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भूगर्भ जल के लिहाज से चार ब्लॉक सेमी क्रिटिकल श्रेणी में

Sat, 03 Apr 2021 08:19 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 03 Apr 2021 08:19 PM IST
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bugarg jal ke lihag se 4 blouck semi critikal sridi me
अब औद्योगिक इकाइयों के लिए पानी के लिए पंजीकरण कराना जरूरी होगा। - फोटो : ???? ????
भूगर्भ जल के लिहाज से चार ब्लॉक सेमी क्रिटिकल श्रेणी में
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झांसी। भूगर्भ जल के लिहाज से जिले के बबीना, बंगरा, बड़ागांव और मऊरानीपुर ब्लॉक सेमी क्रिटिकल श्रेणी में आ गए हैं। अभी यहां पानी को लेकर चिंता की बात भले न हो, लेकिन अगर इसी तरह अंधाधुंध उपयोग होता रहा तो यहां जल्द ही पानी के लिए त्राहि-त्राहि मच जाएगी।
हाल ही में शासन ने वाणिज्यिक एवं औद्योगिक इकाइयों को भूगर्भ जल के दोहन के लिए पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य लोगों को मनमाने तरीके से पानी के दुरुपयोग से रोकना है। क्योंकि, पानी का सर्वाधिक दुरुपयोग उन्हीं क्षेत्रों में होता है, जहां पर पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होता है। हालांकि, पानी की अधिकांश जरूरत को भूूजल से ही पूरा किया जाता है, लेकिन पिछले सालों की तुलना में भूजल रीचार्ज की गति बहुत धीमी हो गई है। पक्की सड़कें, पक्की नालियों और मकानों के कारण भूजल रीचार्ज बहुत ही कम होने लगा है। इससे पानी की कमी महसूस होने लगी है। अब वाणिज्यिक एवं औद्योगिक इकाइयों द्वारा उपयोग किए जाने वाले पानी के लिए शुल्क देकर पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
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जल्द आने वाले हैं आंकड़े
सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड प्रत्येक तीन साल में भूजल के स्तर का आकलन करता है। सर्वे करके रिपोर्ट भारत सरकार को भेज दी गई है। यह रिपोर्ट ऑनलाइन अपडेट होगी। तीन साल पहले हुए सर्वे में बताया गया था कि पीने के पानी की गुणवत्ता टीडीएस की कठोरता सीमा से मामूली अधिक है, जबकि सिंचाई के लिए पानी की गुणवत्ता अच्छी है।
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वर्जन
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भूजल की सर्वे रिपोर्ट जल्द आने वाली है। हम पानी को नया नहीं बना सकते हैं, केवल बचत करके भविष्य की जरूरत को पूरा कर सकते हैं। शासन ने वाणिज्यिक एवं औद्योगिक इकाइयों को पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। जो सूक्ष्म और लघु उद्योग इकाइयां दस मीटर क्यूबिक पानी से कम का उपयोग करती हैं, उन्हें अनापत्ति नहीं लेनी है। लेकिन पंजीकरण सभी को कराना अनिवार्य है। - शशांक शेखर सिंह, सहायक अभियंता - भूगर्भ जल विभाग।
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