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भाजपा ने छह पदाधिकारियों को दिखाया बाहर का रास्ता
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झांसी। जिला पंचायत के सभी चौबीस वार्डों में भारतीय जनता पार्टी अपने अधिकृत प्रत्याशी लड़ा रही है। लेकिन, कई वार्डों में भाजपा प्रत्याशियों को अपनों के ही विरोध का सामना करना पड़ रहा था। प्रत्याशियों की ओर से लगातार शिकायत सामने आने के बाद पार्टी ने छह पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
पिछले पंचायत चुनाव में भारतीय जनता पार्टी जिला पंचायत के 24 वार्डों में से महज चार पर ही जीत दर्ज कर पाई थी। जबकि, सपा के खाते में 16 और बसपा के पास चार सीटें गईं थीं। लेकिन, इस चुनाव में भाजपा इतिहास बदलने के लिए पूरी एड़ीचोटी का जोर लगाए हुए हैं। सभी 24 वार्डों से पार्टी ने अधिकृत प्रत्याशी उतारे हैं। लेकिन, कई वार्डों में भाजपा प्रत्याशियों को अपनों के ही विरोध का सामना करना पड़ रहा था। प्रत्याशियों की ओर से इसकी शिकायत संगठन के पदाधिकारियों से की जा रही थी। अंतत: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के निर्देश पर महानगर अध्यक्ष मुकेश मिश्रा ने छह पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। युवा मोर्चा के जिला मंत्री रवींद्र सिंह गुर्जर बंटी, बबीना के पूर्व मंडल अध्यक्ष ज्ञानचंद्र जैन, बबीना के मंडल महामंत्री अभिषेक जैन, किसान मोर्चा बबीना के मंडल अध्यक्ष प्रवीण राजपूत, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला मंत्री दीपचंद्र पाल तथा बूथ अध्यक्ष नवल सिंह राजपूत को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
कई और भी हैं निशाने पर
झांसी। अधिकृत प्रत्याशियों का विरोध करने वाले कई और कार्यकर्ता भी अभी भाजपा के निशाने पर हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्यवाही हो सकती है। उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत के प्रत्याशियों की घोषणा होने के बाद से ही कई सीटों पर विरोध के स्वर फूटने लगे थे। लेकिन, शुरुआत से ही पार्टी के पदाधिकारी विरोध को दबाने में जुट गए थे और इसमें काफी हद तक कामयाबी भी हासिल कर ली गई थी। अब पार्टी ने छह पदाधिकारियों का निष्कासन कर बड़ा संदेश देने का काम किया है।
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पिछले पंचायत चुनाव में भारतीय जनता पार्टी जिला पंचायत के 24 वार्डों में से महज चार पर ही जीत दर्ज कर पाई थी। जबकि, सपा के खाते में 16 और बसपा के पास चार सीटें गईं थीं। लेकिन, इस चुनाव में भाजपा इतिहास बदलने के लिए पूरी एड़ीचोटी का जोर लगाए हुए हैं। सभी 24 वार्डों से पार्टी ने अधिकृत प्रत्याशी उतारे हैं। लेकिन, कई वार्डों में भाजपा प्रत्याशियों को अपनों के ही विरोध का सामना करना पड़ रहा था। प्रत्याशियों की ओर से इसकी शिकायत संगठन के पदाधिकारियों से की जा रही थी। अंतत: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के निर्देश पर महानगर अध्यक्ष मुकेश मिश्रा ने छह पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। युवा मोर्चा के जिला मंत्री रवींद्र सिंह गुर्जर बंटी, बबीना के पूर्व मंडल अध्यक्ष ज्ञानचंद्र जैन, बबीना के मंडल महामंत्री अभिषेक जैन, किसान मोर्चा बबीना के मंडल अध्यक्ष प्रवीण राजपूत, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला मंत्री दीपचंद्र पाल तथा बूथ अध्यक्ष नवल सिंह राजपूत को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
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कई और भी हैं निशाने पर
झांसी। अधिकृत प्रत्याशियों का विरोध करने वाले कई और कार्यकर्ता भी अभी भाजपा के निशाने पर हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्यवाही हो सकती है। उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत के प्रत्याशियों की घोषणा होने के बाद से ही कई सीटों पर विरोध के स्वर फूटने लगे थे। लेकिन, शुरुआत से ही पार्टी के पदाधिकारी विरोध को दबाने में जुट गए थे और इसमें काफी हद तक कामयाबी भी हासिल कर ली गई थी। अब पार्टी ने छह पदाधिकारियों का निष्कासन कर बड़ा संदेश देने का काम किया है।
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