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Jhansi News: चार हजार विद्यार्थियों को राहत, दूसरे कॉलेजों में मिलेगा प्रवेश
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से 58 कॉलेजों को स्थायी संबद्धता न मिल पाने के बावजूद ऑफलाइन प्रवेश लेने वाले चार हजार छात्र-छात्राओं को शासन से राहत मिल गई है। इन विद्यार्थियों का एक साल खराब नहीं होगा, क्योंकि इन्हें पास के ही स्थायी संबद्धता वाले कॉलेजों में प्रवेश की अनुमति दे दी गई है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से इन 58 कॉलेजों को अस्थायी संबद्धता मिली हुई थी। नियमों के तहत तीन साल बाद बीयू से स्थायी संबद्धता पाने के लिए कॉलेजों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इन कॉलेजों ने आवेदन तो कर दिया मगर कइयों ने बीयू द्वारा गठित दल से निरीक्षण नहीं कराया। कुछ कॉलेजों में निरीक्षण हुआ मगर मई 2022 में शासन द्वारा निर्धारित तिथि तक निरीक्षण आख्या ऑनलाइन अपलोड नहीं हो सकी। ऐसे में इन कॉलेजों को स्थायी संबद्धता हासिल नहीं हो पाई। दूसरी तरफ इन कॉलेजों ने भी स्थायी संबद्धता मिलने की उम्मीद में स्नातक, परास्नातक के कोर्सों में छात्र-छात्राओं के ऑफलाइन प्रवेश कर लिए। बताया गया कि इन 58 कॉलेजों में ऐसे विद्यार्थियों की संख्या करीब चार हजार है। इसके बाद मामला शासन स्तर पर पहुंचा। अब शासन ने इन छात्र-छात्राओं का भविष्य खराब न हो, इसलिए पास के ही स्थायी संबद्धता वाले महाविद्यालयों में रिक्त सीटों पर प्रवेश देने की अनुमति दे दी है। ऐसे में इन विद्यार्थियों का एक साल बर्बाद होने से बच गया है।
एक सप्ताह में हो जाएगा कॉलेज आवंटन
बीयू कुलसचिव विनय कुमार सिंह का कहना है कि शासन से आदेश आने के बाद इन 58 कॉलेजों से ऑफलाइन प्रवेश वाले छात्रों का ब्योरा मांगा जा रहा है। एक सप्ताह के अंदर इन विद्यार्थियों को कॉलेज आवंटन कर दिया जाएगा।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से इन 58 कॉलेजों को अस्थायी संबद्धता मिली हुई थी। नियमों के तहत तीन साल बाद बीयू से स्थायी संबद्धता पाने के लिए कॉलेजों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इन कॉलेजों ने आवेदन तो कर दिया मगर कइयों ने बीयू द्वारा गठित दल से निरीक्षण नहीं कराया। कुछ कॉलेजों में निरीक्षण हुआ मगर मई 2022 में शासन द्वारा निर्धारित तिथि तक निरीक्षण आख्या ऑनलाइन अपलोड नहीं हो सकी। ऐसे में इन कॉलेजों को स्थायी संबद्धता हासिल नहीं हो पाई। दूसरी तरफ इन कॉलेजों ने भी स्थायी संबद्धता मिलने की उम्मीद में स्नातक, परास्नातक के कोर्सों में छात्र-छात्राओं के ऑफलाइन प्रवेश कर लिए। बताया गया कि इन 58 कॉलेजों में ऐसे विद्यार्थियों की संख्या करीब चार हजार है। इसके बाद मामला शासन स्तर पर पहुंचा। अब शासन ने इन छात्र-छात्राओं का भविष्य खराब न हो, इसलिए पास के ही स्थायी संबद्धता वाले महाविद्यालयों में रिक्त सीटों पर प्रवेश देने की अनुमति दे दी है। ऐसे में इन विद्यार्थियों का एक साल बर्बाद होने से बच गया है।
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एक सप्ताह में हो जाएगा कॉलेज आवंटन
बीयू कुलसचिव विनय कुमार सिंह का कहना है कि शासन से आदेश आने के बाद इन 58 कॉलेजों से ऑफलाइन प्रवेश वाले छात्रों का ब्योरा मांगा जा रहा है। एक सप्ताह के अंदर इन विद्यार्थियों को कॉलेज आवंटन कर दिया जाएगा।
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