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दुकान मालिक बनने को राजी नहीं 425 सिकमी किरायेदार

Tue, 31 Aug 2021 01:35 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 31 Aug 2021 01:35 AM IST
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425 Sikki tenant not ready to become shop owner
झांसी। नगर निगम की दुकानों पर काबिज करीब सवा चार सौ सिकमी किरायेदार दुकानों को अपने नाम पर लेने को राजी नहीं हो रहे हैं। नगर निगम इनको सर्किल रेट के मुताबिक नियमित करने को राजी है, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी कोई दुकानदार सामने नहीं आया। निगम अफसरों ने भी इसमें कोई दिचलस्पी नहीं दिखाई। इसके चलते नगर निगम की झोली खाली है।
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पूरे शहर में नगर निगम की करीब 1200 दुकानें हैं। यह दुकानें इलाइट चौराहा, जीवनशाह तिराहा, सुभाषगंज समेत कई प्राइम लोकेशन पर हैं। इनमें से करीब सवा चार सौ दुकानदार ऐसे हैं जिनके नाम दुकानें नहीं हैं। इन सिकमी किरायेदारों ने निगम के आवंटियों से दुकानें किराये पर ली हैं। निगम के आवंटी नगर निगम को बेहद मामूली किराया चुकाते हैं जबकि सिकमी किरायेदारों से मोटी रकम वसूलते हैं। कई आवंटियों ने निगम की अनुमति लिए बगैर लाखों रुपये लेकर दुकानें तक बेच डालीं। अब किराये के नाम पर सरकारी खजाने को लगातार चपत लग रही है। ऐसे में पिछले वर्ष इन सिकमी किरायेदारों को ही नियमित कर देने का फैसला हुआ। निर्णय लिया गया कि सर्किल रेट के मुताबिक पैसा जमा करने पर सिकमी किरायेदार को नगर निगम का किरायेदार माना जाएगा। नगर निगम को मोटी आय होने की उम्मीद थी, लेकिन निगम अफसरों ने कोई दिचलस्पी ही नहीं ली। सर्किल रेट से बचने के लिए सिकमी किरायेदार भी सामने नहीं आ रहे हैं। इस वजह से नगर निगम के खजाने को सालाना मोटी चपत लग रही है। संपत्ति अधिकारी एनएन वाजपेई का कहना है कई सिकमी किरायेदारों ने संपर्क किया लेकिन, अभी तक पैसा जमा नहीं हुआ है।
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जुर्माना वसूलने में निगम प्रशासन फिसड्डी
नगर निगम की जिन दुकानों में तोड़फोड़ करके नई दुकानें बना लीं। कई दुकानों में बेसमेंट बनाकर उसका इस्तेमाल शुरू कर दिया गया लेकिन, निगम के किराए में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई। ऐसे दुकानदारों से पचास हजार रुपया जुर्माना वसूलने का भी निर्णय हुआ था लेकिन, इनसे भी कोई जुर्माना नहीं वसूला जा सका। निगम प्रशासन के पास ऐसी दुकानों का भी कोई आकड़ा नहीं है।
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