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बेतवा नदी में फेंक दीं सैकड़ों मरी मुर्गियां, पानी हुआ दूषित

Sat, 12 Jun 2021 01:51 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 12 Jun 2021 01:51 AM IST
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Betawa river throw thousand dead hen water polution increase
तालबेहट/ कड़ेसराकलां। बेतवा नदी में किसी ने सैकड़ों की संख्या में मरी हुईं मुर्गियां फेेंक दी गईं, जिससे पानी दूषित हो गया। इसकी जानकारी होने पर आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। लेकिन, न तो विभागीय टीम ने मरी मुर्गियों को पानी से हटाया और न ही पोस्टमार्टम कराने की जरूरत समझी। इससे लोगों में नाराजगी रही।
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बेतवा नदी को बुंदेलखंड की गंगा माना जाता, ये नदी सूखे बुंदेलखंड की प्यास बुझाती है। साथ ही सिंचाई के लिए पानी भी उपलब्ध कराती है। भीषण गर्मी में नदी का पानी सिमटकर तलहटी से जा चिपका है। नदी से पीने के पानी भर की ही व्यवस्था हो पा रही है। झांसी महानगर का कंठ बेतवा नदी के पानी से ही गीला हो रहा है। नदी का पानी माताटीला बांध से झांसी महानगर के लिए छोड़ा जाता है, जो बबीना में स्थापित जल शोधन प्लांट से होता हुआ शहर के घर-घर में नलों के जरिये पहुंचता है। इसके अलावा बबीना, तालबेहट समेत आसपास के क्षेत्रों में भी बेतवा के पानी का पीने के लिए उपयोग किया जाता है। बावजूद, नदी अनदेखी की शिकार है। सुरक्षा के कोई खास इंतजाम तक नहीं हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है की शुक्रवार को कोई पांच सौ से अधिक मरी हुईं मुर्गियों को झरर घाट के करीब नदी में फेंक गया। मुर्गियां पानी कम होने की वजह से बेतवा नदी में उभरीं सतही चट्टानों इर्दगिर्द जा लगीं। कुछ ही देर में ये खबर आसपास के ग्रामीण इलाकों में पहुंच गई। सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने स्थिति का जायजा लिया। लेकिन, विभागीय टीम पानी में उतरकर मुर्गियों की पड़ताल करने से बचती रही। यहां तक कि मुर्गियों का पोस्टमार्टम तक नहीं कराया गया, जिससे सामने आ जाता कि इतनी बड़ी तादाद में एक साथ मुर्गियों की मौत किसी बीमारी की वजह से तो नहीं हुईं।
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ये जताई जा रही है संभावना
इतनी बड़ी तादाद में बेतवा नदी में मरी हुईं मुर्गियां कहां से आईं, इस बारे में कोई सही जानकारी नहीं दे पाया। संभावना जताई जा रही है कि ट्रक से फार्म से मुर्गियों को बाजार में बेचने के लिए ले जाते समय उनकी मौत हो गई। जानकारी होने पर ट्रक ड्राइवर ने मौका देखकर मरी हुईं मुर्गियों को झरर घाट के पुल से नदी में फेंक दिया। इस संभावना को इससे और बल मिल रहा है कि नीचे पानी के अलावा ऊपर पुल पर भी कुछ मुर्गियां पड़ी हुईं मिलीं।
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मैैं झरर घाट गया था। अनजान व्यक्ति मुर्गियों को नदी में फेंक गया। जिससे वह टापू के किनारे लग गईं। उस स्थान तक जाने के लिए कोई साधन नहीं है। बीच नदी में मगरमच्छ का खतरा है। यह स्थान झांसी जिले में आता है। मैंने इसकी जानकारी पशु चिकित्सक को दी है।

- संदीप कुमार, वन दरोगा, ललितपुर
मामले की जानकारी नहीं है। वैसे उक्त क्षेत्र ललितपुर जनपद में आता है। फिर भी अधीनस्थों से अब इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। इसमें जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- वीके मिश्रा, जिला वन अधिकारी, झांसी
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