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500 परिवारों के लिए फिर मुसीबत बनेगी बारिश

Mon, 20 Jun 2016 01:13 AM IST
Jhansi
Jhansi Updated Mon, 20 Jun 2016 01:13 AM IST
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500 families will be trouble again for rain
500 परिवारों के लिए फिर मुसीबत बनेगी बारिश - फोटो : demo
झांसी। नकटा चौपड़ा स्थित शीतल कॉलोनी के  कोई 500 परविारों के लिए बारिश फिर मुसीबत बनकर आएगी। यहां ऊंची-नीची नालियां बेतरतीब ढंग से बना दी गई हैं और उनकी नियमित सफाई नहीं होने के कारण वे चोक हो गई हैं। पूरी कॉलोनी में कहीं ढाल है तो कहीं ऊंचाई। यहां के लोगों ने कई बार नगर निगम में गुहार की, लेकिन कुछ नहीं हुआ।  
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मानसून आने वाला है। एक बार फिर फिल्टर रोड पर स्थित मोहल्ला नकटा चौपड़ा के निवासियों को जल भराव की चिंता सताने लगी है। हर साल वर्षा होने पर यहां की नालियां उफना जाती हैं और घरों में गंदा पानी भर जाता है। नालियां बजबजा रही हैं और तेज बहाव वाले पानी की निकासी उचित ढंग से न होने के कारण ही यहां यह स्थिति बनती है। यहां के लोगों का कहना है कि नगर निगम और जल संस्थान पर पाइप लाइन गलत ढंग से बिछाई हैं जिनके कारण समस्या और विकट हो गई है।
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घरों में भरता है गंदा पानी
नकटा चौपड़ा में सलीम बिल्डिंग मैटेरियल के बगल वाली गली में रहती हैं मालती नामदेव। लगभग 17 वर्ष पूर्व उन्होंने यहां मकान बनाया था। पहले मकान ऊंचाई पर था और रास्ता नीचे। बाद में कई बार सड़क बनी और वर्तमान में वहां एपेक्स बिछाए गए। अब नालियां ऊंची हो गईं और मकान का दरवाजा नीचे। बरसात में नालियों का पानी घर में घुस जाता है। इससे काफी परेशानी होती है।
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नालियों की नहीं होती सफाई
 विवेक तिवारी का कहना है कि नगर निगम की महिला हवलदार आए दिन यहां के सफाई कर्मियाें को बदल देती है। इससे यहां की नालियों की सफाई नियमित नहीं हो पाती और गंदगी बजबजाती रहती है। बरसात होने पर नालियां उफना जाती हैं और गंदा पानी घरों में भर जाता है। कई बार अधिकारियों को लिखा, मगर आज तक जल भराव की समस्या का निदान नहीं हो सका।

पाइप लाइन भी करती है नालियां चोक
 रिंकू वर्मा बताते हैं कि जल संस्थान की पाइप कुछ इस तरह बिछाई गई है कि बरसात में बहने वाले पानी के साथ आई गंदगी इन पाइप के बीच फंस जाती है और नालियां अवरुद्ध हो जाती हैं। यदि पाइप लाइन को नालियों से हटाकर दूसरी जगह बिछाया जाए तो पानी की निकासी होने लगेगी।

खुद दी नालियों को ढाल
 राकेश कुशवाहा का कहना है कि घरों में जब पानी भर जाता है तो निजी संसाधनों से उसे बाहर निकालना पड़ता है। ऐसे में संक्रामक रोगों के होने का खतरा भी होता है और घराें में गंदगी भर जाती है। उधर, नगर निगम कभी भी इस समस्या के  स्थाई समाधान का प्रयास नहीं करता। इसलिए हम लोगों ने ही नालियों को ढाल देने के लिए स्थानीय स्तर पर कुछ काम किया है, ताकि बरसात में ज्यादा परेशानी न हो।


जलभराव के हैं कारण
- ऊंची-नीची बनी नालियों में नहीं उचित ढाल
- नालियों की नहीं होती नियमित सफाई
- पाइप लाइन भी करती है पानी का बहाव अवरुद्ध
- सड़क घरों से ऊंचाई पर बनी है

सुझाव
- नालियों को दी जाए उचित ढाल
- नियमित हो सफाई, ताकि पानी का बहाव सही रहे
- जल संस्थान पाइप लाइनों को नालियों से हटाए
- सड़कों को समतलीकरण कर बनाया जाए

बरसात से पहले ही सभी नालियों को साफ करा दिया जाएगा। साथ ही क्षेत्र में जल भराव होने की स्थिति में पंप के जरिए पानी भी निकाला जाएगा। किसी को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। क्षेत्रवासी बस सूचना समय पर दें।’
रोहन सिंह
अपर नगर आयुक्त
नगर निगम
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