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जीवन में प्रभु की भक्ति जरूरी: कान्हा
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गल्ला मंडी मार्ग स्थित विवाहघर में श्री बालाजी जागरण सेवा मंडल द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा ?
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जीवन में प्रभु की भक्ति जरूरी: कान्हा
झांसी। भागवत कथा व्यास कान्हा कौशिक शास्त्री ने कहा कि मनुष्य जीवन में प्रभु की भक्ति जरूरी है। परमात्मा को हृदय में आत्मसात करने से सभी मनोरथ पूर्ण हो जाते हैं।
श्री बालाजी जागरण सेवा मंडल के तत्वावधान में गल्ला मंडी मार्ग स्थित विवाह घर में श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में उन्होंने प्रवचन में कहा कि भक्ति के बाद ज्ञान स्वत: आ जाता है। ज्ञान से ही वैराग्य आता है। जब यह तीनों आ जाते हैं, तभी भागवत कथा का सुनना सार्थक रहता है। उन्होंने कहा कि परम पिता परमात्मा की भक्ति जीवन क ो बदल देती है। हमारे धर्मग्रंथों में भक्ति की महिमा को महान बताया गया है। हर युग में भक्ति की प्रधानता रही है। भक्त प्रहलाद और द्रोपदी के समक्ष जब संकट आया, भगवान दौडे़ चले आए।
प्रवचन में भागवत कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा कल्पवृक्ष के समान है। यह भक्ति को प्रधानता देती है। आज आवश्यकता है कि प्रत्येक मनुष्य भगवान श्री कृष्ण के विश्व कल्याणकारी संदेश का प्रचार प्रसार करे। समूची दुनिया श्री कृष्ण की भक्ति में विभोर है। प्रवचन अवसर पर यजमान मदन मोहन छिरौल्या, मंजू, प्रशांत गुप्ता, घनश्याम गुप्ता, उमेश गुप्ता, नंद किशोर, मनीष बिंदल, दिनेश साहू, जगदीश गर्ग, रोबिन साहू आदि मौजूद रहे। प्रवचन अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान कृष्ण के मधुर भजनों पर मोहक नृत्य भी किया।
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झांसी। भागवत कथा व्यास कान्हा कौशिक शास्त्री ने कहा कि मनुष्य जीवन में प्रभु की भक्ति जरूरी है। परमात्मा को हृदय में आत्मसात करने से सभी मनोरथ पूर्ण हो जाते हैं।
श्री बालाजी जागरण सेवा मंडल के तत्वावधान में गल्ला मंडी मार्ग स्थित विवाह घर में श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में उन्होंने प्रवचन में कहा कि भक्ति के बाद ज्ञान स्वत: आ जाता है। ज्ञान से ही वैराग्य आता है। जब यह तीनों आ जाते हैं, तभी भागवत कथा का सुनना सार्थक रहता है। उन्होंने कहा कि परम पिता परमात्मा की भक्ति जीवन क ो बदल देती है। हमारे धर्मग्रंथों में भक्ति की महिमा को महान बताया गया है। हर युग में भक्ति की प्रधानता रही है। भक्त प्रहलाद और द्रोपदी के समक्ष जब संकट आया, भगवान दौडे़ चले आए।
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प्रवचन में भागवत कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा कल्पवृक्ष के समान है। यह भक्ति को प्रधानता देती है। आज आवश्यकता है कि प्रत्येक मनुष्य भगवान श्री कृष्ण के विश्व कल्याणकारी संदेश का प्रचार प्रसार करे। समूची दुनिया श्री कृष्ण की भक्ति में विभोर है। प्रवचन अवसर पर यजमान मदन मोहन छिरौल्या, मंजू, प्रशांत गुप्ता, घनश्याम गुप्ता, उमेश गुप्ता, नंद किशोर, मनीष बिंदल, दिनेश साहू, जगदीश गर्ग, रोबिन साहू आदि मौजूद रहे। प्रवचन अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान कृष्ण के मधुर भजनों पर मोहक नृत्य भी किया।
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