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Jhansi News: आत्महत्या का विचार आते ही सगे-संबंधियों तक पहुंचेगा संदेश

Fri, 26 Jul 2024 06:15 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jul 2024 06:15 AM IST
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As soon as thoughts of suicide arise, the message will reach the relatives.
अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। बुंदेलखंड विवि के इनोवेशन सेंटर में साइकोलॉजिकल एसेसमेंट एप बनाया जा रहा है, जो आत्महत्या का विचार हावी होते ही सगे-संबंधियों को अलर्ट मैसेज भेजेगा। इसके लिए डीएसटी (डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी) ने पांच करोड़ रुपये दिए हैं।
पढ़ाई का तनाव, परीक्षाओं में असफलता अथवा अन्य तनाव की वजह से आए दिन लोग आत्महत्या कर रहे हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद आत्महत्या का आंकड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। आत्महत्या रोकने की दिशा में डीएसटी ने अलग-अलग संस्थानों से रिसर्च करवाना शुरू कर दिया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के एकमात्र बुंदेलखंड विवि को पांच करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट मिला है। इनोवेशन सेंटर के को-ऑर्डीनेटर लवकुश द्विवेदी ने बताया कि मोबाइल एप और सेंसरयुक्त कलाई बैंड बनाने का शोध तेजी से किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि सेंसरयुक्त कलाई बैंड को एप से जोड़ा गया है। बैंड के माध्यम से मिलने वाले तनाव के संकेत एप तक पहुंचेंगे। जैसे ही किसी के मन में आत्महत्या का विचार आएगा, वैसे ही एप सक्रिय हो जाएगा। तनाव और आत्महत्या के विचार का ग्राफ 50 फीसदी पहुंचने पर मोबाइल में सुरक्षित सगे-संबंधियों के नंबर पर अलर्ट मैसेज भेजेगा। मैसेज में लिखा होगा कि उक्त व्यक्ति आत्महत्या करने के रास्ते पर चल रहा है और आत्मघाती कदम उठा सकता है। यही नहीं, जैसे-जैसे आत्महत्या के विचार का ग्रेड बढ़ेगा वैसे-वैसे मैसेज के सगे-संबंधियों तक पहुंचने की रफ्तार बढ़ेगी।
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तनाव का ग्राफ 90 फीसदी पहुंचने पर हर घंटे मैसेज पहुंचेंगे ताकि परिजन व शुभचिंतक उसे आत्महत्या से बचा सकें। डॉ. लवकुश द्विवेदी ने बताया कि अब तक की रिसर्च में काफी सफलता मिली है। एप बनाकर ट्रायल शुरू कर दिया गया है। ट्रायल में सफलता मिलने के बाद पूरी रिपोर्ट डीएसटी को पेटेंट कराने के लिए भेज दी जाएगी।
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