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पीएम आवास योजना में घपलेबाजी में युवक पर रिपोर्ट
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झांसी /मोंठ। प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर हो रही बड़ी ठगी का अमर उजाला द्वारा खुलासा किए जाने के बाद से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। बुधवार को जालसाज का बैंक खाता खंगाला गया, जिसमें पंद्रह लाख रुपये से अधिक की ठगी सामने आई। तत्काल खाते को फ्रीज करा दिया गया। देर शाम बीडीओ की तहरीर पर जालसाल के खिलाफ शाहजहांपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।
अमर उजाला के मंगलवार के अंक में प्रकाशित खबर ‘प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर जनपद में पकड़ी गई बड़ी ठगी’ के जरिये इस सरकारी योजना के नाम पर हो रही जालसाजी का खुलासा किया गया था। खबर में बताया गया था कि जिले में तमाम ग्रामीणों के पास पत्र पहुंचे हैं, जिनमें प्रधानमंत्री की फोटो, भारत सरकार का चिह्न और उत्तर प्रदेश सरकार की मुहर लगी हुई है।
पत्र में कहा गया था कि आवास पाने के लिए आवेदन करने से पहले पत्र में लिखे हुए मोबाइल नंबर पर फोन कर योजना की विस्तृत जानकारी ले लें। फोन करने वाले ग्रामीणों से पंजीकरण शुल्क चार हजार रुपये मांगा जा रहा था। शुल्क जमा करने के लिए उन्हें एसएमएस के जरिये बैंक का नाम, खाता संख्या व आईएफएससी कोड उपलब्ध कराया जा रहा था। जबकि, प्र्रधानमंत्री आवास योजना में पंजीकरण शुल्क का कोई प्रावधान ही नहीं है।
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ग्रामीणों के साथ बड़े पैमाने पर हो रहे इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद बुधवार को प्रशासन में हड़कंप मच गया। सबसे पहले बैंक खाता खंगाला गया, पाया कि खाता कैनरा बैंक में कैलाश नाम के व्यक्ति के नाम से खुला है। जांच में ये भी सामने आया कि बैंक खाते में 18 जून से नौ दिसंबर 2019 के मध्य एक, दो और तीन हजार रुपये की राशि अनेक बार जमा हुई। इस अवधि में पंद्रह लाख उनतीस हजार रुपये जमा हुए, जो तत्काल निकाल भी लिए गए। जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने बताया कि बैंक खाते को फ्रीज कराते हुए जालसाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
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अमर उजाला के मंगलवार के अंक में प्रकाशित खबर ‘प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर जनपद में पकड़ी गई बड़ी ठगी’ के जरिये इस सरकारी योजना के नाम पर हो रही जालसाजी का खुलासा किया गया था। खबर में बताया गया था कि जिले में तमाम ग्रामीणों के पास पत्र पहुंचे हैं, जिनमें प्रधानमंत्री की फोटो, भारत सरकार का चिह्न और उत्तर प्रदेश सरकार की मुहर लगी हुई है।
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पत्र में कहा गया था कि आवास पाने के लिए आवेदन करने से पहले पत्र में लिखे हुए मोबाइल नंबर पर फोन कर योजना की विस्तृत जानकारी ले लें। फोन करने वाले ग्रामीणों से पंजीकरण शुल्क चार हजार रुपये मांगा जा रहा था। शुल्क जमा करने के लिए उन्हें एसएमएस के जरिये बैंक का नाम, खाता संख्या व आईएफएससी कोड उपलब्ध कराया जा रहा था। जबकि, प्र्रधानमंत्री आवास योजना में पंजीकरण शुल्क का कोई प्रावधान ही नहीं है।
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ग्रामीणों के साथ बड़े पैमाने पर हो रहे इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद बुधवार को प्रशासन में हड़कंप मच गया। सबसे पहले बैंक खाता खंगाला गया, पाया कि खाता कैनरा बैंक में कैलाश नाम के व्यक्ति के नाम से खुला है। जांच में ये भी सामने आया कि बैंक खाते में 18 जून से नौ दिसंबर 2019 के मध्य एक, दो और तीन हजार रुपये की राशि अनेक बार जमा हुई। इस अवधि में पंद्रह लाख उनतीस हजार रुपये जमा हुए, जो तत्काल निकाल भी लिए गए। जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने बताया कि बैंक खाते को फ्रीज कराते हुए जालसाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।