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Jhansi News: आयकर की चोरी को पकड़ेगा एआई का रडार
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। आयकर विभाग अब टैक्स चोरी पकड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का सहारा ले रहा है। ऐसे लोगों पर विभाग अपनी निगाहें बनाए हुए हैं, जो आईटीआर फार्म में गलत जानकारी देकर टैक्स चोरी कर रहे हैं। विभाग ऐसे लोगों की सूची तैयार कर रहा है। हालांकि, इसका उपयोग किस तरह से किया जा रहा है, इसे गोपनीय रखा गया है।
आयकर विभाग टैक्स चोरी की निगरानी का दायरा बढ़ा रहा है। टैक्स चोरी के मामले पकड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा विश्लेषण का इस्तेमाल बढ़ा दिया है। सहायक आयकर आयुक्त राजेंद्र निगम ने बताया कि अब यदि आप बड़ी रकम निवेश करते हैं, प्रॉपर्टी खरीदते हैं या क्रेडिट कार्ड पर अपनी आमदनी से ज़्यादा खर्च करते हैं, तो इन सभी लेनदेन पर विभाग की नजर है। बताया कि बैंक, रजिस्ट्रार और अन्य वित्तीय संस्थान हर साल विभाग को खरीद-फरोख्त की रिपोर्ट देते हैं, इससे आपके बड़े लेन-देन की जानकारी होती है। प्राप्त ब्योरे को आयकर रिटर्न, टीडीएस, जीएसटी और विदेशी ट्रांजेक्शन के साथ मिलाया जा रहा है और इसी तरह यह तय किया जा रहा है कि आपकी आय और खर्चों में कोई अनियमितता है या नहीं। यही नहीं एआई की मदद से उन करदाताओं को चिह्नित किया गया, जो जाली दस्तावेज जमा करके टैक्स में छूट हासिल कर रहे थे। विभाग जल्द ही इनके खिलाफ कार्रवाई करेगा। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है।
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पहले दी चेतावनी, अब शुरू हुआ एक्शन
- गलत तरीके से रिटर्न दाखिल करने वाले लोगों को विभाग ने पहले ही आगाह किया था। अधिकारियों ने करदाताओं को सलाह दी थी कि वे अपने रिटर्न को दोबारा जांच लें और अगर कोई गलती हुई है तो उसे सुधार लें। बावजूद इसके कई लोगों ने सुधार नहीं किया। ऐसे में अब आयकर विभाग ने इनको चिह्नित करते हुए कार्रवाई शुरू की है।
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ग्राहकों गलत सलाह नहीं दें सीए व कर सलाहकार
- आयकर की चोरी करने वाले किसी भी सूरत में नहीं बच सकते हैं। विभाग के पास उनका पूरा ब्योरा मौजूद हैं। इसके अलावा, आयकर अधिकारियों ने सीए व आयकर सलाहकारों से अपील की है कि वे अपने क्लाइंट्स को गलत सलाह देने से बचें।
झांसी। आयकर विभाग अब टैक्स चोरी पकड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का सहारा ले रहा है। ऐसे लोगों पर विभाग अपनी निगाहें बनाए हुए हैं, जो आईटीआर फार्म में गलत जानकारी देकर टैक्स चोरी कर रहे हैं। विभाग ऐसे लोगों की सूची तैयार कर रहा है। हालांकि, इसका उपयोग किस तरह से किया जा रहा है, इसे गोपनीय रखा गया है।
आयकर विभाग टैक्स चोरी की निगरानी का दायरा बढ़ा रहा है। टैक्स चोरी के मामले पकड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा विश्लेषण का इस्तेमाल बढ़ा दिया है। सहायक आयकर आयुक्त राजेंद्र निगम ने बताया कि अब यदि आप बड़ी रकम निवेश करते हैं, प्रॉपर्टी खरीदते हैं या क्रेडिट कार्ड पर अपनी आमदनी से ज़्यादा खर्च करते हैं, तो इन सभी लेनदेन पर विभाग की नजर है। बताया कि बैंक, रजिस्ट्रार और अन्य वित्तीय संस्थान हर साल विभाग को खरीद-फरोख्त की रिपोर्ट देते हैं, इससे आपके बड़े लेन-देन की जानकारी होती है। प्राप्त ब्योरे को आयकर रिटर्न, टीडीएस, जीएसटी और विदेशी ट्रांजेक्शन के साथ मिलाया जा रहा है और इसी तरह यह तय किया जा रहा है कि आपकी आय और खर्चों में कोई अनियमितता है या नहीं। यही नहीं एआई की मदद से उन करदाताओं को चिह्नित किया गया, जो जाली दस्तावेज जमा करके टैक्स में छूट हासिल कर रहे थे। विभाग जल्द ही इनके खिलाफ कार्रवाई करेगा। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है।
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पहले दी चेतावनी, अब शुरू हुआ एक्शन
- गलत तरीके से रिटर्न दाखिल करने वाले लोगों को विभाग ने पहले ही आगाह किया था। अधिकारियों ने करदाताओं को सलाह दी थी कि वे अपने रिटर्न को दोबारा जांच लें और अगर कोई गलती हुई है तो उसे सुधार लें। बावजूद इसके कई लोगों ने सुधार नहीं किया। ऐसे में अब आयकर विभाग ने इनको चिह्नित करते हुए कार्रवाई शुरू की है।
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- आयकर की चोरी करने वाले किसी भी सूरत में नहीं बच सकते हैं। विभाग के पास उनका पूरा ब्योरा मौजूद हैं। इसके अलावा, आयकर अधिकारियों ने सीए व आयकर सलाहकारों से अपील की है कि वे अपने क्लाइंट्स को गलत सलाह देने से बचें।