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डिफेंस कॉरिडोर में 59 फीसदी जमीन झांसी की
Sun, 17 Feb 2019 01:27 AM IST
देवेंद्र कुमार
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Sun, 17 Feb 2019 01:27 AM IST
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उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की आधारशिला रखे जाने के बाद इसके काम में तेजी आ जाएगी और अप्रैल तक जमीन की खरीद प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। कॉरिडोर छह जिलों में फैलेगा, इसमें भी सबसे अधिक जमीन (59 फीसदी) झांसी जिले में चिह्नित की गई है। माना जा रहा है कि डिफेंस कॉरिडोर का सबसे अधिक लाभ जिले को होगा।
भारत सरकार की रक्षा नीति के दिशा-निर्देशों के अनुसार उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को डिफेंस कॉरिडोर (रक्षा गलियारा) का नोडल एजेंसी बनाया गया है। रक्षा गलियारा के लिए सबसे अधिक जमीन गरौठा तहसील के दस गांवों में 3025 हेक्टेयर चिह्नित कर उसके अधिग्रहण की तैयारी की जा रही है। सरकार का मकसद बुंदेलखंड का विकास कराना है, इसलिए रक्षा गलियारा के लिए सबसे अधिक जमीन यहां चिह्नित की गई है। इसके अलावा कानपुर जिला की एक हजार हेक्टेयर (20 प्रतिशत), आगरा जिला की 300 हेक्टेयर (06 प्रतिशत), अलीगढ़ जिला की 45.84 हेक्टेयर (01 प्रतिशत), चित्रकूट जिला की 500 हेक्टेयर (10 प्रतिशत) व लखनऊ जिला की 200 हेक्टेयर (04 प्रतिशत) जमीन ली जाएगी। कुल 5071.19 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण (खरीद) पर 3275.34 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जमीन की खरीद प्रक्रिया अप्रैल तक पूरी हो जाएगी।
जमीन का चयन करते समय इस बात का ध्यान रखा गया है कि जमीन से सड़क, रेल और वायु यातायात सुचारु रहे व इंफ्रास्ट्रक्चर (बिजली, पानी और जमीन) सक्षम और मजबूत हो। आगरा रेल और वायु मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। लखनऊ एक्सप्रेस-वे से आगरा और लखनऊ के बीच बेहतर सड़क मार्ग है। आगरा से अलीगढ़ और झांसी से जुड़ा है और यमुना एक्सप्रेस वे से दिल्ली से जुड़ा है। इसी तरह लखनऊ भी रेल और वायु मार्ग से जुड़ा है। आगरा और कानपुर से भी सीधा जुड़ा है। चित्रकूट रेल सेवा से जुड़ा है, निकटतम हवाई अड्डा बमरौली (प्रयागराज) यहां से 200 किलोमीटर है। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में हवाई अड्डा बनाने को कहा है और इस पर जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है। इसी तरह झांसी भी रेल सेवा से जुड़ा है, यहां पर हवाई अड्डा प्रस्तावित है और प्रक्रिया जारी है। अलीगढ़ सड़क मार्ग से दिल्ली और आगरा से जुड़ा है। आगरा में हवाई अड्डा है ही, जेवर में भी हवाई अड्डा प्रस्तावित है। कानपुर में चकेरी हवाई अड्डा है। कुल मिलाकर डिफेंस कॉरिडोर के लिए चिह्नित सभी जिलों में हवाई अड्डा बनाया जाएगा।
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भारत सरकार की रक्षा नीति के दिशा-निर्देशों के अनुसार उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को डिफेंस कॉरिडोर (रक्षा गलियारा) का नोडल एजेंसी बनाया गया है। रक्षा गलियारा के लिए सबसे अधिक जमीन गरौठा तहसील के दस गांवों में 3025 हेक्टेयर चिह्नित कर उसके अधिग्रहण की तैयारी की जा रही है। सरकार का मकसद बुंदेलखंड का विकास कराना है, इसलिए रक्षा गलियारा के लिए सबसे अधिक जमीन यहां चिह्नित की गई है। इसके अलावा कानपुर जिला की एक हजार हेक्टेयर (20 प्रतिशत), आगरा जिला की 300 हेक्टेयर (06 प्रतिशत), अलीगढ़ जिला की 45.84 हेक्टेयर (01 प्रतिशत), चित्रकूट जिला की 500 हेक्टेयर (10 प्रतिशत) व लखनऊ जिला की 200 हेक्टेयर (04 प्रतिशत) जमीन ली जाएगी। कुल 5071.19 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण (खरीद) पर 3275.34 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जमीन की खरीद प्रक्रिया अप्रैल तक पूरी हो जाएगी।
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जमीन का चयन करते समय इस बात का ध्यान रखा गया है कि जमीन से सड़क, रेल और वायु यातायात सुचारु रहे व इंफ्रास्ट्रक्चर (बिजली, पानी और जमीन) सक्षम और मजबूत हो। आगरा रेल और वायु मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। लखनऊ एक्सप्रेस-वे से आगरा और लखनऊ के बीच बेहतर सड़क मार्ग है। आगरा से अलीगढ़ और झांसी से जुड़ा है और यमुना एक्सप्रेस वे से दिल्ली से जुड़ा है। इसी तरह लखनऊ भी रेल और वायु मार्ग से जुड़ा है। आगरा और कानपुर से भी सीधा जुड़ा है। चित्रकूट रेल सेवा से जुड़ा है, निकटतम हवाई अड्डा बमरौली (प्रयागराज) यहां से 200 किलोमीटर है। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में हवाई अड्डा बनाने को कहा है और इस पर जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है। इसी तरह झांसी भी रेल सेवा से जुड़ा है, यहां पर हवाई अड्डा प्रस्तावित है और प्रक्रिया जारी है। अलीगढ़ सड़क मार्ग से दिल्ली और आगरा से जुड़ा है। आगरा में हवाई अड्डा है ही, जेवर में भी हवाई अड्डा प्रस्तावित है। कानपुर में चकेरी हवाई अड्डा है। कुल मिलाकर डिफेंस कॉरिडोर के लिए चिह्नित सभी जिलों में हवाई अड्डा बनाया जाएगा।
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