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धनतेरस पर हुआ करोड़ों का कारोबार
Jhansi
Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
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झांसी। रविवार को धनतेरस के साथ पांच दिवसीय दीपोत्सव पर्व की शुरुआत हुई। इसकी नगर में खासी रौनक रही। बाजार देर रात तक गुलजार रहे। लोग परंपरानुसार नया सामान खरीद कर घर लाए। सोना - चांदी, बर्तन, ऑटोमोबाइल्स व इलेक्ट्रानिक आइटम की खरीद पर लोगों ने खूब खर्च किए। एक ही दिन में करोड़ों का कारोबार हुआ। हालांकि, त्योहार पर महंगाई का साफ असर देखने को मिला। कारोबार जगत में गत वर्ष के मुकाबले इस साल ग्रोथ दर्ज नहीं की गई।
रविवार को धनतेरस की नगर में रौनक रही। खासतौर पर बाजारों में विशेष तैयारियां थीं। सुबह से ही बाजार सजधज के साथ ग्राहकों का इंतजार करते नजर आए। दुकानों में खरीददारों के स्वागत के लिए सजावट की गई। आकर्षक विद्युत छटाएं बिखेरी गईं व दुकानों में फूलों की सजावट की गई। दोपहर तक बाजार ढीले रहे, इसके बाद भीड़ बढ़ना शुरू हुई। शाम को तो व्यापार चरम पर हुआ। सराफा, बर्तन, आटोमोबाइल, इलेक्ट्रानिक की दुकानें देर रात तक खुली रहीं और ग्राहकी की होती रही। धनतेरस पर बाजार से नया सामान खरीदकर घर ले जाने को शुभ माने जाने की मान्यता के चलते बाजार गुलजार रहे। हालांकि, त्योहार महंगाई के असर से सराबोर नजर आया। सराफा बाजार में ग्राहकों की भीड़ तो खूब जमा हुई, परंतु खरीददारी औसत रही। सोने की कीमतों में लगातार आ रही तेजी के चलते ज्यादातर लोगों ने सोना निवेश के उद्देश्य से खरीदा, जिसके चलते आभूषणों की बिक्री प्रभावित रही। गोल्ड कॉइन, बिस्किट आदि प्योर गोल्ड लोगों को खूब भाया। इसके अलावा चांदी की भी खरीददारी सामान्य रही।
आटोमोबाइल्स सेक्टर में सामान्य कारोबार हुआ। पिछली बार के मुकाबले गाड़ियों की बिक्री में काई खास इजाफा नहीं हुआ। जेएमके आटोमोबाइल्स के चेयरमैन राकेश बघेल ने बताया कि लगभग पिछली साल के बराबर ही गाड़ियां बिकीं। तकरीबन चालीस चार पहिया व ढाई सौ दुपहिया वाहनों की बिक्री हुई। वहीं, तनिष्क पर सोने की बिक्री भी गत वर्ष की अपेक्षा नरम रही। वहीं, सूरी आटोमोबाइल्स के संचालक सुबोध सूरी ने बताया कि इस महीने में केवल धनतेरस पर ही बाजार चला। गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष मामूली बिक्री ठीक रही। ढाई सौ दुपहिया व पैंसठ चार पहिया वाहन बेचे गए। बर्तन कारोबारी राजीव नगरिया ने बताया कि बर्तन बाजार की ओवरऑल ग्राहकी कमजोर रही। धनतेरस पर बर्तन बाजार में उम्मीद के मुताबिक कारोबार नहीं हुआ। इलेक्ट्रानिक आइटम की बिक्री भी सामान्य रही।
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कारोबारी सूत्रों के अनुसार एक ही दिन नगर में तकरीबन ढाई सौ तिपहिया व चौपहिया वाहनों की बिक्री हुई। इसके अलावा आठ सौ दुपहिया वाहन बेचे गए। सोने - चांदी का लगभग छह करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। पर्व की परंपरा के निर्वहन पर लोगों ने एक ही दिन में करोड़ों रुपये खर्च किए। वहीं, धनतेरस पर पांच दिवसीय दीपोत्सव पर्व की शुरुआत पर लोगों ने घरों व दुकानों में आकर्षक विद्युत छटाएं बिखेरीं व फूलों से सजावटी की। शाम को दीप जलाए गए।
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रविवार को धनतेरस की नगर में रौनक रही। खासतौर पर बाजारों में विशेष तैयारियां थीं। सुबह से ही बाजार सजधज के साथ ग्राहकों का इंतजार करते नजर आए। दुकानों में खरीददारों के स्वागत के लिए सजावट की गई। आकर्षक विद्युत छटाएं बिखेरी गईं व दुकानों में फूलों की सजावट की गई। दोपहर तक बाजार ढीले रहे, इसके बाद भीड़ बढ़ना शुरू हुई। शाम को तो व्यापार चरम पर हुआ। सराफा, बर्तन, आटोमोबाइल, इलेक्ट्रानिक की दुकानें देर रात तक खुली रहीं और ग्राहकी की होती रही। धनतेरस पर बाजार से नया सामान खरीदकर घर ले जाने को शुभ माने जाने की मान्यता के चलते बाजार गुलजार रहे। हालांकि, त्योहार महंगाई के असर से सराबोर नजर आया। सराफा बाजार में ग्राहकों की भीड़ तो खूब जमा हुई, परंतु खरीददारी औसत रही। सोने की कीमतों में लगातार आ रही तेजी के चलते ज्यादातर लोगों ने सोना निवेश के उद्देश्य से खरीदा, जिसके चलते आभूषणों की बिक्री प्रभावित रही। गोल्ड कॉइन, बिस्किट आदि प्योर गोल्ड लोगों को खूब भाया। इसके अलावा चांदी की भी खरीददारी सामान्य रही।
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आटोमोबाइल्स सेक्टर में सामान्य कारोबार हुआ। पिछली बार के मुकाबले गाड़ियों की बिक्री में काई खास इजाफा नहीं हुआ। जेएमके आटोमोबाइल्स के चेयरमैन राकेश बघेल ने बताया कि लगभग पिछली साल के बराबर ही गाड़ियां बिकीं। तकरीबन चालीस चार पहिया व ढाई सौ दुपहिया वाहनों की बिक्री हुई। वहीं, तनिष्क पर सोने की बिक्री भी गत वर्ष की अपेक्षा नरम रही। वहीं, सूरी आटोमोबाइल्स के संचालक सुबोध सूरी ने बताया कि इस महीने में केवल धनतेरस पर ही बाजार चला। गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष मामूली बिक्री ठीक रही। ढाई सौ दुपहिया व पैंसठ चार पहिया वाहन बेचे गए। बर्तन कारोबारी राजीव नगरिया ने बताया कि बर्तन बाजार की ओवरऑल ग्राहकी कमजोर रही। धनतेरस पर बर्तन बाजार में उम्मीद के मुताबिक कारोबार नहीं हुआ। इलेक्ट्रानिक आइटम की बिक्री भी सामान्य रही।
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कारोबारी सूत्रों के अनुसार एक ही दिन नगर में तकरीबन ढाई सौ तिपहिया व चौपहिया वाहनों की बिक्री हुई। इसके अलावा आठ सौ दुपहिया वाहन बेचे गए। सोने - चांदी का लगभग छह करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। पर्व की परंपरा के निर्वहन पर लोगों ने एक ही दिन में करोड़ों रुपये खर्च किए। वहीं, धनतेरस पर पांच दिवसीय दीपोत्सव पर्व की शुरुआत पर लोगों ने घरों व दुकानों में आकर्षक विद्युत छटाएं बिखेरीं व फूलों से सजावटी की। शाम को दीप जलाए गए।