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ध्यानचंद: फाइल एक-City
Updated Tue, 29 Aug 2017 08:55 PM IST
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हैडिंग - भारत रत्न मिलने पर करेंगे धन्यवाद पदयात्रा
सब हेड - दद्दा की नगरी में ग्वालियर से चले पदयात्री तारक पारकर बोले
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
पैदल चलो स्वास्थ्य रहो, नशा छोड़ो खेलों से जुड़ो नारे के साथ तिरंगा लहराते हुए ग्वालियर से चले पदयात्री तारक पारकर मंगलवार को मेजर ध्यानचंद की नगरी में आए। उन्होंने अमर उजाला से कहा कि मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न मिलने के बाद वह दिल्ली से झांसी तक धन्यवाद पदयात्रा करेंगे।
बीते रविवार को ग्वालियर के कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम से 61 वर्ष के तारक पारकर ने पदयात्रा शुरू की थी, जो खेल दिवस पर मंगलवार को दिन महानगर पहुंचे। मेजर ध्यानचंद के चित्र की टी शर्ट पहने और हाथ में तिरंगा लिए तारक का राजकीय इंटर कालेज पर स्वागत अशोक ध्यानचंद, इशरत हुसैन, अशोक सेन पाली आदि पूर्व खिलाड़ियों व खेल प्रेमियों ने किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि वह पुलिस विभाग से सेवानिवृत है और 35 वर्ष में लगभग 25 हजार किलोमीटर पदयात्रा कर चुके है। 1978 में मेजर ध्यानचंद से मुलाकात हुई थी। मेजर ध्यानचंद महान खिलाड़ी है और वह भारत रत्न के हकदार है। उन्होंने कहा कि देश में खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन की जरूरत है। पदयात्रा दौरान वह ध्यानचंद स्टेडियम, सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट और इसके बाद दद्दा की समाधि स्थल हीरोज ग्राउंड पहुंचे। यहां पुष्प अर्पित करने के बाद उन्होंने पदयात्रा समाप्त की।
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सब हेड - दद्दा की नगरी में ग्वालियर से चले पदयात्री तारक पारकर बोले
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
पैदल चलो स्वास्थ्य रहो, नशा छोड़ो खेलों से जुड़ो नारे के साथ तिरंगा लहराते हुए ग्वालियर से चले पदयात्री तारक पारकर मंगलवार को मेजर ध्यानचंद की नगरी में आए। उन्होंने अमर उजाला से कहा कि मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न मिलने के बाद वह दिल्ली से झांसी तक धन्यवाद पदयात्रा करेंगे।
बीते रविवार को ग्वालियर के कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम से 61 वर्ष के तारक पारकर ने पदयात्रा शुरू की थी, जो खेल दिवस पर मंगलवार को दिन महानगर पहुंचे। मेजर ध्यानचंद के चित्र की टी शर्ट पहने और हाथ में तिरंगा लिए तारक का राजकीय इंटर कालेज पर स्वागत अशोक ध्यानचंद, इशरत हुसैन, अशोक सेन पाली आदि पूर्व खिलाड़ियों व खेल प्रेमियों ने किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि वह पुलिस विभाग से सेवानिवृत है और 35 वर्ष में लगभग 25 हजार किलोमीटर पदयात्रा कर चुके है। 1978 में मेजर ध्यानचंद से मुलाकात हुई थी। मेजर ध्यानचंद महान खिलाड़ी है और वह भारत रत्न के हकदार है। उन्होंने कहा कि देश में खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन की जरूरत है। पदयात्रा दौरान वह ध्यानचंद स्टेडियम, सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट और इसके बाद दद्दा की समाधि स्थल हीरोज ग्राउंड पहुंचे। यहां पुष्प अर्पित करने के बाद उन्होंने पदयात्रा समाप्त की।
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