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न खाता, न बही, जो नर्सिंग होम करें वो सही-City
Updated Sun, 06 Aug 2017 07:08 PM IST
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न खाता, न बही, जो नर्सिंग होम करें वो सही
- 120 अस्पताल में सिर्फ 462 स्टाफ तैनात
- कई अस्पतालों में नहीं हैं प्रशिक्षित कर्मचारी
- आरटीआई के जवाब में सामने आई हकीकत
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी
महानगर के ज्यादातर नर्सिंगहोम में न तो मानक के मुताबिक पर्याप्त डाक्टर हैं, न ही प्रशिक्षित नर्स और कर्मचारी। हालत ये है कि कुल 120 नर्सिंगहोम में स्टाफ के नाम पर सिर्फ 391 डाक्टर और 462 कर्मचारी हैं। इनमें से ज्यादातर प्रशिक्षित नहीं हैं। जाहिर है कि मरीजों के सटीक इलाज के इंतजाम नहीं हैं। यह स्थिति बेहद भयावह है।
नर्सिंग होमों द्वारा मानकों को दरकिनार करने का यह एक और मामला सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी में सामने आया है। नीतेश शर्मा ने अप्रैल 2017 में मुख्य चिकित्सा अधिकारी से आरटीआई में नर्सिंगहोमों, इनमें तैनात डॉक्टरों की संख्या के अलावा स्टाफ, उनका पदनाम, डिग्री-डिप्लोमा, नियुक्ति अधिकारी और वेतन आदि का ब्योरा मांगा था। 26 जुलाई को सीएमओ के जवाब में खुलासा हुआ कि महानगर के 120 नर्सिंग होम में 391 डॉक्टर हैं स्टाफ के नाम पर सिर्फ 462 लोग हैं। नर्सिंग काउंसिल ऑफ इंडिया (एनसीआई) के मानक अनुसार जिन नर्सिंग होम में आईसीयू है, वहां हर दो बेड पर एक स्टाफ नर्स होनी चाहिए। वहीं, जनरल वार्ड में छह बेड पर एक स्टाफ नर्स तैनात होनी चाहिए। जिन अस्पतालों में प्रयोगशाला है, वहां लैब टेक्नीशियन जरूरी है। जहां एक्सरे मशीन है, वहां रेडियालॉजी टेक्नीशियन होना चाहिए। नर्सिंग होमों की संख्या की तुलना कार्यरत स्टाफ से की जाए, तो औसतन चार कर्मचारी भी नहीं हैं। चूंकि, अधिकतर अस्पतालों के जनरल वार्ड में 24 या उससे अधिक बेड हैं, इसलिए चार या उससे ज्यादा स्टाफ नर्स तो वार्ड में ही चाहिए। आईसीयू, ओटी का स्टाफ तो दूर की बात है। ऐसे में एनसीआई के मानकों पर चुनिंदा अस्पताल ही स्टाफ के मामले में खरे उतर रहे हैं।
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बॉक्स..
प्रशिक्षित भी नहीं है स्टाफ
अधिकतर अस्पतालों में प्रशिक्षित स्टाफ भी नहीं है। दरअसल नर्सिंग होम संचालकों ने आरटीआई में मांगी गई सूचना के मुताबिक स्टाफ से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारी ही नहीं दी। पदनाम, डिग्री, डिप्लोमा, नियुक्ति अधिकारी, वेतन, बैंक खाते में भुगतान करते हैं या नहीं, इसकी सूचना भी नहीं दी गई है। इन सूचनाओं के लिए 2 अगस्त को फिर से आरटीआई डाली गई है।
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वर्जन..
मानक पूरे नहीं तो कार्रवाई तय
अस्पताल और वहां तैनात स्टाफ के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी जाएगी। जिन अस्पतालों में कमी मिलती है, उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे।
- डॉ. एसबी मिश्रा, अपर निदेशक (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण)