बचा लो, अभी मरना नहीं चाहता: प्रापर्टी में धोखेबाजी से दुखी कारोबारी ने दी जान...मरने से पहले ये थे आखिरी शब्द
दोस्त निशांक को फोन करके उसने बताया कि बरुआसागर पेट्रोल पंप के पास जहर निगल लिया। तलाशते हुए जब निशांक पहुंचा तब मोहित की हालत खराब मिली।
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दो दोस्तों के साथ कारोबारी ने एक करोड़ की प्रापर्टी खरीदी लेकिन, दोस्तों ने धोखेबाजी करते हुए साझेदारी बैनामे से उसका नाम बाहर कर दिया। डिप्रेशन में आकर कारोबारी ने बुधवार दोपहर जहर निगल लिया। यह बात मोबाइल पर उसने अपने दोस्त को बताई। उसे अचेत हाल में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
बरुआसागर निवासी सतीश मिश्र का निवाड़ी में बुंदेलखंड इलेक्ट्रॉनिक्स नाम से बड़ा शोरूम है। छोटा बेटा मोहित (24) पूरा कामकाज संभालता था। परिजनों के मुताबिक, मोहित ने दो दोस्तों के साथ झांसी में एक करोड़ रुपये कीमत की प्रॉपर्टी खरीदी थी। दोस्तों को वह 24 लाख रुपए दे चुका लेकिन, जब बैनामा हुआ तब उसका नाम बाहर कर दिया। इससे वह तनाव में रहने लगा। उसका दोस्तों से विवाद भी हुआ। आरोपी पैसा भी नहीं लौटा रहे थे।
बुधवार दोपहर करीब तीन बजे मोहित ने अपने दोस्त निशांक को फोन करके बताया कि उसने बरुआसागर पेट्रोल पंप के पास जहर निगल लिया। तलाशते हुए जब निशांक पहुंचा तब मोहित की हालत खराब मिली। अचेत हाल में मोहित को लेकर वह मेडिकल कॉलेज पहुंचा। उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। सुबह उसकी मौत हो गई। परिजन उसके खुद से जहर निगलने की बात पर भी संदेह जाहिर कर रहे हैं। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
बचा लो, मैं अभी मरना नहीं चाहता
हालत बिगड़ने पर मोहित की निशांक से बात हुई। निशांक का कहना है उस समय मोहित की आवाज दर्द की वजह से लड़खड़ा रही थी। उसने कहा, वह जल्दी से आ जाए। यह सुनकर निशांक ने होश उड़ गए। कुछ ही देर में तलाशते हुए वह मोहित के पास जा पहुंचा। उस समय मोहित को उल्टियां के साथ बेचैनी हो रही थी। मोहित ने कहा बचा लो, मैं अभी मरना नहीं चाहता। जब निशांक ने कार स्टार्ट करनी चाही, तब उसमें पेट्रोल नहीं था। किसी तरह पेट्रोल का इंतजाम करके उसे लेकर वह मेडिकल कॉलेज पहुंचा। मोहित की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। मां राजकुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है।