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शोहदों को मिलेगा सबक
Jhansi
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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झांसी। प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई वूमेंस हेल्प लाइन 1090 शोहदों को सबक सिखाने में कामयाब रहेगी। अब तक अभद्र टिप्पणी, छींटाकशी व छेड़खानी से परेशान महिलाओं के लिए पुलिस के पास जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। थानों में शिकायत दर्ज कराना आम महिला या युवती के लिए न तो आसान था और न ही बदनामी व परेशानी के भय से वह वहां जाना चाहतीं थीं। इससे बदमाशों के हौसले बुलंद रहते थे, लेकिन शासन की इस पहल के बाद अब ऐसे तत्वों पर शिकंजा कसना आसान रहेगा। हेल्प लाइन को लेकर अमर उजाला से बातचीत में नगर की युवतियों ने खुलकर अपने विचार रखे।
भोपाल से बीई (बैचलर आफ इंजीनियरिंग) कर रही झारखड़िया मुहल्ला निवासी मोनिका अग्रवाल के मुताबिक आज के दौर में पढ़ी लिखी लड़कियों को भी बाहर निकलने में दिक्कतें आती हैं। बदमाश किस्म के लड़के उन्हें परेशान करने में कोई कोर- कसर नहीं छोड़ते। हेल्प लाइन के कारण अब लड़कियों में साहस पैदा होगा।
ग्वालियर से एमबीबीएस कर रही इलाइट चौराहा निवासी प्रियांश अग्रवाल के मुताबिक पुरुष प्रधान समाज होने के कारण महिलाओं को शिक्षा ग्रहण करने ,नौकरी व सामाजिक गतिविधियों में काफी परेशानी होती है। परिवार में पुरुष नहीं होने पर तो स्थिति और भी खराब होती है। हेल्प लाइन उनके लिए काफी सहायक होगी।
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ग्वालियर से बैचलर आफ इंजीनियरिंग कर रही सिविल लाइंस निवासी पूर्वांशी अग्रवाल मानती हैं कि वूमेंस हेल्प लाइन के कारण छेड़खानी की घटनाओं में कमी आएगी। उनका कहना है कि छेड़खानी की घटनाओं के कारण किशोरियों पर बुरा असर पड़ता है और वह कुंठित हो जातीं हैं।
प्राइवेट कालेज से बीए कर रही हंसारी निवासी विनीता वर्मा का कहना है कि सरकार द्वारा उठाए गए छोटे- छोटे कदम से महिलाओं को काफी सुरक्षा मिल रही है। वूमेंस हेल्प लाइन इसमें से एक है। छेड़खानी की स्थिति में महिलाएं अब बेखौफ शिकायत दर्ज करा सकेंगी।
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भोपाल से बीई (बैचलर आफ इंजीनियरिंग) कर रही झारखड़िया मुहल्ला निवासी मोनिका अग्रवाल के मुताबिक आज के दौर में पढ़ी लिखी लड़कियों को भी बाहर निकलने में दिक्कतें आती हैं। बदमाश किस्म के लड़के उन्हें परेशान करने में कोई कोर- कसर नहीं छोड़ते। हेल्प लाइन के कारण अब लड़कियों में साहस पैदा होगा।
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ग्वालियर से एमबीबीएस कर रही इलाइट चौराहा निवासी प्रियांश अग्रवाल के मुताबिक पुरुष प्रधान समाज होने के कारण महिलाओं को शिक्षा ग्रहण करने ,नौकरी व सामाजिक गतिविधियों में काफी परेशानी होती है। परिवार में पुरुष नहीं होने पर तो स्थिति और भी खराब होती है। हेल्प लाइन उनके लिए काफी सहायक होगी।
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ग्वालियर से बैचलर आफ इंजीनियरिंग कर रही सिविल लाइंस निवासी पूर्वांशी अग्रवाल मानती हैं कि वूमेंस हेल्प लाइन के कारण छेड़खानी की घटनाओं में कमी आएगी। उनका कहना है कि छेड़खानी की घटनाओं के कारण किशोरियों पर बुरा असर पड़ता है और वह कुंठित हो जातीं हैं।
प्राइवेट कालेज से बीए कर रही हंसारी निवासी विनीता वर्मा का कहना है कि सरकार द्वारा उठाए गए छोटे- छोटे कदम से महिलाओं को काफी सुरक्षा मिल रही है। वूमेंस हेल्प लाइन इसमें से एक है। छेड़खानी की स्थिति में महिलाएं अब बेखौफ शिकायत दर्ज करा सकेंगी।