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सूक्ष्म जीवों के अध्ययन में रुचि तो बनें माइक्रोबायोलॉजिस्ट

Wed, 15 May 2019 12:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 15 May 2019 12:39 AM IST
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सूक्ष्म जीवों के अध्ययन में रुचि तो बनें माइक्रोबायोलॉजिस्ट
सूक्ष्म जीवों के अध्ययन में रुचि तो बनें माइक्रोबायोलॉजिस्ट
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झांसी। विज्ञान के क्षेत्र में लगातार विकास होने की वजह से माइक्रोबायोलॉजी के क्षेत्र में नौकरी के कई अवसर खुले हैं। माइक्रोबायोलॉजी की फील्ड में सूक्ष्मजीवों का अध्ययन किया जाता है। बायोलॉजी और केमिस्ट्री के मेल से बनी विज्ञान की यह शाखा छात्र-छात्राओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है। इस क्षेत्र में सूक्ष्म जीवाणुओं पर शोध किया जाता है। इन सूक्ष्मजीवों को हम सिर्फ माइक्रोस्कोप के जरिये ही देख सकते हैं।

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में ‘अमर उजाला’ छात्र-छात्राओं को नए-नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी दे रहा है। आज आपको बीयू में संचालित माइक्रोबायोलॉजी कोर्स के बारे में संपूर्ण ब्योरा दिया जा रहा है। माइक्रोबायोलॉजी ऐसा क्षेत्र है, जिसमें विशेषज्ञता हासिल करने के बाद ही आगे बढ़ा जा सकता है।
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दरअसल, माइक्रोबायोलॉजी का इस्तेमाल स्वास्थ्य, पर्यावरण, सेवाओं और कृषि जैसे कई क्षेत्रों में होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात इस क्षेत्र से जुड़ी है कि अगर आप में शोध करने की प्रवृत्ति है, तब यह क्षेत्र आपको और भी अच्छा लगेगा। इसके अंतर्गत फिजियोलॉजी ऑफ माइक्रोब्स, माइक्रोब्स की जैविक संरचना, एग्रीकल्चर माइक्रोबायोलॉजी, फूड माइक्रोबायोलॉजी, बायोफर्टिलाइजर में माइक्रोब्स, कीटनाशक, पर्यावरण, मानवीय बीमारियों आदि में सूक्ष्म जीवों का अध्ययन किया जाता है।
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बीयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ऋषि सक्सेना ने बताया कि पर्यावरण में हम जो कीटनाशक का इस्तेमाल करते हैं, उससे उत्पन्न प्रदूषण को ये सूक्ष्मजीव ही नियंत्रित करते हैं। इसके अलावा दवाओं का निर्माण, कीटनाशकों का निर्माण, विभिन्न खाद्य उत्पादों आदि में सूक्ष्मजीवों का अध्ययन भी किया जाता है।

पर्यावरण का क्षेत्र हो या पर्यावरण संतुलन का, खाद्य संरक्षण, दवाओं के उद्योग विशेषकर एंटीबायोटिक, फैक्ट्रियों, मेडिकल क्षेत्र, कृषि उत्पादन, पेय पदार्थों के निर्माण, रसायन फैक्ट्रियों, सुगंध बनाने आदि में इसका काफी उपयोग है। माइक्रोबायोलॉजिस्ट के रूप में आप किसी वैज्ञानिक के साथ शोध कार्य कर सकते हैं। साथ ही अस्पताल, लेबोरेट्री, क्लीनिक, विश्वविद्यालय, निजी या सरकारी क्षेत्र, फार्मास्यूटिकल, डेयरी प्रोडक्ट्स, शिक्षण आदि क्षेत्रों में जुड़ सकते हैं।

विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य भी कर सकते हैं। बायोटेक एवं बायोप्रोसेस, संबंधी उद्योग के अलावा विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में भी रोजगार के अवसर हैं। यह क्षेत्र शोध पर आधारित है, इसलिए काफी मेहनत और समय की जरूरत होती है।


बीयू में ऑनलाइन आवेदन शुरू
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में प्रवेश की होड़ शुरू हो चुकी है। प्रवेश परीक्षा वाले कैंपस कोर्सों में बिना विलंब शुल्क के ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 मई है। वहीं, 600 रुपये विलंब शुल्क के साथ 30 मई तक आवेदन किया जा सकता है। जबकि, सीधे प्रवेश वाले कोर्सों के फॉर्म 15 जून तक भरे जा सकते हैं। वहीं, 300 रुपये विलंब शुल्क के साथ 20 जून तक आवेदन किया जा सकता है। इस बार भी प्रवेश परीक्षा झांसी के अलावा ग्वालियर, लखनऊ, इलाहाबाद, छतरपुर और गाजियाबाद में होगी।
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