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बीयू: शिक्षक भर्ती विवाद के बीच कार्य परिषद सदस्य का इस्तीफा
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में चल रही शिक्षकों की भर्ती के विवाद के बीच कार्य परिषद सदस्य ने इस्तीफा दे दिया है। शिक्षकों की नियुक्तियों पर असहमति जताते हुए सदस्य ने साफ कहा है कि वो सोमवार को होने वाली कार्य परिषद की बैठक में भी सामने नहीं आएंगे। उन्होंने खुद नियुक्तियों की जांच कराने की मांग की है।
बीयू में चल रही शिक्षकों की भर्ती विवादों में घिर गई है। गरौठा विधायक जवाहर राजपूत ने मुख्यमंत्री को भर्ती की जांच कराने के लिए लिखी चिट्ठी में जिन पांच लोगों की नियुक्ति तय होने का उल्लेख किया था। एक हफ्ते बाद जब लिफाफे खुले तो चार की नियुक्ति हो गई। जबकि, एक विभाग का साक्षात्कार नहीं हुआ है। शनिवार को कार्य परिषद सदस्य डॉ. अभिलाष कुमार श्रीवास्तव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार शिक्षकों की नियुक्तियों में प्रतीक्षा सूची बननी चाहिए। परिणाम को वेबसाइट पर अपलोड और समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाना चाहिए। उन्होंने बीयू अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित भी कराया, मगर इस पर संज्ञान नहीं लिया गया। जो कि खेदजनक है। बूटा का भी पत्र प्राप्त हुआ है। इसमें बीयू में शिक्षकों की नियुक्तियों में अनियमितता और भ्रष्टाचार का उल्लेख किया गया है। शिक्षकों की नियुक्तियों की उच्च स्तरीय जांच कराना जरूरी है। नियुक्तियों पर असहमति जताते हुए कहा कि अनियमितता द्वारा की जा रही नियुक्तियों में वह कार्य परिषद की बैठक में अब भागीदार नहीं बनना चाहता हैं, इसलिए वह 11 मार्च को बीयू की कार्यपरिषद की बैठक में शामिल नहीं होंगे, जब तक निष्पक्ष जांच न हो जाए। उन्होंने कार्य परिषद सदस्य से भी इस्तीफा दे दिया है।
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में चल रही शिक्षकों की भर्ती के विवाद के बीच कार्य परिषद सदस्य ने इस्तीफा दे दिया है। शिक्षकों की नियुक्तियों पर असहमति जताते हुए सदस्य ने साफ कहा है कि वो सोमवार को होने वाली कार्य परिषद की बैठक में भी सामने नहीं आएंगे। उन्होंने खुद नियुक्तियों की जांच कराने की मांग की है।
बीयू में चल रही शिक्षकों की भर्ती विवादों में घिर गई है। गरौठा विधायक जवाहर राजपूत ने मुख्यमंत्री को भर्ती की जांच कराने के लिए लिखी चिट्ठी में जिन पांच लोगों की नियुक्ति तय होने का उल्लेख किया था। एक हफ्ते बाद जब लिफाफे खुले तो चार की नियुक्ति हो गई। जबकि, एक विभाग का साक्षात्कार नहीं हुआ है। शनिवार को कार्य परिषद सदस्य डॉ. अभिलाष कुमार श्रीवास्तव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार शिक्षकों की नियुक्तियों में प्रतीक्षा सूची बननी चाहिए। परिणाम को वेबसाइट पर अपलोड और समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाना चाहिए। उन्होंने बीयू अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित भी कराया, मगर इस पर संज्ञान नहीं लिया गया। जो कि खेदजनक है। बूटा का भी पत्र प्राप्त हुआ है। इसमें बीयू में शिक्षकों की नियुक्तियों में अनियमितता और भ्रष्टाचार का उल्लेख किया गया है। शिक्षकों की नियुक्तियों की उच्च स्तरीय जांच कराना जरूरी है। नियुक्तियों पर असहमति जताते हुए कहा कि अनियमितता द्वारा की जा रही नियुक्तियों में वह कार्य परिषद की बैठक में अब भागीदार नहीं बनना चाहता हैं, इसलिए वह 11 मार्च को बीयू की कार्यपरिषद की बैठक में शामिल नहीं होंगे, जब तक निष्पक्ष जांच न हो जाए। उन्होंने कार्य परिषद सदस्य से भी इस्तीफा दे दिया है।
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