फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   aadikariyo ke aadange me fansi betiyo ke vivah ki madd

अधिकारियों के अड़ंगे में फंसी बेटियों के विवाह की मदद

Sat, 05 Oct 2019 01:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Oct 2019 01:54 AM IST
विज्ञापन
aadikariyo ke aadange me fansi betiyo ke vivah ki madd
rupay - फोटो : demo
अफसरों के अड़ंगे में फंसी बेटियों के विवाह की मदद
विज्ञापन

झांसी। बेटियों के विवाह के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद अफसरों की लापरवाही के चलते अभी भी उन तक नहीं पहुंची है। इन परिवारों को आर्थिक मदद वीडीओ अथवा एसडीएम की रिपोर्ट के बाद मिल जानी थी। लेकिन, सहालग खत्म होने के तीन माह बाद भी रिपोर्ट न लग सकने से इन परिवारों तक मदद नहीं पहुंची। उधर, सरकारी मदद की उम्मीद से जिन लोगों ने कर्ज लेकर किसी तरह बेटियोें का विवाह कर दिया, अब उनको साहूकार तंग कर रहे हैं। झांसी में तेरह सौ से अधिक परिवार मदद के इंतजार में अभी भी हैं।
उप्र विवाह अनुदान योजना के तहत खासतौर से बेटियों के विवाह के लिए बीस हजार रुपये की मदद दी जाती है। विवाह से 90 दिन पहले इसके लिए आवेदन करना होता है। आवेदक की पात्रता जांचने के बाद विवाह से पहले रकम स्वीकृत कर दी जानी चाहिए, लेकिन अधिकारियों की लेटलतीफी का आलम यह कि आवेदन जमा होने के तीन माह बाद भी 1300 से अधिक आवेदनों की जांच पूरी नहीं की जा सकी। रिपोर्ट न तैयार होने से इन परिवारों तक आर्थिक मदद नहीं पहुंची। समय पर पैसा न मिलता देख कई परिवारों ने बेटियों का विवाह साहूकारों से कर्ज लेकर करना पड़ा। उन लोगों ने विवाह तो निपटा दिया लेकिन अब तक मदद न मिलने से अब साहूकार भी इनको परेशान कर रहे हैं। ऐसे तमाम लोग रोजाना विकास भवन के चक्कर काट रहे हैं। उधर, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अमित प्रताप सिंह ने कहा कि बजट की दिक्कत नहीं है। जांच रिपोर्ट मिलते ही रकम दे दी जाएगी।
विज्ञापन

इनसेट
तहसीलवार लंबित मामले
गरौठा 201
झांसी 378
मऊरानीपुर 446
मोंठ 209
टहरौली 127
इनसेट
यह होते हैं पात्र
विवाह अनुदान योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में 46,080 रुपये एवं शहरी इलाकों के 56,460 रुपये सालाना आय वालों को योजना का पात्र माना जाता है। विवाह से 90 दिन पूर्व विवाह के कार्ड, स्थानीय निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक खाते के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होता है। ग्रामीण इलाकों में पात्रों की जांच ग्राम विकास अधिकारी, जबकि शहरी इलाकों में एसडीएम की जांच के बाद योग्य पात्रों के खाते में बीस हजार रूपये की आर्थिक मदद एकमुश्त भेज दी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
लाभ से वंचित हो चुके सैकड़ों आवेदक
अगले माह से सहालग का दूसरा सीजन आरंभ हो जाएगा जबकि अभी पहले सीजन के ही आवेदन बड़ी संख्या में लंबित पड़े हैं, ऐसे में अगर इन सभी लंबित मामलोें को मार्च तक नहीं निपटाया गया, तब आवेदकों को मदद भी नहीं मिल सकेगी। अफसरों की इसी लापरवाही के चलते पिछले वर्ष करीब डेढ़ सौ आवेदक योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed