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क्राफ्ट मेला: दिन भर भाग दौड़ करते रहे अफसर
Jhansi
Updated Sun, 09 Dec 2012 05:30 AM IST
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झांसी। शनिवार से शुरू हुए आयुर्वेद झांसी महोत्सव के अंतर्गत लगाए गए हस्तशिल्प मेला का पहला दिन तैयारियां की भेंट चढ़ गया। ठेकेदार द्वारा समय पर स्टाल कंपलीट नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और जल्द से जल्द तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। इसके बाद हरकत में आए अफसर दिन भर मेला ग्राउंड में डेरा डाल कर तैयारियों में जुटे रहे।
क्राफ्ट मेला में दुकानदारों के लिए स्टाल आदि तैयार करने की जिम्मेदारी नई दिल्ली की एक एजेंसी को सौंपी गई है। ठेकेदार को तीन दिन पूर्व यहां आकर व्यवस्थाएं कंपलीट करने को कहा गया था, ताकि शनिवार को महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही मेला का भी विधिवत रूप से शुरू हो जाए, लेकिन ठेकेदार के विलंब से आने के कारण तैयारियां कंपलीट नहीं हो सकीं। हालांकि शुक्रवार की रात भर यहां काम चलता रहा, इसके बाद भी शनिवार को दोपहर तक दुकानें शिफ्ट नहीं हो सकी थीं। जिलाधिकारी गौरव दयाल ने मेला ग्राउंड का निरीक्षण किया तो व्यवस्थाएं नाकाफी थीं। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और ठेकेदार को व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को भी तैयारियों पर नजर रखने को कहा। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी अनुज कुमार झा, एसडीएम भगवान शरण, नगर मजिस्ट्रेट पी के श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त आर सी श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी बारी- बारी से मेला ग्राउंड का भ्रमण कर तैयारियों पर नजर रखे रहे। झांसी विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता की देखरेख में मेला ग्राउंड की लाइटिंग कंपलीट की गई। नगर निगम के सफाई निरीक्षक मनोज श्रीवास्तव भी अपनी टीम के साथ मेला ग्राउंड में डटे रहे।
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उधर, मेले में प्रशासन द्वारा दो सौ शिल्पियों के हिसाब से व्यवस्था की गई है। बाहर से आए हस्तशिल्पी शनिवार को दुकान आवंटित कराने के लिए औपचारिकताएं पूरी करने में जुटे रहे। इसके लिए उन्होंने आवेदन भी जमा किए। अधिकारियों का कहना था कि जिसका सामान मेले में आ चुका है, उसे पहले दुकान आवंटित की जाएगी। कुछ शिल्पी तो सिर्फ स्टाल का किराया/ खर्च पता करने आए थे। कुल मिलाकर मेला का पहले दिन तैयारियों में ही बीत गया।
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ग्राहकों को लुभाएंगे मिट्टी के तबले
ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मौत का कुआं, बच्चों के लिए झूला आकर्षण का केंद्र हैं। दुकानदारों द्वारा ग्राहकों को लुभाने के लिए हर तकरीब अपनाई जा रही है। सहारनपुर से पहली बार महोत्सव में दुकान लगाने आए आरिफ ने बताया कि दुकान तो आवंटित हो गई है लेकिन अभी ऊपर छाजन होना बाकी है। प्रशासन द्वारा आश्वासन मिला है कि जल्द ही ऊपर का काम पूरा करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्राहकों के लिए तीन से लेकर पंद्रह हजार तक सोफा व बेड हैं। हरियाणा से आए मिट्टी और प्लास्टर ऑफ पेरिस के बर्तन विक्रेता जगमोहन ने बताया कि मिट्टी के आकर्षक तबले, पॉट, कूंडी, फूल फ्लावर, गणेश की मूर्तियां 100 से लेकर 1000 रुपये तक में उपलब्ध हैं।
दस दिनों तक होगा मुफ्त इलाज
मेले में आने वालों को दस दिनों तक मुफ्त इलाज व दवाएं दी जाएंगी। कोई भी व्यक्ति आयुर्वेद के विशेषज्ञों से बीमारियों के संबंध में परामर्श हासिल कर सकता है। मरीजों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए 12 दुकानें आवंटित की गई हैं , जिससे सभी को अच्छी सुविधा प्रदान की जा सके।
सेना भी लगा रही हथियारों की प्रदर्शनी
टीवी सीरियल, फिल्मों में दिखने वाली तोपों का दीदार लोग हकीकत में कर सकेंगे। सेना द्वारा बोफोर्स, जूगन 23 एम की प्रदर्शनी लगाई गई है।
मौत का कुआं होगा आकर्षण का केंद्र
प्राचीन बुंदेली गायन, नृत्य का आनंद लेने के साथ ही दर्शक मौत का कुआं शो का भी लुत्फ उठा सकते हैं। यह कार्यक्रम शाम को होगा।