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यूक्रेन से लौटे झांसी के एक छात्र और छात्रा, कई अभी भी फंसे

Tue, 22 Feb 2022 01:08 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 22 Feb 2022 01:08 AM IST
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A student and a student of Jhansi returned from Ukraine, many still trapped
झांसी। रूस और यूक्रेेन के बीच युद्ध की आशंका के चलते वहां रहने वाले लोगों में डर और दहशत का माहौल है। झांसी समेत उत्तर प्रदेश के कई इलाकों से छात्र-छात्राएं वहां पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में कई छात्रों ने वापस भारत लौटना शुरू कर दिया है। झांसी में भी एक छात्रा वहां से आ गई हैं। जबकि, एक छात्र अंतिम वर्ष की पढ़ाई के चलते फंसकर रह गया है। इन लोगों का कहना है कि झांसी और आसपास के जिलों के कई छात्र वहां हैं।
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यूक्रेन से लौटे छात्रों का कहना है कि उजहोरोड नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में ही झांसी के तीन छात्र-छात्राएं एमबीबीएस-एमडी की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा आगरा, नोएडा, प्रयागराज, कानपुर समेत देश-प्रदेश के कई विद्यार्थी वहां पर डॉक्टर की डिग्री लेने के लिए गए हुए हैं। इस समय यहां पर युद्ध की स्थिति बनती देख परिजनों को चिंता सताने लगी तो उन्होंने अपने बच्चों को वापस बुलाना शुरू कर दिया है। इन्हीं में से एक हैं कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष अफजाल हुसैन की बेटी नाजिया हुसैन। अफजाल ने बताया कि नाजिया एमबीबीएस चौथे वर्ष में है। मगर जब रूस और यूक्रेन के बीच विवाद की खबरें सुनीं तो बेटी को लेकर सभी चिंतित हो गए। दूसरी तरफ कोरोना के मामले भी बढ़ रहे थे। इन हालातों को मद्देनजर रखते हुए परिजनों ने नाजिया को तुरंत झांसी लौटने के लिए बोला। डर था कि कहीं युद्ध शुरू हो गया तो बेटी वहां फंसकर न रह जाए। बेटी लौट आई है और ऑनलाइन पढ़ाई कर रही है। जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक वो बेटी को यूक्रेन नहीं भेजेंगे। इसके अलावा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के आईटी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र बादल के बेटे अक्षेंद्र बादल भी इसी यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस-एमडी कर रहा है। अक्षेंद्र ने 2016 में प्रवेश लिया था और जून में कोर्स पूरा होना है। इस वजह से वह पढ़ाई छोड़कर झांसी नहीं लौट पा रहा है। अक्षेंद्र ने बताया कि अभी वो वेस्ट यूक्रेन में है। यहां पर हालात अभी तो सामान्य है। मगर युद्ध की सोचकर हर समय डर लगा रहता है। भारत समेत दूसरे देशों के रहने वाले सभी छात्र-छात्राएं दिनभर युद्ध को लेकर ही बातें करते रहते हैं। राजधानी कीव के पास वाले इलाकों में सबसे ज्यादा तनाव है। कई लोगों ने वापस अपने देश लौटना शुरू कर दिया है। शिवाजी नगर में रहने वाला एक छात्र तिवारी सोमवार को फ्लाइट से निकल भी गया है। वह लौट रहा है। कई अभी फंसे हुए हैं।
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दूतावास, परिजनों से लगातार संपर्क में हैं छात्र
भारत के विभिन्न राज्यों से पढ़ने के लिए यूक्रेन पहुंचे छात्र-छात्राओं से दूतावास लगातार संपर्क स्थापित किए हुए है। बताया गया कि उनके पास एंबेसी से फोन पहुंच रहे हैं। अधिकारी छात्रों का मनोबल मजबूत बनाए हुए हैं। छात्रों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाए हुए हैं। वहीं, परिजन भी छात्रों को अब दिन में कई-कई बार फोन करके हालातों की जानकारी ले रहे हैं।
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