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सभी निकायों में बनेगा जैविक उत्पाद मार्केट-Cordination

Wed, 30 May 2018 07:15 PM IST
Updated Wed, 30 May 2018 07:15 PM IST
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सभी निकायों में बनेगा जैविक उत्पाद मार्केट-Cordination
फोटो - सिंगल कालम
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सभी नगरों में बनेंगे जैविक उत्पाद मार्केट
झांसी व चित्रकूट धाम मंडल की खरीफ उत्पादन गोष्ठी में बोले कृषि विभाग के प्रमुख सचिव
-किसानों को खेत तालाब योजना के साथ पंपसेट व स्प्रिंकलर भी मिलेगा
उमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ऑडीटोरियम में झांसी और चित्रकूटधाम मंडल की खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के सभी नगरों में जैविक उत्पाद मार्केट बनाया जाएगा। इसके लिए नगर विकास विभाग से पत्राचार चल रहा है। जिलाधिकारी इसे आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे। योजना का मकसद जैविक खेती के उत्पादों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि जो जिले पांच सौ से लेकर एक हजार वर्ग फिट जमीन पहले उपलब्ध करा देंगे, वहां पहले जैविक बाजार बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है कि जल्दी से जल्दी सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में जमीन उपलब्ध करा दी जाए। जमीन तो निकायों की ही रहेगी, लेकिन इस जमीन पर जैविक उत्पादों का मार्केट तैयार किया जाएगा, जहां पर जैविक गेहूं, दाल, चावल समेत अन्य उत्पाद बेचे जा सकेंगे। इससे न केवल जैविक खेती करने को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जैविक खेती के प्रति लोगों का रुझान भी बढ़ेगा तो इसके परिणाम बेहतर आएंगे। यह अभियान जिलाधिकारी के माध्यम से चलेगा।
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उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में 10 हजार खेत तालाब खोदे गए हैं। अब इस योजना में खेत तालाब बनाने वाले किसान को पंप सेट के साथ-साथ स्प्रिंकलर सेट भी दिया जाएगा, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े। बुंदेलखंड के जिलों में सभी बीजों पर 80 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। यदि किसान क्लस्टर बनाकर काम करेंगे तो उन्हें फायदा होगा। 50-50 किसानों के ग्रुप बनाकर अपनी जमीन के चारों ओर बायो फेंसिंग करेें। इसमें फेंसिंग के लिए तारों की जगह करौंदा, बेर और बांस जैसे पौधे लगाए जाएं, इससे न केवल किसानों को आय होगी, बल्कि छुट्टा जानवर से फसलें भी सुरक्षित रहेंगी। ग्रुप में किसानों को ट्रैक्टर, कृषि यंत्र और अन्य जरूरी संसाधनों पर आसानी से ऋण भी मिल सकेगा। इससे यह फायदा होगा कि जो किसान आर्थिक तंगी की वजह से ट्रैक्टर या अन्य कृषि उपकरण नहीं खरीद पाते हैं, वह आसानी से खरीद सकेंगे। उन्होंने कहा कि मिट्टी के नमूनों की जांच के लिए 15 जून तक अभियान चलेगा। अबकी बार के अभियान की खास बात यह होगी कि ग्राम प्रधान यह लिखकर देंगे कि उनके गांव से मिट्टी के नमूने लिए जा चुके हैं।
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21 जून से किसान पाठशालाएं
प्रमुख सचिव ने कहा कि 21 जून से किसान पाठशालाएं लगाई जाएंगी। पिछले साल की तुलना में अबकी बार पाठशालाएं और बेहतर होंगी। किसानों को बताया जाएगा कि बीज का शोधन कैसे करते हैं। खेत में कितने खाद की जरूरत है।
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