{"_id":"24-46703","slug":"Jhansi-46703-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुरक्षा के नाम पर दिखा कर्फ्यू ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुरक्षा के नाम पर दिखा कर्फ्यू
Jhansi
Updated Sat, 17 May 2014 05:30 AM IST
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झांसी। लोकसभा चुनाव की मतगणना के समय बुंदेलखंड महाविद्यालय की 200 मीटर परिधि में कर्फ्यू जैसे हालात रहे। गलियों के बाहर लगे बैरीकेडिंग के चलते लोग सुबह से शाम तक घरों में कैद रहे। किसी ने बाहर निकलने की कोशिश भी की तो पुलिस ने उल्टे पांव दौड़ा दिया। इससे लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।
विधान सभा चुनाव की मतगणना के दौरान हुए बवाल के मद्देनजर इस बार पुलिस प्रशासन किसी भी स्तर पर जोखिम उठाने के मूड में नहीं था। इस वजह से गुरुवार की देर रात मतगणना केंद्र (बीकेडी) की तरफ आने वाले मार्गों को 200 किमी. की दूरी तक सीज कर दिया गया। तीन स्थानों पर बैरियर लगाकर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया।
सौ मीटर की दूरी को पेडिस्टल जोन घोषित किया, जिसमें किसी भी वाहन को प्रवेश की इजाजत नहीं थी। पैदल भी उन्हीं लोगों को प्रवेश करने दिया गया, जो पास धारक थे। यही नहीं, 200 मीटर से आगे भी अघोषित रूप से पुलिस प्रशासन ने आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित रखा। इसके चलते ग्वालियर रोड, चित्रा चौराहा रोड, आंतिया तालाब और जीवनशाह चौराहा तक कर्फ्यू जैसे हालात रहे। ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी व अधिकारी सड़कों के बीचोंबीच कुर्सियां डालकर बैठे रहे।
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कई मार्गों पर सुबह से शाम तक जाम ही जाम
मतगणना केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर की गई सख्ती से जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एक तरफ जहां मुख्य मार्गों पर कर्फ्यू जैसे हालात रहे, वहीं शहर के कई रास्तों पर सुबह से देर शाम तक जाम के हालात रहे। ग्वालियर रोड की तरफ रहने वाले लोगों के लिए आवागमन का सिर्फ एक रास्ता सीपी मिशन कंपाउंड से होकर था, जो संकरा है। आवागमन का सिर्फ एक मार्ग होने की वजह से पांच मिनट के अंदर तय होने वाली दूरी लोग एक-एक घंटे में तय कर सके। यही हाल आंतिया तालाब से सीपी मिशन व चित्रा चौराहा से कच्चा पुल की ओर जाने वाले रास्ते पर रहे।
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विधान सभा चुनाव की मतगणना के दौरान हुए बवाल के मद्देनजर इस बार पुलिस प्रशासन किसी भी स्तर पर जोखिम उठाने के मूड में नहीं था। इस वजह से गुरुवार की देर रात मतगणना केंद्र (बीकेडी) की तरफ आने वाले मार्गों को 200 किमी. की दूरी तक सीज कर दिया गया। तीन स्थानों पर बैरियर लगाकर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया।
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सौ मीटर की दूरी को पेडिस्टल जोन घोषित किया, जिसमें किसी भी वाहन को प्रवेश की इजाजत नहीं थी। पैदल भी उन्हीं लोगों को प्रवेश करने दिया गया, जो पास धारक थे। यही नहीं, 200 मीटर से आगे भी अघोषित रूप से पुलिस प्रशासन ने आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित रखा। इसके चलते ग्वालियर रोड, चित्रा चौराहा रोड, आंतिया तालाब और जीवनशाह चौराहा तक कर्फ्यू जैसे हालात रहे। ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी व अधिकारी सड़कों के बीचोंबीच कुर्सियां डालकर बैठे रहे।
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कई मार्गों पर सुबह से शाम तक जाम ही जाम
मतगणना केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर की गई सख्ती से जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एक तरफ जहां मुख्य मार्गों पर कर्फ्यू जैसे हालात रहे, वहीं शहर के कई रास्तों पर सुबह से देर शाम तक जाम के हालात रहे। ग्वालियर रोड की तरफ रहने वाले लोगों के लिए आवागमन का सिर्फ एक रास्ता सीपी मिशन कंपाउंड से होकर था, जो संकरा है। आवागमन का सिर्फ एक मार्ग होने की वजह से पांच मिनट के अंदर तय होने वाली दूरी लोग एक-एक घंटे में तय कर सके। यही हाल आंतिया तालाब से सीपी मिशन व चित्रा चौराहा से कच्चा पुल की ओर जाने वाले रास्ते पर रहे।