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रोशन होंगे 759 मजरे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Jan 2017 12:39 AM IST
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bitut bibhag, jhansi news
- फोटो : demo
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सौ से पांच सौ तक की आबादी वाले जिले के 759 मजरों को बिजली से रोशन करने की तैयारी कर ली गई है। इन मजरों का चयन केंद्र सरकार की दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत किया गया है। इनकी सूची दक्षिणाचंल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय भेज दी गई है।
आजादी के छह दशक बाद भी तमाम गांवों में अब तक बिजली नहीं पहुंची है। जिले में ऐसे 759 मजरे चिह्नित किए गए हैं। इनका चयन जनप्रतिनिधियों के माध्यम से किया गया है। इन गांवों में केंद्र सरकार की पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत बिजली पहुंचाने की नीति तैयार की है। यहां तैयार की गई यह सूची विद्युत विभाग ने दक्षिणाचंल विद्युत वितरण निगम के आगरा स्थित मुख्यालय भेज दी है।
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) संदीप अग्रवाल ने बताया कि सूची में शामिल मजरों का पहले सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद इस्टीमेट तैयार होगा। बजट मिलने पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
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94 गांवों में अभी भी अंधेरा
राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत बारहवीं पंचवर्षीय योजना में जनपद के पांच सौ से अधिक आबादी वाले 794 गांवों को चयन किया गया था। इस योजना पर पिछले दस सालों से काम चल रहा है, लेकिन अभी तक 700 गांवों तक ही बिजली पहुंचाने का काम हो सका है। बजट के अभाव में अभी भी 94 गांवों तक बिजली नहीं पहुंच सकी है।
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आजादी के छह दशक बाद भी तमाम गांवों में अब तक बिजली नहीं पहुंची है। जिले में ऐसे 759 मजरे चिह्नित किए गए हैं। इनका चयन जनप्रतिनिधियों के माध्यम से किया गया है। इन गांवों में केंद्र सरकार की पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत बिजली पहुंचाने की नीति तैयार की है। यहां तैयार की गई यह सूची विद्युत विभाग ने दक्षिणाचंल विद्युत वितरण निगम के आगरा स्थित मुख्यालय भेज दी है।
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बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) संदीप अग्रवाल ने बताया कि सूची में शामिल मजरों का पहले सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद इस्टीमेट तैयार होगा। बजट मिलने पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
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94 गांवों में अभी भी अंधेरा
राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत बारहवीं पंचवर्षीय योजना में जनपद के पांच सौ से अधिक आबादी वाले 794 गांवों को चयन किया गया था। इस योजना पर पिछले दस सालों से काम चल रहा है, लेकिन अभी तक 700 गांवों तक ही बिजली पहुंचाने का काम हो सका है। बजट के अभाव में अभी भी 94 गांवों तक बिजली नहीं पहुंच सकी है।