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भगवान को प्रिय हैं निर्मल मन : साध्वी सुधा
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुहारी। कस्बे के श्री दुर्गा शक्तिपीठ आश्रम में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिन कथा व्यास साध्वी सुधा भारद्वाज ने श्रीमद्भागवत की महिमा बताई।
कथा शुरू होने से पहले आचार्य शुभम मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजन कराया। यजमान रचना गौरव सिंह ने पूजन प्रक्रिया संपन्न की। इसके बाद साध्वी सुधा भारद्वाज ने श्रीमद्भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में भक्ति, सदाचार और अच्छे कर्मों को अपनाना चाहिए। भगवान को छल-कपट से रहित निर्मल मन प्रिय है। सच्ची श्रद्धा और निष्कपट भाव से की गई भक्ति ही प्रभु की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। मनुष्य को अहंकार, ईर्ष्या और द्वेष से दूर रहकर प्रेम, दया तथा परोपकार की भावना अपनानी चाहिए। कथा के दौरान साध्वी ने मधुर स्वर में भजन प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर चेतराम श्रीवास, गजेंद्र सिंह, राजेश सिंह, वीरेंद्र सिंह, सत्येंद्र सिंह, ऋतुराज, अरुण कुमार खरे, प्रकाश यादव, चंदन पांचाल आदि मौजूद रहे।
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लुहारी। कस्बे के श्री दुर्गा शक्तिपीठ आश्रम में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिन कथा व्यास साध्वी सुधा भारद्वाज ने श्रीमद्भागवत की महिमा बताई।
कथा शुरू होने से पहले आचार्य शुभम मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजन कराया। यजमान रचना गौरव सिंह ने पूजन प्रक्रिया संपन्न की। इसके बाद साध्वी सुधा भारद्वाज ने श्रीमद्भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में भक्ति, सदाचार और अच्छे कर्मों को अपनाना चाहिए। भगवान को छल-कपट से रहित निर्मल मन प्रिय है। सच्ची श्रद्धा और निष्कपट भाव से की गई भक्ति ही प्रभु की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। मनुष्य को अहंकार, ईर्ष्या और द्वेष से दूर रहकर प्रेम, दया तथा परोपकार की भावना अपनानी चाहिए। कथा के दौरान साध्वी ने मधुर स्वर में भजन प्रस्तुत किए।
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इस अवसर पर चेतराम श्रीवास, गजेंद्र सिंह, राजेश सिंह, वीरेंद्र सिंह, सत्येंद्र सिंह, ऋतुराज, अरुण कुमार खरे, प्रकाश यादव, चंदन पांचाल आदि मौजूद रहे।