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बीयू: एक्सपायरी केमिकल ने खोली पोल, व्यवस्थाएं मिलीं डांवाडोल
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संशोधित
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में नैक के मॉक विजिट के लिए आई टीम को निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिलीं। टीम को विभागों की प्रयोगशाला में एक्सपायरी केमिकल मिले हैं। इसके अलावा कई उपकरण भी खराब मिले। टीम को उपकरणों पर किए जाने वाले काम का भी कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। कई अन्य खामियां भी उजागर हुईं हैं, जिसकी रिपोर्ट बीयू प्रशासन को दी गई है।
विश्वविद्यालय में चौथी बार नैक (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) का मूल्यांकन होने वाला है। जून या फिर जुलाई में टीम आकर निरीक्षण कर सकती है। इसके लिए पिछले एक साल से बीयू में नैक की तैयारियां चल रही हैं। इन तैयारियों को परखने के लिए तीन सदस्यीय दल प्रो. एनसी गौतम, प्रो. सुनील पारेख, प्रो. पीके वाजपेयी दो दिवसीय निरीक्षण के लिए बीयू पहुंचा था।
शनिवार को अंतिम दिन उन्होंने निरीक्षण पूरा होने के बाद बीयू प्रशासन को अपनी रिपोर्ट सौंपी। बताया गया कि टीम को कई विभागों के शौचालय गंदे मिले। विज्ञान भवन में एक विभाग की प्रयोगशाला में केमिकल खराब मिला। इससे बीयू में प्रयोगशालाओं में कितने प्रैक्टिकल होते हैं, इसकी पोल खुल गई। कई विभागों में नोटिस बोर्ड लगा नहीं मिला, वहीं कई विभागों में नोटिस बोर्ड अपडेट नहीं मिला। कई विभागों में फैकल्टी के नाम तक बोर्ड पर नहीं लिखे थे। उनके शोधपत्रों तक का उल्लेख नहीं मिला।
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कृषि विभाग में 10 विषयों में एमएससी की पढ़ाई होती है मगर यहां लैब की कमी मिली। वहीं, प्रयोगशालाओं से निकलने वाले विषैले रसायन के ट्रीटमेंट की कोई व्यवस्था नहीं मिली, जबकि ये सीधे भूजल में जा रहा है। उधर, टीम ने सभी सात समन्वयकों को प्रस्तुतीकरण को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कहा।
टीम ने फॉर्मेसी का हर्बल गार्डन बहुत छोटा होने पर भी नाराजगी जताई। हर विभाग में ले-आउट प्लान लगाने को कहा। वहीं, टीम ने एमबीए, इकोनॉमिक्स, आर्किटेक्चर विभाग समेत परीक्षा भवन, बीयूआईसी, वाटर टेस्टिंग लैब और सोलर पैनल सिस्टम की प्रशंसा की।
वर्जन..
विषैले केमिकल को अब बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट भिजवाया जाएगा। कुछ विभागों की लैब में एक्सपायर्ड केमिकल मिले हैं। उनके समन्वयकों को तलब किया जाएगा। वहीं, भ्रमण के दौरान अनुपस्थित शिक्षकों से भी जवाब-तलब किया जाएगा। टीम ने जो कमियां बताई हैं, उन्हें पूरा करेंगे। - विनय कुमार सिंह, कुलसचिव, बीयू।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में नैक के मॉक विजिट के लिए आई टीम को निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिलीं। टीम को विभागों की प्रयोगशाला में एक्सपायरी केमिकल मिले हैं। इसके अलावा कई उपकरण भी खराब मिले। टीम को उपकरणों पर किए जाने वाले काम का भी कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। कई अन्य खामियां भी उजागर हुईं हैं, जिसकी रिपोर्ट बीयू प्रशासन को दी गई है।
विश्वविद्यालय में चौथी बार नैक (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) का मूल्यांकन होने वाला है। जून या फिर जुलाई में टीम आकर निरीक्षण कर सकती है। इसके लिए पिछले एक साल से बीयू में नैक की तैयारियां चल रही हैं। इन तैयारियों को परखने के लिए तीन सदस्यीय दल प्रो. एनसी गौतम, प्रो. सुनील पारेख, प्रो. पीके वाजपेयी दो दिवसीय निरीक्षण के लिए बीयू पहुंचा था।
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शनिवार को अंतिम दिन उन्होंने निरीक्षण पूरा होने के बाद बीयू प्रशासन को अपनी रिपोर्ट सौंपी। बताया गया कि टीम को कई विभागों के शौचालय गंदे मिले। विज्ञान भवन में एक विभाग की प्रयोगशाला में केमिकल खराब मिला। इससे बीयू में प्रयोगशालाओं में कितने प्रैक्टिकल होते हैं, इसकी पोल खुल गई। कई विभागों में नोटिस बोर्ड लगा नहीं मिला, वहीं कई विभागों में नोटिस बोर्ड अपडेट नहीं मिला। कई विभागों में फैकल्टी के नाम तक बोर्ड पर नहीं लिखे थे। उनके शोधपत्रों तक का उल्लेख नहीं मिला।
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कृषि विभाग में 10 विषयों में एमएससी की पढ़ाई होती है मगर यहां लैब की कमी मिली। वहीं, प्रयोगशालाओं से निकलने वाले विषैले रसायन के ट्रीटमेंट की कोई व्यवस्था नहीं मिली, जबकि ये सीधे भूजल में जा रहा है। उधर, टीम ने सभी सात समन्वयकों को प्रस्तुतीकरण को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कहा।
टीम ने फॉर्मेसी का हर्बल गार्डन बहुत छोटा होने पर भी नाराजगी जताई। हर विभाग में ले-आउट प्लान लगाने को कहा। वहीं, टीम ने एमबीए, इकोनॉमिक्स, आर्किटेक्चर विभाग समेत परीक्षा भवन, बीयूआईसी, वाटर टेस्टिंग लैब और सोलर पैनल सिस्टम की प्रशंसा की।
वर्जन..
विषैले केमिकल को अब बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट भिजवाया जाएगा। कुछ विभागों की लैब में एक्सपायर्ड केमिकल मिले हैं। उनके समन्वयकों को तलब किया जाएगा। वहीं, भ्रमण के दौरान अनुपस्थित शिक्षकों से भी जवाब-तलब किया जाएगा। टीम ने जो कमियां बताई हैं, उन्हें पूरा करेंगे। - विनय कुमार सिंह, कुलसचिव, बीयू।