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एग्रो प्रोसेसिंग का हब बनेगा बुंदेलखंड, तलाशे जाएंगे अवसर

Sat, 13 Feb 2021 01:50 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 13 Feb 2021 01:50 AM IST
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Bundelkhand will be hub for agro prosessing
झांसी। बुंदेलखंड को फूड प्रोसेसिंग का हब बनाने की संभावनाओं की तलाश के लिए 27 व 28 फरवरी को झांसी में समिट का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें उद्यमी, किसान, कृषि विद्यार्थी, केंद्र व राज्य सरकार के अधिकारी एक साथ बैठकर मंथन करेंगे। समिट का उद्घाटन प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह करेंगे। इसे लेकर तैयारियां तेजी से जारी हैं। इस आयोजन को क्षेत्र के कृषि क्षेत्र के विकास के लिए अहम माना जा रहा है।
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बुंदेलखंड में दलहन और तिलहन का भारी मात्रा में उत्पादन होता है। यहां की जलवायु दलहन, तिलहन के लिए एकदम उपयुक्त मानी जाती है। इसके अलावा क्षेत्र में टमाटर, आंवला, अदरक आदि का भी यहां अच्छा उत्पादन होता है। साथ ही अन्य सब्जी व फूलों का भी यहां अच्छा उत्पादन है। यहां पैदा होने वाली 99 फीसदी से अधिक फसल बाहर भेज दी जाती है। इसकी वजह यहां एग्रो प्रोसेसिंग की व्यवस्था न होना है। इससे किसान ज्यादा मुनाफा नहीं कमा पाते है। इस कमी को पूरा करने के लिए यहां एग्रो प्रोसेसिंग को बढ़ाया दिया जाना जरूरी है। इसके लिए झांसी में 27 व 28 फरवरी को एक समिट का आयोजन होने जा रहा है। पं. दीनदयाल उपाध्याय सभागार में होने वाली इस समिट में देश के अलग-अलग हिस्सों से एग्रो प्रोसेसिंग से जुड़े उद्यमी आएंगे। इसके अलावा क्षेत्रीय किसान व कृषि विद्यार्थी भी हिस्सा लेंगे। नाबार्ड, आटीसी, नाफेड, अडाणी ग्रुप, बैंकों के अधिकारियों के साथ-साथ केंद्र और प्रदेश सरकार के अफसर भी इसका हिस्सा बनेंगे। पांच सौ प्रतिभागी दो दिनों तक क्षेत्र में एग्रो प्रोसेसिंग की संभावनाएं तलाशेंगे। इस समिट में एग्रो प्रोसेसिंग के क्षेत्र में निवेश मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है।
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क्षेत्र में एग्रो प्रोसेसिंग की अपार संभावनाएं हैं। ये सेक्टर यहां के किसानों व उद्यमियों को नया रास्ता दिखा सकता है। इस क्षेत्र में अवसरों की तलाश के लिए उक्त आयोजन किया जा रहा है। इसमें उद्यमी, किसान, कृषि विद्यार्थी समेत अन्य कई वर्गों को जोड़ा गया है। - आंद्रा वामसी, डीएम।
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क्षेत्र में पैदा होने वाले 99 प्रतिशत कृषि उत्पाद बाहर चले जाते हैं। जबकि, इनकी प्रोसेसिंग किए जाने से किसानों को ज्यादा मुनाफा हो सकता है। इतना ही नहीं, नए उद्यम स्थापित होने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। - राजेश खुल्लर, सचिव - बुंदेलखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज।
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