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डीसीएफ-2 फॉर्म 98 फीसदी कॉलेजों ने भरा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 May 2017 01:40 AM IST
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय
- फोटो : demo
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डाटा कैप्चर फॉर्म-2 (डीसीएफ-2) भरने में इस बार बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों का ग्राफ बहुत अच्छा रहा। फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 15 मई तक 98 फीसदी कॉलेजों ने डीसीएफ-2 भर दिया। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से इस बार फॉर्म में शिक्षकों के आधार कार्ड की भी डिटेल मांगी थी। अब यदि एक शिक्षक का आधार कार्ड नंबर दो या उससे अधिक कॉलेज में पाया जाता है, तो कार्रवाई हो सकती है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से चलाए जा रहे आल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजूकेशन पोर्टल पर विश्वविद्यालयों, डिग्री कॉलेजों को डीसीएफ-2 फॉर्म भरना होता है। पिछले साल तक शिक्षण संस्थानों से संसाधन, शिक्षक-छात्र अनुपात, आवंटित सीट, कर्मचारी, वेतन सहित तमाम बिंदुओं का ब्योरा मांगा जाता था। इस बार फॉर्म में शिक्षकों के आधार कार्ड का भी ब्योरा दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे तो कॉलेजों में हड़कंप मच गया था। सूत्रों की मानें तो कई कॉलेजों में एक-एक शिक्षक विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पंजीकृत हैं। इसी के चलते पिछले कुछ समय तक कई कॉलेज अपना ब्योरा देने से कतराते थे।
इस साल मंत्रालय ने फॉर्म न भरने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई की बात कही थी। इसका असर रहा कि बीयू से संबद्ध 98 प्रतिशत कॉलेजों ने डीसीएफ-2 फॉर्म भर दिया है। अब देखने वाली बात यह है कि जुगाड़ के शिक्षकों के भरोसे चल रहे कॉलेजों का क्या होता है। यदि एक शिक्षक का आधार नंबर दो या उससे अधिक कॉलेज में मिलता है, तो कार्रवाई की जा सकती है।
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से चलाए जा रहे आल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजूकेशन पोर्टल पर विश्वविद्यालयों, डिग्री कॉलेजों को डीसीएफ-2 फॉर्म भरना होता है। पिछले साल तक शिक्षण संस्थानों से संसाधन, शिक्षक-छात्र अनुपात, आवंटित सीट, कर्मचारी, वेतन सहित तमाम बिंदुओं का ब्योरा मांगा जाता था। इस बार फॉर्म में शिक्षकों के आधार कार्ड का भी ब्योरा दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे तो कॉलेजों में हड़कंप मच गया था। सूत्रों की मानें तो कई कॉलेजों में एक-एक शिक्षक विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पंजीकृत हैं। इसी के चलते पिछले कुछ समय तक कई कॉलेज अपना ब्योरा देने से कतराते थे।
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इस साल मंत्रालय ने फॉर्म न भरने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई की बात कही थी। इसका असर रहा कि बीयू से संबद्ध 98 प्रतिशत कॉलेजों ने डीसीएफ-2 फॉर्म भर दिया है। अब देखने वाली बात यह है कि जुगाड़ के शिक्षकों के भरोसे चल रहे कॉलेजों का क्या होता है। यदि एक शिक्षक का आधार नंबर दो या उससे अधिक कॉलेज में मिलता है, तो कार्रवाई की जा सकती है।
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