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Jhansi News: केन को बेतवा से जोड़ेगी 220 किलोमीटर लंबी बरुआसागर कैनाल
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना (केबीएलपी) के जरिये 220 किलोमीटर लंबी बरुआसागर कैनाल बनाई जाएगी। इस कैनाल के माध्यम से ही केन नदी को बेतवा से जोड़ा जाएगा। झांसी में ही इसका आखिरी सिरा बरुआसागर में होगा। यहां से ही बुंदेलखंड के सभी बांधों को भरा जाएगा। सिंचाई अफसरों का कहना है कैनाल का निर्माण जल्द आरंभ होगा।
करीब पचास हजार करोड़ की लागत से प्रस्तावित केबीएलपी का कार्य अब जल्द ही आंरभ होने जा रहा है। कुछ दिन पहले ही तकनीकी टीम के सदस्यों के साथ बैठक के दौरान इसके कई कार्यों का खाका भी खींचा गया। सिंचाई अफसरों के मुताबिक बरुआसागर कैनाल की रूपरेखा भी तय हो गई है। करीब 220 किलोमीटर लंबी यह कैनाल पन्ना के दौधन बांध से आरंभ होगी। यहां से होते हुए यह झांसी आएगी और बरुआसागर झील में मिलेगी। यहां से यह पानी पारीछा के पास बेतवा में आएगा। इसके माध्यम से केन नदी को बेतवा से जोड़ा जाएगा। बारिश के समय जो पानी बह जाता है, वह पानी इसके जरिए झांसी के जलाशयों को भरा जाएगा।
परियोजना के जरिए झांसी मंडल के 23 जलाशयों को जोड़ने की योजना है। झांसी के सपरार, लखेरी, पथरई समेत आठ एवं महोबा के 15 जलाशयों को जोड़ा जाएगा। इसके अंतर्गत सपरार बांध, लखेरी बांध, पथरई बांध समेत स्यावरी झील, मगरवारा झील, कछनेव झील, मगरपुरा एवं अड़जार तालाब शामिल हैं। महोबा के उर्मिल बांध, मउवा तालाब, मझगंवा, कीरत सागर, बेलाताल, खैलारपुरा, दशरथपुरा, टीकामऊ, थाना, रायपुरा, कुलपहाड़, कमालपुरा, कल्याण सागर, बीजानगर एवं मदन सागर तालाब को भी जोड़ा जाएगा। सिंचाई अभियंताओं का कहना है कि इन जलाशयों के केबीएलपी से जुड़ने पर इनमें साल भर पानी रहेगा। इससे रबी सीजन में किसानों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा। मुख्य अभियंता देवेश शुक्ला का कहना है कि निर्माण कार्य आरंभ कराने की तैयारियां चल रही हैं। जल्द ही यह काम आरंभ होगा।
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झांसी। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना (केबीएलपी) के जरिये 220 किलोमीटर लंबी बरुआसागर कैनाल बनाई जाएगी। इस कैनाल के माध्यम से ही केन नदी को बेतवा से जोड़ा जाएगा। झांसी में ही इसका आखिरी सिरा बरुआसागर में होगा। यहां से ही बुंदेलखंड के सभी बांधों को भरा जाएगा। सिंचाई अफसरों का कहना है कैनाल का निर्माण जल्द आरंभ होगा।
करीब पचास हजार करोड़ की लागत से प्रस्तावित केबीएलपी का कार्य अब जल्द ही आंरभ होने जा रहा है। कुछ दिन पहले ही तकनीकी टीम के सदस्यों के साथ बैठक के दौरान इसके कई कार्यों का खाका भी खींचा गया। सिंचाई अफसरों के मुताबिक बरुआसागर कैनाल की रूपरेखा भी तय हो गई है। करीब 220 किलोमीटर लंबी यह कैनाल पन्ना के दौधन बांध से आरंभ होगी। यहां से होते हुए यह झांसी आएगी और बरुआसागर झील में मिलेगी। यहां से यह पानी पारीछा के पास बेतवा में आएगा। इसके माध्यम से केन नदी को बेतवा से जोड़ा जाएगा। बारिश के समय जो पानी बह जाता है, वह पानी इसके जरिए झांसी के जलाशयों को भरा जाएगा।
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परियोजना के जरिए झांसी मंडल के 23 जलाशयों को जोड़ने की योजना है। झांसी के सपरार, लखेरी, पथरई समेत आठ एवं महोबा के 15 जलाशयों को जोड़ा जाएगा। इसके अंतर्गत सपरार बांध, लखेरी बांध, पथरई बांध समेत स्यावरी झील, मगरवारा झील, कछनेव झील, मगरपुरा एवं अड़जार तालाब शामिल हैं। महोबा के उर्मिल बांध, मउवा तालाब, मझगंवा, कीरत सागर, बेलाताल, खैलारपुरा, दशरथपुरा, टीकामऊ, थाना, रायपुरा, कुलपहाड़, कमालपुरा, कल्याण सागर, बीजानगर एवं मदन सागर तालाब को भी जोड़ा जाएगा। सिंचाई अभियंताओं का कहना है कि इन जलाशयों के केबीएलपी से जुड़ने पर इनमें साल भर पानी रहेगा। इससे रबी सीजन में किसानों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा। मुख्य अभियंता देवेश शुक्ला का कहना है कि निर्माण कार्य आरंभ कराने की तैयारियां चल रही हैं। जल्द ही यह काम आरंभ होगा।
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