{"_id":"57f15c6c4f1c1b90745777ee","slug":"avas","type":"story","status":"publish","title_hn":"टूट रहा अपने घर का सपना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टूट रहा अपने घर का सपना
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Oct 2016 12:43 AM IST
विज्ञापन
avas, jhansi news
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। बारह साल बाद भी बेतवा विहार कालोनी आबाद नहीं हो सकी है। इस आवासीय योजना में झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने 914 भूखंड आवंटित किए गए थे, लेकिन अब तक यहां सिर्फ दो मकान ही बन पाए हैं। इसका कारण यह है जेडीए वहां अभी तक बुनियादी सुविधाएं तक मुहैया नहीं करवाई हैं। अब आवंटी परेशान हैं। उनका अपने घर का सपना अभी तक पूरा नहीं हो सका।
जेडीए ने 2004 में शहर से सात किलोमीटर दूर उन्नाव बालाजी रोड पर बेतवा विहार कालोनी विकसित की थी। यहां 38.71 हेक्टेयर में 914 भूखंड हैं। जेडीए ने वादा किया था कि प्लाट आवंटन के बाद वहां सभी मूलभूत सुविधाएं तीन साल के भीतर मुहैया करवा दी जाएंगी लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका।
इसी वादे पर आवंटियों ने रजिस्ट्रियां भी करवा लीं। अब वे अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। दो लोगों ने मकान बनवा तो लिए पर अभी वहां निवास नहीं कर रहे हैं। इसमें से एक कैलाश विश्वकर्मा ने बताया कि जेडीए ही क्या, अब कोई विभाग नहीं सुन रहा। हारकर खुद के पैसे से हैंडपंप लगवाया और फिर इस तरह पानी का इंतजाम करके मकान बनवाया। अब समस्या है कि इस वीराने में अकेले रहना संभव नहीं है। इस सन्नाटे में कुछ भी हो सकता है। फिलहाल कालोनी की जमीन पर पौधरोपण कराया गया है ताकि कुछ हरियाली नजर आए।
विज्ञापन
खंभे हैं पर बिजली नहीं
बेतवा विहार मेें खंभे लगे हैं, लेकिन अभी तक वहां बिजली नहीं पहुंची है। जेडीए ने 40 लाख का इस्टीमेट तैयार किया है ताकि वहां ट्रांसफार्मर लग सकें और बिजली सप्लाई शुरू हो जाए।
मैंने अभी हाल में ही जेडीए ज्वाइन किया है। परियोजनाओं पर नजर है। समीक्षा कर रहा हूं। शीघ्र ही आवासीय कालोनियों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। बेतवा विहार में पानी टंकी वहां पर बन गई है। पाइप लाइन और सड़कों का इस्टीमेट बनाया जा रहा है। शीघ्र ही तेजी से काम शुरू होगा। आवंटियों को सभी जरूरी सुविधाएं मिलेंगी।
- चंद्रविजय सिंह
उपाध्यक्ष, जेडीए
विज्ञापन
जेडीए ने 2004 में शहर से सात किलोमीटर दूर उन्नाव बालाजी रोड पर बेतवा विहार कालोनी विकसित की थी। यहां 38.71 हेक्टेयर में 914 भूखंड हैं। जेडीए ने वादा किया था कि प्लाट आवंटन के बाद वहां सभी मूलभूत सुविधाएं तीन साल के भीतर मुहैया करवा दी जाएंगी लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका।
विज्ञापन
इसी वादे पर आवंटियों ने रजिस्ट्रियां भी करवा लीं। अब वे अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। दो लोगों ने मकान बनवा तो लिए पर अभी वहां निवास नहीं कर रहे हैं। इसमें से एक कैलाश विश्वकर्मा ने बताया कि जेडीए ही क्या, अब कोई विभाग नहीं सुन रहा। हारकर खुद के पैसे से हैंडपंप लगवाया और फिर इस तरह पानी का इंतजाम करके मकान बनवाया। अब समस्या है कि इस वीराने में अकेले रहना संभव नहीं है। इस सन्नाटे में कुछ भी हो सकता है। फिलहाल कालोनी की जमीन पर पौधरोपण कराया गया है ताकि कुछ हरियाली नजर आए।
विज्ञापन
खंभे हैं पर बिजली नहीं
बेतवा विहार मेें खंभे लगे हैं, लेकिन अभी तक वहां बिजली नहीं पहुंची है। जेडीए ने 40 लाख का इस्टीमेट तैयार किया है ताकि वहां ट्रांसफार्मर लग सकें और बिजली सप्लाई शुरू हो जाए।
मैंने अभी हाल में ही जेडीए ज्वाइन किया है। परियोजनाओं पर नजर है। समीक्षा कर रहा हूं। शीघ्र ही आवासीय कालोनियों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। बेतवा विहार में पानी टंकी वहां पर बन गई है। पाइप लाइन और सड़कों का इस्टीमेट बनाया जा रहा है। शीघ्र ही तेजी से काम शुरू होगा। आवंटियों को सभी जरूरी सुविधाएं मिलेंगी।
- चंद्रविजय सिंह
उपाध्यक्ष, जेडीए