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बुकिंग, आरक्षण और टिकट स्टाफ होंगे एक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Mar 2017 12:38 AM IST
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बुकिंग, आरक्षण और टिकट स्टाफ होंगे एक
- फोटो : demo
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कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे रेलवे ने वाणिज्य विभाग के अंतर्गत आने वाले बुकिंग, आरक्षण और टिकट चेकिंग स्टाफ को एक करने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था को अमल में लाने के लिए रेलवे ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मंडलों के अफसरों से राय व स्टाफ की स्थिति मांगी गई है। यूनियन नेताओं से चर्चा करने को भी कहा है, ताकि विरोध न हो।
रेलवे के वाणिज्य विभाग की तीन प्रमुख शाखाएं टिकट चेकिंग, बुकिंग व आरक्षण हैं, जो यात्रियों से सीधी जुड़ी हैं। रेलवे बोर्ड इंटरनेट टिकट, अनारक्षित टिकट सेवा केंद्र, आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन, पोस्ट आफिस में आरक्षण काउंटर आदि कार्य निजी एजेंसियों को देकर आरक्षित व अनारक्षित टिकटों की बिक्री आसान करता जा रहा है। स्टेशन के काउंटरों पर ट्रैफिक (यात्रियों की संख्या) घट रही है। इस कारण बुकिंग व आरक्षण कैडर में अनुकंपा नियुक्ति के अलावा कोई नई भर्ती नहीं की जा रही है। वहीं, टिकट चेकिंग में लगातार कर्मचारियों की कमी हो रही है।
इस कारण सातवें वेतन आयोग में इन तीनों कैडरों को एक करने की बात कही गई थी, जिस पर तेजी से काम चल रहा है। रेल प्रशासन का मानना है कि तीनों कैडर को एक करके कर्मचारियों की कमी को पूरा किया जा सकता है। तीनों कैडर के एक होने से कर्मचारियों को आसानी से कहीं भी तैनात किया जा सकेगा।
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आदेश को लागू करने पर काम शुरू
सातवें वेतन आयोग में इन तीनों कैडरों को एक करने की बात कही गई है। इस व्यवस्था को लागू करने पर काम चल रहा है। यह व्यवस्था कब से लागू हो पाएगी, इस पर अंतिम निर्णय रेलवे बोर्ड को लेना है।
- दुर्गेश दुबे, सीनियर डीसीएम।
इस तरह होगा स्टाफ कम
- अब आरक्षण 60 फीसदी इंटरनेट से होने लगे हैं। इस कारण धीरे-धीरे स्टेशनों पर आरक्षण काउंटरों की संख्या कम की जा रही है।
- अनारक्षित टिकट के लिए आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन लगाई जा रही है। इन मशीनों के लगने पर अनारक्षित टिकट काउंटरों की संख्या कम की जाएगी।
- शहरी क्षेत्र में लगातार प्राइवेट अनारक्षित टिकट बुकिंग सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं, ताकि यात्री को स्टेशन पर आकर टिकट न लेने पड़े।
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रेलवे के वाणिज्य विभाग की तीन प्रमुख शाखाएं टिकट चेकिंग, बुकिंग व आरक्षण हैं, जो यात्रियों से सीधी जुड़ी हैं। रेलवे बोर्ड इंटरनेट टिकट, अनारक्षित टिकट सेवा केंद्र, आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन, पोस्ट आफिस में आरक्षण काउंटर आदि कार्य निजी एजेंसियों को देकर आरक्षित व अनारक्षित टिकटों की बिक्री आसान करता जा रहा है। स्टेशन के काउंटरों पर ट्रैफिक (यात्रियों की संख्या) घट रही है। इस कारण बुकिंग व आरक्षण कैडर में अनुकंपा नियुक्ति के अलावा कोई नई भर्ती नहीं की जा रही है। वहीं, टिकट चेकिंग में लगातार कर्मचारियों की कमी हो रही है।
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इस कारण सातवें वेतन आयोग में इन तीनों कैडरों को एक करने की बात कही गई थी, जिस पर तेजी से काम चल रहा है। रेल प्रशासन का मानना है कि तीनों कैडर को एक करके कर्मचारियों की कमी को पूरा किया जा सकता है। तीनों कैडर के एक होने से कर्मचारियों को आसानी से कहीं भी तैनात किया जा सकेगा।
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आदेश को लागू करने पर काम शुरू
सातवें वेतन आयोग में इन तीनों कैडरों को एक करने की बात कही गई है। इस व्यवस्था को लागू करने पर काम चल रहा है। यह व्यवस्था कब से लागू हो पाएगी, इस पर अंतिम निर्णय रेलवे बोर्ड को लेना है।
- दुर्गेश दुबे, सीनियर डीसीएम।
इस तरह होगा स्टाफ कम
- अब आरक्षण 60 फीसदी इंटरनेट से होने लगे हैं। इस कारण धीरे-धीरे स्टेशनों पर आरक्षण काउंटरों की संख्या कम की जा रही है।
- अनारक्षित टिकट के लिए आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन लगाई जा रही है। इन मशीनों के लगने पर अनारक्षित टिकट काउंटरों की संख्या कम की जाएगी।
- शहरी क्षेत्र में लगातार प्राइवेट अनारक्षित टिकट बुकिंग सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं, ताकि यात्री को स्टेशन पर आकर टिकट न लेने पड़े।