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22 करोड़ में सात करोड़ के बिल दिए, सत्यापन में छह करोड़ रह गए
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झांसी। जलसंस्थान के ठेकेदार 22.79 करोड़ रुपये के भुगतान को लेकर 2017 से हंगामा कर रहे थे। हिसाब मांगा गया, तो सात करोड़ रुपये के दस्तावेज दिए गए। अब जब इन दस्तावेजों का सत्यापन किया गया, तो महज छह करोड़ रुपये की ही देनदारी निकले। बिलों में की गई हेराफेरी को लेकर 15 ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस दिए गए हैं। जवाब न मिलने पर फर्म काली सूची में डालने और मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है।
जलसंस्थान में पाइपलाइन और ट्यूबवेल मरम्मत कार्य के धन के भुगतान को लेकर ठेेकेदार 2017 से 22.79 करोड़ रुपये का हिसाब अधिकारियों को गिना रहे थे। पिछले दिनों मंडलायुक्त डॉ. अजय शंकर पांडेय ने जब बिल मांगे, तो ठेकेदार महज 7.78 करोड़ रुपये के बिल दे सके। इसके बाद मंडलायुक्त ने बिलों के सत्यापन के लिए टीम बनाई, तो पोल खुल गई। टीम ने मंडलायुक्त को अपनी रिपोर्ट साैंपी, जिसमें देनदारी महज छह करोड़ 29 लाख रुपये रह गई। यानि एक करोड़ 56 लाख रुपये की देनदारियों में कमी आ गई। सत्यापन कराने के बाद राजस्व का 16 करोड़ रुपये बचा लिए हैं।
उरई का दावा सिर्फ 26 लाख में सिमटा
जल संस्थान उरई के ठेकेदारों ने 3 करोड़ 59 लाख 37 हजार रुपये बकाया भुगतान करने का दावा किया था। लेकिन बिल सिर्फ 26 लाख 15 हजार रुपये के प्रस्तुत किए गए।
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मंडल की देनदारियों का ब्योरा
कार्यालय देनदारी का दावा सत्यापन से पहले सत्यापन के बाद रकम
मुख्यालय 7.15 करोड़ 3.21 करोड़ 3.21 करोड़
झांसी 3.90 करोड़ 1.90 करोड़ 1.42 करोड़
ललितपुर 8.13 करोड़ 2.47 करोड़ 1.39 करोड़
उरई 3.59 करोड़ 26.15 लाख 26.15 लाख
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कुल 22.79 करोड़ 7.86 करोड़ 6.29 करोड़
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जलसंस्थान में पाइपलाइन और ट्यूबवेल मरम्मत कार्य के धन के भुगतान को लेकर ठेेकेदार 2017 से 22.79 करोड़ रुपये का हिसाब अधिकारियों को गिना रहे थे। पिछले दिनों मंडलायुक्त डॉ. अजय शंकर पांडेय ने जब बिल मांगे, तो ठेकेदार महज 7.78 करोड़ रुपये के बिल दे सके। इसके बाद मंडलायुक्त ने बिलों के सत्यापन के लिए टीम बनाई, तो पोल खुल गई। टीम ने मंडलायुक्त को अपनी रिपोर्ट साैंपी, जिसमें देनदारी महज छह करोड़ 29 लाख रुपये रह गई। यानि एक करोड़ 56 लाख रुपये की देनदारियों में कमी आ गई। सत्यापन कराने के बाद राजस्व का 16 करोड़ रुपये बचा लिए हैं।
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उरई का दावा सिर्फ 26 लाख में सिमटा
जल संस्थान उरई के ठेकेदारों ने 3 करोड़ 59 लाख 37 हजार रुपये बकाया भुगतान करने का दावा किया था। लेकिन बिल सिर्फ 26 लाख 15 हजार रुपये के प्रस्तुत किए गए।
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मंडल की देनदारियों का ब्योरा
कार्यालय देनदारी का दावा सत्यापन से पहले सत्यापन के बाद रकम
मुख्यालय 7.15 करोड़ 3.21 करोड़ 3.21 करोड़
झांसी 3.90 करोड़ 1.90 करोड़ 1.42 करोड़
ललितपुर 8.13 करोड़ 2.47 करोड़ 1.39 करोड़
उरई 3.59 करोड़ 26.15 लाख 26.15 लाख
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कुल 22.79 करोड़ 7.86 करोड़ 6.29 करोड़
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