के बजट को सदन की बैठक से पारित कराना अनिवार्य है। लेकिन अभी तक सदन की बैठक को लेकर कोई मसौदा तैयार नहीं हो सका है। 23 मार्च को पार्षद पंचकुला जा रहे हैं, इसलिए अब सदन की बैठक उनके वापस आने के बाद ही संभव है।
विज्ञापन
ये समस्याएं
- इलाहाबाद बैंक चौराहा से स्टेशन रोड जाने वाली सड़क उखड़ी पड़ी है। सड़क का दोहरीकरण होना है। लेकिन, इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
- शहर अतिक्रमण की चपेट में है। तहसील दिवस में शिकायतें होने पर अतिक्रमण हटाने की तिथियां तय की जाती हैं, लेकिन बाद में कुछ नहीं होता है।
- शहर में कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हैं। डस्टबिन भी लगी हुई हैं। न तो लोगों में डस्टबिन मेें कचरा डालने के प्रति जागरूकता है और न ही कचरा कंटेनर में कचरा डाला जाता है। इस कारण गंदगी की समस्या हल नहीं हो रही है।
विज्ञापन
- प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट का कार्य शुरू हो गया है, लेकिन अब तक पूरे शहर में इसका नेटवर्क नहीं बन पाया है। इस कारण प्लास्टिक कचरा खरीदने के लिए कबाड़ियों की दुकानें बंद पड़ी हैं।
-नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में 16 गांवों को शहर की सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया था। प्रस्ताव को सदन की सहमति के बाद शासन को भेजा जाना था, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका।
-यदि सदन की बैठक बुलाई जाती तो मल एवं गाद प्रबंधन परियोजना को स्वीकृति मिल जाती और फिर मुफ्त में शौचालय टैंक साफ होने लगते तथा शौचालयों का पानी सिंचाई के लिए काम में आ जाता।
जल्द बुलाएंगे बैठक
सदन की बैठक जल्द बुलाई जाएगी। अभी पार्षदों को पंचकुला जाना है। सरकार गठन का इंतजार भी किया जा रहा है।
- किरण वर्मा
महापौर
महापौर को है अधिकार
सदन अथवा कार्यकारिणी की बैठक बुलाना महापौर का अधिकार है। वह जब चाहेंगी, बैठक बुलाई जाएगी। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं की जाएगी।
- अरुण प्रकाश
नगर आयुक्त