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झांसी के जन-जन की पुकार, वापस लाओ रानी की तलवार

Thu, 11 Nov 2021 01:03 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 11 Nov 2021 01:03 AM IST
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Call of the people of Jhansi, bring back the queen's sword
झांसी। अंग्रेजों से युद्ध लड़ते हुए 18 जून 1858 को वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई ने ग्वालियर में वीरगति प्राप्त की थी। जिस तलवार से उन्होंने फिरंगी सेना के दांत खट्टे किए थे, वो आज भी ग्वालियर के संग्रहालय में रखी हुई है। ‘अमर उजाला’ की ओर से तलवार को वापस लाने के लिए मुहिम चलाई जा रही है, जिसका हिस्सा बनकर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों व जन सामान्य के लोगों ने बुधवार को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के जरिये लोगों ने मांग रखी कि 19 नवंबर को रानी की जयंती पर झांसी आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने साथ रानी की तलवार भी लाएं। इसके अलावा रानी की जयंती को ‘नारी शक्ति दिवस’ घोषित करते हुए राष्ट्रीय पर्व घोषित किया जाए। साथ ही झांसी रेलवे स्टेशन का नामकरण झांसी के नाम पर किया जाए।
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इन्होंने बुलंद की आवाज
झांसी। बुधवार को कलक्ट्रेट में ‘झांसी के जन-जन की पुकार, वापस लाओ रानी की तलवार’ व ‘रानी लक्ष्मीबाई अमर रहें’ के उद्घोषों के बीच ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष उदय राजपूत महामंत्री छोटेलाल वर्मा समेत अधिवक्ता प्रमोद शिवहरे, राजेंद्र शर्मा, नूर अहमद मंसूरी, याकूब अहमद मंसूरी, अविनाश मिश्रा, सूर्यप्रकाश राय, अशोक पटैरिया, अमित पचौरी, शमीम खान, राजेश चौरसिया, महेंद्र जोशी, नरेंद्र अग्रवाल, राजेंद्र खरे, विवेक दत्त स्वामी, सुमित अग्रवाल, रामकुमार जॉय, आबिद वारसी समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे। राष्ट्रभक्त संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष अंचल अड़जरिया, पुरुकेष अमरया, महारुद्र सेना के पंकज दत्त तिवारी, नगर निगम के उप सभापति सुनील नैनवानी, पार्षद मुकेश सोनी बंटी, अनिल सोनी व सरदार वीर सिंह, बीकेडी पुरातन छात्र संगठन के राजीव बबेले, सरदार कृष्णपाल सिंह, देवेश चतुर्वेदी, अक्षय जन सेवा समिति से सविता पचौरी, विवेक गोस्वामी, महिला शिक्षक संघ की अध्यक्ष प्रतिमा कुशवाहा समेत संगीता सिंह, सुधा वर्मा, सुनीता कुशवाहा, सरिता तिवारी मौजूद रहीं।
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झांसी की अमानत है रानी की तलवार, दरियादिली दिखाए एमपी सरकार
झांसी। रानी की तलवार ग्वालियर से झांसी लाने के लिए अमर उजाला की ओर से चलाई जा रही मुहिम का लगातार लोग हिस्सा बनते जा रहे हैं। उनका कहना है कि रानी की तलवार झांसी की अनमोल अमानत है। मध्य प्रदेश सरकार को दरियादिली दिखाते हुए खुद आगे बढ़कर इसे लौटाना चाहिए।
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प्रधानमंत्री झांसी आकर रानी जयंती की एक बड़ी परंपरा की नींव रखने जा रहे हैं। ऐसे मौके पर झांसी को रानी की तलवार वापस मिल जाए तो इससे बड़ा उपहार और कोई नहीं हो सकता।
- आशीष उपाध्याय, डायरेक्टर - जिला सहकारी बैंक
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकार आपसी सामंजस्य बनाकर झांसी को रानी की तलवार वापस दिलवाएं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भी इसमें पहल की जानी चाहिए।
- प्रमोद शिवहरे, एडवोकेट
रानी की तलवार झांसी की खास अमानत है। मध्य प्रदेश सरकार को खुद आगे बढ़कर इसे झांसी को वापस करने का कदम उठाना चाहिए। इससे एमपी सरकार का सम्मान बढ़ेगा।
- मुफ्ती साबिर कासमी
ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के कई दशकों बाद भी झांसी को रानी की तलवार वापस नहीं मिल पाई है। सभी सरकारों को मिलकर इस दिशा में बड़ी पहल करनी चाहिए।
- देवेश चतुर्वेदी
रानी की तलवार की सही जगह झांसी के राजकीय संग्रहालय में हैं। लेकिन, ये बेहद अफसोसजनक है कि संग्रहालय में रानी से जुड़ी कोई भी वस्तु नहीं है, जिससे पर्यटक निराश होते हैं।

- पूजा यादव, एडवोकेट
19 नवंबर को झांसी आ रहे प्रधानमंत्री से पूरी उम्मीद है कि वे अपने साथ रानी की तलवार लेकर आएंगे। अन्यथा तलवार वापस न आने तक लगातार अभियान चलाया जाएगा।
- आशीष कुमार, एडवोकेट
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