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बीयू : प्रशासनिक भवन के बाहर रोई पीएचडी छात्रा
Tue, 14 Oct 2025 02:30 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Tue, 14 Oct 2025 02:30 AM IST
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- विभागाध्यक्ष ने कहा - झूठ बोल रही है, गलत कागज पर बनाना चाहती है दबाव
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विवि के प्रशासनिक भवन के बाहर सोमवार को पीएचडी (मैनेजमेंट) की छात्रा बिलख-बिलखकर रोने लगी। उसने आरोप लगाया कि विभागाध्यक्ष एवं गाइड उसकी एसआरएफ (सीनियर रिसर्च फेलोशिप) की उपस्थिति स्वीकृत नहीं कर रहे हैं। विभागाध्यक्ष का कहना है कि छात्रा झूठ बोलकर गलत कागज पर हस्ताक्षर कराना चाहती है।
कैमसन निवासी पीएचडी छात्रा ने बताया कि उसके पति आईटीवीपी में इंस्पेक्टर हैं और सिक्किम में तैनात हैं। उसने जेआरएफ किया और छह माह का कोर्स वर्क करने के बाद गाइड नियुक्ति किया गया। अब उसकी उपस्थिति को विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना वर्मा और गाइड डॉ. जोत वर्मा मंजूर नहीं कर रहे हैं। इसके चलते, यूजीसी को वह अपग्रेड नहीं कर पा रही है। आरोप लगाया कि वह लगातार चक्कर लगा रही है मगर उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। प्रशासनिक ब्लॉक में यही कहा जाता है कि जब फाइल आएगी, तब फैसला होगा। वहीं, विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना वर्मा का कहना है कि उसने फर्जी तरीके से उपस्थिति दर्ज की है। जिस दिन गाइड के ससुर का निधन हुआ था, उस दिन भी उपस्थिति दर्ज कर दी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विवि के प्रशासनिक भवन के बाहर सोमवार को पीएचडी (मैनेजमेंट) की छात्रा बिलख-बिलखकर रोने लगी। उसने आरोप लगाया कि विभागाध्यक्ष एवं गाइड उसकी एसआरएफ (सीनियर रिसर्च फेलोशिप) की उपस्थिति स्वीकृत नहीं कर रहे हैं। विभागाध्यक्ष का कहना है कि छात्रा झूठ बोलकर गलत कागज पर हस्ताक्षर कराना चाहती है।
कैमसन निवासी पीएचडी छात्रा ने बताया कि उसके पति आईटीवीपी में इंस्पेक्टर हैं और सिक्किम में तैनात हैं। उसने जेआरएफ किया और छह माह का कोर्स वर्क करने के बाद गाइड नियुक्ति किया गया। अब उसकी उपस्थिति को विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना वर्मा और गाइड डॉ. जोत वर्मा मंजूर नहीं कर रहे हैं। इसके चलते, यूजीसी को वह अपग्रेड नहीं कर पा रही है। आरोप लगाया कि वह लगातार चक्कर लगा रही है मगर उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। प्रशासनिक ब्लॉक में यही कहा जाता है कि जब फाइल आएगी, तब फैसला होगा। वहीं, विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना वर्मा का कहना है कि उसने फर्जी तरीके से उपस्थिति दर्ज की है। जिस दिन गाइड के ससुर का निधन हुआ था, उस दिन भी उपस्थिति दर्ज कर दी है।
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