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झांसी: एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा
Mon, 29 Nov 2021 06:13 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 29 Nov 2021 06:13 PM IST
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टीम ने लेखपाल को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते ने जमीन का दाखिल-खारिज कराने के एवज में रिश्वत मांग रहे लेखपाल को रंगेहाथ पकड़ लिया। लेखपाल के लड़के की सोमवार को शादी थी। बरात शाम चार बजे उठनी थी, लेकिन चंद घंटे पहले दस्ते ने घेराबंदी करके दोपहर करीब एक बजे लेखपाल को घर के पास से घूस की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया। लिखा-पढ़ी के बाद लेखपाल को जेल भेज दिया गया।
भ्रष्टाचार निरोधक दस्ता निरीक्षक अंबरीश यादव के मुताबिक इतवारी गंज निवासी रवि सांई ने मुस्तरा में करीब दो सौ वर्ग गज जमीन ली है। उन्होंने सितंबर महीने में इसकी रजिस्ट्री कराई। रजिस्ट्री के बाद 15 अक्तूबर को 14 नवंबर तक आपत्ति दाखिल करने का नोटिस प्रकाशित हुआ।
आपत्ति न मिलने पर इसका दाखिल-खारिज होना था। 26 नवंबर को शिकायतकर्ता क्षेत्रीय लेखपाल (टंकोरी) बद्रीप्रसाद दीक्षित निवासी रायगंज थाना सीपरी बाजार से मिला। शिकायतकर्ता के मुताबिक बद्रीप्रसाद ने इसके एवज में 6000 की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता रवि सांई जीआरपी बांदा में सिपाही है।
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उसने अपना परिचय दिया लेकिन, बद्रीप्रसाद पैसों की मांग पर अड़ा रहा। पैसा न मिलने पर उसने दाखिल-खारिज करने से मना कर दिया। इसके बाद रवि ने 27 नवंबर को झांसी इकाई में लेखपाल की शिकायत कर दी। शिकायत मिलते ही एंटी करप्शन की स्थानीय टीम सक्रिय हो गई।
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भ्रष्टाचार निरोधक दस्ता निरीक्षक अंबरीश यादव के मुताबिक इतवारी गंज निवासी रवि सांई ने मुस्तरा में करीब दो सौ वर्ग गज जमीन ली है। उन्होंने सितंबर महीने में इसकी रजिस्ट्री कराई। रजिस्ट्री के बाद 15 अक्तूबर को 14 नवंबर तक आपत्ति दाखिल करने का नोटिस प्रकाशित हुआ।
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आपत्ति न मिलने पर इसका दाखिल-खारिज होना था। 26 नवंबर को शिकायतकर्ता क्षेत्रीय लेखपाल (टंकोरी) बद्रीप्रसाद दीक्षित निवासी रायगंज थाना सीपरी बाजार से मिला। शिकायतकर्ता के मुताबिक बद्रीप्रसाद ने इसके एवज में 6000 की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता रवि सांई जीआरपी बांदा में सिपाही है।
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उसने अपना परिचय दिया लेकिन, बद्रीप्रसाद पैसों की मांग पर अड़ा रहा। पैसा न मिलने पर उसने दाखिल-खारिज करने से मना कर दिया। इसके बाद रवि ने 27 नवंबर को झांसी इकाई में लेखपाल की शिकायत कर दी। शिकायत मिलते ही एंटी करप्शन की स्थानीय टीम सक्रिय हो गई।
मुख्यालय ने आगरा और झांसी के कर्मियों की टीम गठित कर दी। टीम के कहने पर शिकायतकर्ता ने लेखपाल को सोमवार सुबह फोन किया। लेखपाल ने फिर उससे पैसों की मांग की। लेखपाल ने सोमवार को छुट्टी पर होने की बात कहते हुए उसे दोपहर में अपने घर आने को कहा।
दोपहर करीब 12.45 मिनट पर रवि लेखपाल के घर के पास पहुंच गया। तयशुदा योजना के मुताबिक टीम के सदस्य उसके घर के आसपास छुप गए। टीम ने रवि को केमिकल लगे नोट पहले से दिए थे। जैसे ही रवि ने नोट लेखपाल को थमाए दस्ते ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके पर उसका हाथ पानी से धुलाया गया।
इसमें लेखपाल के हाथ से केमिकल का रंग छूटा। टीम लेखपाल को लेकर सीपरी बाजार थाने पहुंची। लिखा-पढ़ी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। टीम में प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में संजय कुमार, राज बहादुर सिंह, सूर्य इंद्र, इरशाद खान समेत अन्य शामिल थे।
सुबह ही अफसरों को बेटे की शादी का कार्ड देकर घर लौटा था लेखपाल
लेखपाल बद्रीप्रसाद दीक्षित अपने बेटे की शादी की तैयारियों में काफी दिनों से जुटा था। उसके लड़के की बरात सोमवार शाम पांच बजे शहर स्थित एक मैरिज होम में जानी थी। रायगंज स्थित घर में रिश्तेदार-नातेदारों का जमावड़ा था। सोमवार सुबह तक बद्रीप्रसाद निमंत्रण पत्र बांटने में जुटा था। सुबह ही कार्यालय पहुंचकर उसने नायाब तहसीलदार समेत अपने अन्य अफसरों को भी शादी में आने का न्यौता दिया था। निमंत्रण पत्र बांटने के बाद दोपहर को वह घर पहुंचा। यहां एंटी करप्शन टीम आसपास जाल बिछाए थी। लेखपाल के पकड़े जाने की सूचना जैसे ही उसके घर पहुंची, शादी वाले घर में हंगामा मच गया। रिश्तेदार भी बदहवास हो उठे हालांकि टीम बिना कोई पल गंवाए उसे लेकर तुरंत सीपरी बाजार थाने रवाना हो गई।
दोपहर करीब 12.45 मिनट पर रवि लेखपाल के घर के पास पहुंच गया। तयशुदा योजना के मुताबिक टीम के सदस्य उसके घर के आसपास छुप गए। टीम ने रवि को केमिकल लगे नोट पहले से दिए थे। जैसे ही रवि ने नोट लेखपाल को थमाए दस्ते ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके पर उसका हाथ पानी से धुलाया गया।
इसमें लेखपाल के हाथ से केमिकल का रंग छूटा। टीम लेखपाल को लेकर सीपरी बाजार थाने पहुंची। लिखा-पढ़ी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। टीम में प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में संजय कुमार, राज बहादुर सिंह, सूर्य इंद्र, इरशाद खान समेत अन्य शामिल थे।
सुबह ही अफसरों को बेटे की शादी का कार्ड देकर घर लौटा था लेखपाल
लेखपाल बद्रीप्रसाद दीक्षित अपने बेटे की शादी की तैयारियों में काफी दिनों से जुटा था। उसके लड़के की बरात सोमवार शाम पांच बजे शहर स्थित एक मैरिज होम में जानी थी। रायगंज स्थित घर में रिश्तेदार-नातेदारों का जमावड़ा था। सोमवार सुबह तक बद्रीप्रसाद निमंत्रण पत्र बांटने में जुटा था। सुबह ही कार्यालय पहुंचकर उसने नायाब तहसीलदार समेत अपने अन्य अफसरों को भी शादी में आने का न्यौता दिया था। निमंत्रण पत्र बांटने के बाद दोपहर को वह घर पहुंचा। यहां एंटी करप्शन टीम आसपास जाल बिछाए थी। लेखपाल के पकड़े जाने की सूचना जैसे ही उसके घर पहुंची, शादी वाले घर में हंगामा मच गया। रिश्तेदार भी बदहवास हो उठे हालांकि टीम बिना कोई पल गंवाए उसे लेकर तुरंत सीपरी बाजार थाने रवाना हो गई।
थाने पहुंचे दर्जनों लेखपाल
लेखपाल बद्रीप्रसाद के पकड़े जाने की सूचना थोड़ी ही देर में अन्य लेखपालों तक पहुंच गई। यह सूचना मिलते ही दर्जनों लेखपाल सीपरी बाजार थाने पहुंच गए हालांकि एंटी करप्शन एजेंसी की ओर से छापेमारी किए जाने की वजह से कोई भी लेखपाल कुछ बोलने को राजी नहीं हुआ। यहां लिखा-पढ़ी होने तक तमाम लेखपाल जुटे रहे।
अब तक हत्थे चढ़ चुके तीन लेखपाल
भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते के हत्थे इसके पहले भी तीन लेखपाल पकड़े जा चुके हैं। इसके पहले वर्ष 2019 में थाना नवाबाद के जीवनशाह तिराहे के पास भी एक लेखपाल पीयूष रिछारिया को रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम रंगे हाथ पकड़ चुकी है।
अब तक हत्थे चढ़ चुके तीन लेखपाल
भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते के हत्थे इसके पहले भी तीन लेखपाल पकड़े जा चुके हैं। इसके पहले वर्ष 2019 में थाना नवाबाद के जीवनशाह तिराहे के पास भी एक लेखपाल पीयूष रिछारिया को रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम रंगे हाथ पकड़ चुकी है।