{"_id":"59a6c6474f1c1b44738b474e","slug":"21504101959-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गणेश उत्सव फाइल एक-City","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गणेश उत्सव फाइल एक-City
Updated Wed, 30 Aug 2017 07:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
बड़ाबाजार के रामलीला मंच पर बड़े गणेश
सबहेड: बुंदेलखंड के राजा कहकर संबोधित करते हैं श्रद्धालु
क्रासर
सुबह-शाम आरती में जुटती है काफी भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
शहर के बड़ाबाजार में बने रामलीला मंच पर विराजमान भगवान गजानन को बड़े गणेश कहा जाता है। यहां आने वाले कई श्रद्धालु इन्हें बुंदेलखंड का राजा कहकर भी जयकारे लगाते हैं। सुबह और शाम होने वाली आरती में यहां श्रद्धालुओं की काफी भीड़ एकत्र होती है।
रामलीला मंच पर पिछले 29 वर्षों से स्थापित होने वाली गणेश प्रतिमा के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। बडे़ गणेश की सेवा और पूजा में कोई कसर न छूटे, इसके लिए श्री बाल युवा गणेश सेवा समिति के सदस्य दिन-रात जुटे रहते हैं। समिति के सदस्य अरविंद गुप्ता बताते हैं कि भगवान गणेश को चांदी से बना सवा दो फुट का मुकुट, कान के कुंडल पहनाकर श्रृंगार किया जाता है। भगवान की प्रतिमा विशाल होने पर इन्हें बडे़ गणेश और बुंदेलखंड का राजा कहते हैं। हर वर्ष आशीर्वाद स्वरूप में ही प्रतिमा विराजमान की जाती है, साथ में चांवर चलाती ऋद्धि-सिद्धि की प्रतिमाएं रहती है।
समिति के सदस्य राधे राय ने बताया कि अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी, इसमें देवी-देवताओं के स्वरूप, शिवलिंग क ी झांकी प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बड़ाबाजार के रामलीला मंच पर बड़े गणेश
सबहेड: बुंदेलखंड के राजा कहकर संबोधित करते हैं श्रद्धालु
क्रासर
सुबह-शाम आरती में जुटती है काफी भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
शहर के बड़ाबाजार में बने रामलीला मंच पर विराजमान भगवान गजानन को बड़े गणेश कहा जाता है। यहां आने वाले कई श्रद्धालु इन्हें बुंदेलखंड का राजा कहकर भी जयकारे लगाते हैं। सुबह और शाम होने वाली आरती में यहां श्रद्धालुओं की काफी भीड़ एकत्र होती है।
रामलीला मंच पर पिछले 29 वर्षों से स्थापित होने वाली गणेश प्रतिमा के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। बडे़ गणेश की सेवा और पूजा में कोई कसर न छूटे, इसके लिए श्री बाल युवा गणेश सेवा समिति के सदस्य दिन-रात जुटे रहते हैं। समिति के सदस्य अरविंद गुप्ता बताते हैं कि भगवान गणेश को चांदी से बना सवा दो फुट का मुकुट, कान के कुंडल पहनाकर श्रृंगार किया जाता है। भगवान की प्रतिमा विशाल होने पर इन्हें बडे़ गणेश और बुंदेलखंड का राजा कहते हैं। हर वर्ष आशीर्वाद स्वरूप में ही प्रतिमा विराजमान की जाती है, साथ में चांवर चलाती ऋद्धि-सिद्धि की प्रतिमाएं रहती है।
विज्ञापन
समिति के सदस्य राधे राय ने बताया कि अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी, इसमें देवी-देवताओं के स्वरूप, शिवलिंग क ी झांकी प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेगा।
विज्ञापन