{"_id":"5b5cdcc74f1c1bac7d8b53b9","slug":"21532812487-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश थमने से बांध खाली,,,-City","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश थमने से बांध खाली,,,-City
Updated Sun, 29 Jul 2018 04:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पर्यटकों को माताटीला बांध के गेट खुलने का इंतजार
झांसी। बारिश थमने से माताटीला और राजघाट बांध का पानी स्थित होकर रह गया है। इससे पर्यटकों के लिए माताटीला बांध के गेट खुलने की उम्मीद फिलहाल खत्म हो गई है। गेटों के नहीं खुलने से बेतवा नदी सूखी पड़ी है। जिले में अभी तक 249 मिमी और ललितपुर में 215 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जनपद में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को वर्षा शून्य दर्ज की गई। ।
मध्य प्रदेश के भोपाल, विदिशा और प्रदेश के ललितपुर में झमाझम बरसात थमने से राजघाट, माताटीला समेत अन्य बांधों का जलस्तर भी ठहर गया है। माताटीला बांध का जलस्तर 1,012 फीट है और इस समय बांध में 996.60 फीट पानी है। इस हिसाब से बांध 15 फीट खाली चल रहा है। हालांकि, 1,006 फीट से ऊपर पानी होने पर गेट खोल दिए जाएंगे। बांध के गेट न खुलने के कारण यहां पर्यटकों की आवाजाही नहीं बढ़ पा रही हैं। गेट से छोड़े जाने वाले मनोरम दृश्य को देखने के लिए यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन अभी यह संख्या सैकड़ों में भी नहीं पहुंच पा रही हैं।
इधर, राजघाट बांध लगभग भरने के कगार है। इस बांध की कुल क्षमता 371.90 मीटर है और अभी तक बांध 367.05 मीटर भर गया है। अभी बांध में एक मीटर और पानी भरा जाएगा। इसके बाद आने वाले पानी को गेट खोल बेतवा नदी में छोड़ दिया जाएगा। राजघाट बांध से पानी छूटने पर माताटीला बांध को दो- तीन में पूर्ण क्षमता से भर जाएगा। मगर, राजघाट बांध का एक मीटर भरना भी अभी मुमकिन नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
मालूम हो कि, बेतवा नदी का पानी सबसे पहले ललितपुर जिले के राजघाट बांध में रोका जाता है। इस बांध से छूटा पानी माताटीला बांध को भरता है। माताटीला बांध से छोड़ा गया पानी सुकुंवां- ढुकुवां और पारीछा बांध से होता हुआ जालौन, हमीरपुर तक पहुंचता है। माताटीला बांध से पहूज बांध और दतिया के अंगूरी बैराज बांध को भी पानी दिया जाता है।
विज्ञापन
झांसी। बारिश थमने से माताटीला और राजघाट बांध का पानी स्थित होकर रह गया है। इससे पर्यटकों के लिए माताटीला बांध के गेट खुलने की उम्मीद फिलहाल खत्म हो गई है। गेटों के नहीं खुलने से बेतवा नदी सूखी पड़ी है। जिले में अभी तक 249 मिमी और ललितपुर में 215 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जनपद में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को वर्षा शून्य दर्ज की गई। ।
मध्य प्रदेश के भोपाल, विदिशा और प्रदेश के ललितपुर में झमाझम बरसात थमने से राजघाट, माताटीला समेत अन्य बांधों का जलस्तर भी ठहर गया है। माताटीला बांध का जलस्तर 1,012 फीट है और इस समय बांध में 996.60 फीट पानी है। इस हिसाब से बांध 15 फीट खाली चल रहा है। हालांकि, 1,006 फीट से ऊपर पानी होने पर गेट खोल दिए जाएंगे। बांध के गेट न खुलने के कारण यहां पर्यटकों की आवाजाही नहीं बढ़ पा रही हैं। गेट से छोड़े जाने वाले मनोरम दृश्य को देखने के लिए यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन अभी यह संख्या सैकड़ों में भी नहीं पहुंच पा रही हैं।
विज्ञापन
इधर, राजघाट बांध लगभग भरने के कगार है। इस बांध की कुल क्षमता 371.90 मीटर है और अभी तक बांध 367.05 मीटर भर गया है। अभी बांध में एक मीटर और पानी भरा जाएगा। इसके बाद आने वाले पानी को गेट खोल बेतवा नदी में छोड़ दिया जाएगा। राजघाट बांध से पानी छूटने पर माताटीला बांध को दो- तीन में पूर्ण क्षमता से भर जाएगा। मगर, राजघाट बांध का एक मीटर भरना भी अभी मुमकिन नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
मालूम हो कि, बेतवा नदी का पानी सबसे पहले ललितपुर जिले के राजघाट बांध में रोका जाता है। इस बांध से छूटा पानी माताटीला बांध को भरता है। माताटीला बांध से छोड़ा गया पानी सुकुंवां- ढुकुवां और पारीछा बांध से होता हुआ जालौन, हमीरपुर तक पहुंचता है। माताटीला बांध से पहूज बांध और दतिया के अंगूरी बैराज बांध को भी पानी दिया जाता है।