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बीयू पर 12 करोड़ गृहकर बकाया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Mar 2016 01:16 AM IST
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hindi news in jhansi, bu in 12 million
- फोटो : demo pice
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झांसी। वित्तीय वर्ष की समाप्ति के नजदीक पहुंचते ही सभी विभागों को अपने बकायादारों की याद आने लगती है। नगर निगम भी इससे अछूता नहीं है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय पर भी नगर निगम का 12 करोड़ रुपया बकाया है, जिसे वसूलने में असफल नगर निगम अब विश्वविद्यालय का खाता सीज कराने की तैयारी कर रहा है।
मालूम हो कि वर्षों से विश्वविद्यालय निगम के बड़े बकायादारों की सूची में शामिल है। हर बार नगर निगम अपने बकाया गृहकर को जमा करने के लिए विश्वविद्यालय को नोटिस जारी करता है और हर बार विश्वविद्यालय पैसा जमा करने की बजाए से बकाया होने से इनकार कर देता है। इस बार विश्वविद्यालय की बकाया धनराशि 12 करोड़ हो गई है।
इसलिए अपर नगर आयुक्त ने इस बकाया राशि को वसूलने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने का निर्णय लिया है। इसके तहत एक पत्र नगर आयुक्त के पास भेजा गया है। इस पत्र में विश्वविद्यालय का खाता सीज कराने की बात कही गई है। नगर आयुक्त ने यदि स्वीकृति दे दी तो पत्र को चेतावनी के रूप में विश्वविद्यालय भेज दिया जाएगा। ताकि आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा सके। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश का कहना है कि यदि विश्वविद्यालय बकाया रकम जमा करने से इनकार करेगा तो निश्चित ही संवैधानिक तरीके से खाता सीज कराने की प्रक्रि या अपनाई जाएगी।
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इस मामले में बीयू के वित्त अधिकारी धर्मपाल का कहना है कि बीते वर्ष हाउस टैक्स के मामले में विश्वविद्यालय अपनी मांगों के साथ कोर्ट चला गया था। तब कोर्ट ने विश्वविद्यालय को नगर निगम को चार करोड़ रुपये भुगतान कर सूचित करने के आदेश दिए थे। नगर निगम को चार करोड़ भुगतान कर कोर्ट को सूचना दे दी गई थी। अब कोर्ट के आदेश की प्रतीक्षा की जा रही है। जैसा आदेश मिलेगा, उसी अनुसार कार्यवाही होगी।
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मालूम हो कि वर्षों से विश्वविद्यालय निगम के बड़े बकायादारों की सूची में शामिल है। हर बार नगर निगम अपने बकाया गृहकर को जमा करने के लिए विश्वविद्यालय को नोटिस जारी करता है और हर बार विश्वविद्यालय पैसा जमा करने की बजाए से बकाया होने से इनकार कर देता है। इस बार विश्वविद्यालय की बकाया धनराशि 12 करोड़ हो गई है।
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इसलिए अपर नगर आयुक्त ने इस बकाया राशि को वसूलने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने का निर्णय लिया है। इसके तहत एक पत्र नगर आयुक्त के पास भेजा गया है। इस पत्र में विश्वविद्यालय का खाता सीज कराने की बात कही गई है। नगर आयुक्त ने यदि स्वीकृति दे दी तो पत्र को चेतावनी के रूप में विश्वविद्यालय भेज दिया जाएगा। ताकि आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा सके। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश का कहना है कि यदि विश्वविद्यालय बकाया रकम जमा करने से इनकार करेगा तो निश्चित ही संवैधानिक तरीके से खाता सीज कराने की प्रक्रि या अपनाई जाएगी।
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इस मामले में बीयू के वित्त अधिकारी धर्मपाल का कहना है कि बीते वर्ष हाउस टैक्स के मामले में विश्वविद्यालय अपनी मांगों के साथ कोर्ट चला गया था। तब कोर्ट ने विश्वविद्यालय को नगर निगम को चार करोड़ रुपये भुगतान कर सूचित करने के आदेश दिए थे। नगर निगम को चार करोड़ भुगतान कर कोर्ट को सूचना दे दी गई थी। अब कोर्ट के आदेश की प्रतीक्षा की जा रही है। जैसा आदेश मिलेगा, उसी अनुसार कार्यवाही होगी।