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सफाई व्यवस्था में सुधार को नहीं हो सका मंथन
Jhansi
Updated Thu, 14 Mar 2013 05:32 AM IST
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झांसी। नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए पारित प्रस्तावों पर अमल नहीं हो सका है। अमल तो छोड़ो, सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए चुनिंदा पार्षदों, अधिकारियों और सफाई कर्मचारी संगठनों की बैठक भी आयोजित नहीं की जा सकी।
महानगर की सफाई व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। सदन और कार्यकारिणी की बैठकों में सर्वाधिक समय सफाई के मुद्दे पर होने वाली बहस में ही खर्च होता है। गत दिनों हुई कार्यकारिणी की बैठक में सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए सफाई कार्य दोनों पालियों में कराने की जगह सुबह की पाली में दो घंटे अतिरिक्त कार्य कराने और ड्राइवर अथवा अन्य कार्यों में लगे सफाई कर्मियों को हटाकर उन्हें मूल पद पर भेजने पर सहमति बन गई थी। अन्य मुद्दाें पर भी चरचा हुई थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों की समस्याओं, जनता की अपेक्षाओं और सफाई कर्मचारियों की दिक्कत को लेकर अलग- अलग समस्याएं सामने आई थीं। इसलिए तय किया गया था कि 11 मार्च को कार्यकारिणी के चुनिंदा पार्षद, अधिकारी और सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि आपस में बैठक कर सर्वसम्मति से ऐसा हल निकालेंगे कि सफाई व्यवस्था पटरी पर आ जाए। लेकिन, निर्धारित तिथि पर बैठक नहीं हो सकी। कुछ कार्यकारिणी सदस्यों ने फोन कर अधिकारियों से बैठक के बारे में जानकारी भी ली, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बैठक होगी या नहीं, इसको लेकर भी संशय बना हुआ है।
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यह है सफाई का हाल
झांसी। सफाई व्यवस्था का हाल बहुत खराब है। खासकर पुराने शहर के अंदरूनी वार्डों में गंदगी की समस्या हल होने का नाम नहीं ले रही है। जहां भी नजर दौड़ाओ कचरे के ढेर लगे नजर आते हैं। गंदगी से बजबजाती नालियां यदा- कदा ही साफ होती हैं। कई वार्डों में सफाई कर्मियों की कमी है तो कहीं उपकरणों और हाथ ठेलों की डिमांड चल रही है। क्षेत्र बहुत बड़ा और कार्यवाहक हवलदारों की संख्या कम होने के कारण भी सफाई व्यवस्था की मानीटरिंग ठीक ढंग से नहीं हो पा रही है।
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