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गलत आदत और खानपान से बढ़ता है रक्तचाप
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गलत आदत और खानपान से बढ़ता है रक्तचाप
झांसी। आज कल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपने लिए वक्त ही नहीं निकाल पाते हैं। गलत खानपान की आदतों से हाइपर टेंशन या हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों को दावत देते है। इसे साइलेंट किलर बीमारी माना जाता है। आलम ये है कि इस बीमारी से हजारों लोग ग्रस्त हैं, जिसे जीवनशैली में थोड़े बदलाव से बचा जा सकता है।
डा. प्रवीण जैन ने बताया कि जागरूकता लाने के लिए हर साल 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मानाया जाता है। उच्च रक्तचाप या हाई बीपी की समस्या पिछले कुछ सालों में बढ़ी हैं और हृदय रोग, किडनी के निष्क्रिय होने जैसी अनेक समस्याओं के पीछे रक्तचाप अधिक होना प्रमुख वजह है। कई रोगियों को अधिक रक्तचाप का पता नहीं चलता। क्योंकि, इस बीमारी के कोई खास लक्षण नहीं होते। सिर में दर्द, देखने में दिक्कत, नींद सही से नहीं आने जैसी समस्याओं की जांच के लिए जब लोग जाते तो पता चलता है कि रक्तचाप बढ़ा हुआ है।
आंकड़ों के अनुसार 33 प्रतिशत शहरी और 27 प्रतिशत ग्रामीण आबादी उच्च रक्तचाप का शिकार हैं, जिसका अर्थ है कि हर तीसरा भारतीय इस समस्या का शिकार है। यह लोगों की मृत्यु की भी बड़ी वजह है। पिछले कुछ सालों में बदली जीवनशैली ने लोगों में हाइपर टेंशन को बढ़ाया है। इनमें शारीरिक व्यायाम की कमी, अधिक नमक और बसा वाला जंक फूड, मदिरापान और तंबाकू के सेवन और मानसिक तनाव आदि कारण हो सकते हैं।
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झांसी। आज कल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपने लिए वक्त ही नहीं निकाल पाते हैं। गलत खानपान की आदतों से हाइपर टेंशन या हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों को दावत देते है। इसे साइलेंट किलर बीमारी माना जाता है। आलम ये है कि इस बीमारी से हजारों लोग ग्रस्त हैं, जिसे जीवनशैली में थोड़े बदलाव से बचा जा सकता है।
डा. प्रवीण जैन ने बताया कि जागरूकता लाने के लिए हर साल 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मानाया जाता है। उच्च रक्तचाप या हाई बीपी की समस्या पिछले कुछ सालों में बढ़ी हैं और हृदय रोग, किडनी के निष्क्रिय होने जैसी अनेक समस्याओं के पीछे रक्तचाप अधिक होना प्रमुख वजह है। कई रोगियों को अधिक रक्तचाप का पता नहीं चलता। क्योंकि, इस बीमारी के कोई खास लक्षण नहीं होते। सिर में दर्द, देखने में दिक्कत, नींद सही से नहीं आने जैसी समस्याओं की जांच के लिए जब लोग जाते तो पता चलता है कि रक्तचाप बढ़ा हुआ है।
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आंकड़ों के अनुसार 33 प्रतिशत शहरी और 27 प्रतिशत ग्रामीण आबादी उच्च रक्तचाप का शिकार हैं, जिसका अर्थ है कि हर तीसरा भारतीय इस समस्या का शिकार है। यह लोगों की मृत्यु की भी बड़ी वजह है। पिछले कुछ सालों में बदली जीवनशैली ने लोगों में हाइपर टेंशन को बढ़ाया है। इनमें शारीरिक व्यायाम की कमी, अधिक नमक और बसा वाला जंक फूड, मदिरापान और तंबाकू के सेवन और मानसिक तनाव आदि कारण हो सकते हैं।
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