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झांसीः धड़ल्ले से बिक रहा है मिलावटी तेल, लिवर खराब होने तक का खतरा

Sun, 04 Oct 2020 01:15 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: झांसी ब्यूरो Updated Sun, 04 Oct 2020 01:15 AM IST
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adulteration in musterd oil
डेमो - फोटो : amar ujala
जिले में मिलावटी तेल का कारोबार भी तेजी से फलफूल रहा है। मिलावटी तेल खाने से लोगों को एसीडिटी, आंतों का संक्रमण, लिवर डैमेज, फूड प्वॉइजनिंग तक का खतरा हो सकता है। ऐसे में लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। शहर के वाशिंदों ने जिम्मेदार अफसरों से मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की मांग की है।
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तेल कारोबारी बाहर से टैंकर में सस्ता पॉम ऑयल, राइस ब्रान (चावल की भूसी का तेल) व मलेशिया से आयात होने वाला वेस्टेज खाने का तेल मंगाते हैं। मिलों के अंदर सुगंध रहित इस तेल को पीला रंग देने के लिए इसमें केमिकल मिलाया जाता है। इसके बाद सरसों तेल जैसी सुगंध लाने के लिए 10 से 20 फीसदी सरसों तेल मिला दिया जाता है। फिर फैक्टरी में तैयार इस मिलावटी तेल को 5, 10, 15 लीटर के जार एवं एक लीटर की बोतल में पैक कर देते हैं। पैकिंग के बाद बाजार में नामी ब्रांडेड तेल कंपनियों का स्टीकर लगाकर इसे बाजार में उतार दिया जाता है।
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इसको लेकर फिजीशियन डॉ. अनु निगम ने बताया कि मिलावटी सरसों के तेल के सेवन से शरीर के सभी अंगों पर प्रभाव पड़ता है। इससे फूड प्वॉइजनिंग, आंतों का इंफेक्शन और पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। मिलावटी तेल लंबे समय तक इसका प्रयोग करने से लिवर डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास रुक जाता है। वर्तमान में जिले में पेट संबंधी बीमारी के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। मिलावटी तेल से बनी सामग्री खाने से पेट में एसीडिटी बनना एक बड़ा कारण है।
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मिलावट की पहचान बहुत आसान
सरसों तेल की बोतल को फ्रीज में रखें। यदि तेल जमने लगे या उसमें सफेद दाग बनने लगे तो तेल सौ फीसदी मिलावटी है। तेल से बने व्यंजन खाने से यदि एसीडिटी ज्यादा होती है तो इसमें रसायन की मिलावट है। सरसों के तेल से बहुत तेज गंध या झांक आती है। इससे पता चलता है कि तेल असली है। तेल की एक-दो बूंद हथेलियों पर रगड़ें, तेल आपके हाथ पर रंग छोड़ दें तो समझ लीजिए कि उसमें मिलावट है। अगर रंग न छूटे केवल चिकनाई रहे तो समझ लें कि तेल शुद्ध है। रगड़े पर भी तेल से कच्ची घानी यानी सरसों की तेज गंध आएगी।

पिछले महीने ही अलग-अलग क्षेत्रों से सरसों के तेल के आठ नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं, जिसकी अभी रिपोर्ट नहीं आई है।
- नरेंद्र कुमार, प्रभारी अभिहीत अधिकारी।

ये बोली जनता
बाजार में कोई भी चीज शुद्ध नहीं है। चाहें दूध, पनीर हो या फिर तेल। क्या खाया जाए, कुछ समझ नहीं आता। मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। - राजीव सिंह राठौर, मानिक चौक।
सब्जियां मिलावटी हैं। ऊपर से इनको बनाने के दौरान उपयोग होने वाला तेल में भी मिलावट है। इतना मिलावटी खाने से आगे की पीढ़ी की नस्ल खराब हो जाएगी। - महेश चंद्र, हाईडिल कॉलोनी।
तेल में तो इतनी मिलावट है कि सेहत खराब हो रही है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि पैसा देने के बावजूद शुद्ध चीज खाने को नहीं मिलती। पता नहीं मिलावट से कितनी बीमारी हो रही हैं। - अशोक सोनी, सीपरी बाजार।

मिलावटखोरों के खिलाफ अमर उजाला के अभियान की मैं सराहना करता हूं। अब जिम्मेदारों को इसके खिलाफ सख्ती करनी होगी, ताकि आम जन सुरक्षित रहें। - शैलेश भाटिया, आवास विकास।
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